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Bulandshahr: स्याना हिंसा कांड के आरोपी गैंगस्टर महबूब की संपत्ति कुर्क, 2018 में फूंक दी थी पुलिस चौकी
Bulandshahr News: डीएम के आदेश पर स्याना की एसडीएम प्रियंका गोयल और सीओ भास्कर मिश्रा ने गैंगस्टर बदमाश महबूब अली की 34.40 लाख रुपये की सम्पत्ति ढोल नगाड़े बजाकर कुर्क की है।
Bulandshahr News (Pic:Newstrack)
Bulandshahr News: यूपी के बुलंदशहर के स्याना में वर्ष 2018 में हुई हिंसा के आरोपी गौकश गैंगस्टर बदमाश महबूब अली पर डीएम सीपी सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम के आदेश पर स्याना की एसडीएम प्रियंका गोयल और सीओ भास्कर मिश्रा ने गैंगस्टर बदमाश महबूब अली की 34.40 लाख रुपये की सम्पत्ति ढोल नगाड़े बजाकर कुर्क की है। स्याना के सीओ भास्कर मिश्रा ने बताया कि महबूब अली पर अलग अलग थानों में 10 मुकदमें दर्ज है। 3 दिसंबर 2018 को स्याना में गौकशी की वारदात को लेकर भड़की हिंसा में दंगाइयों ने चिंगरावठी पुलिस चौकी और वहां खड़े दर्जनों वाहनों को फूंक दिया था और इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
गैंगस्टर गौकश पर डीएम ने की कार्रवाई
यूपी के योगी राज में बुलन्दशहर के डीएम सीपी सिंह का गैंगस्टर बदमाशो पर लगातार चाबुक चल रहा है। डीएम के आदेश के बाद रविवार को स्याना की उपजिलाधिकारी प्रियंका गोयल, स्याना के क्षेत्राधिकारी भास्कर मिश्रा, स्याना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र प्रताप, नरसेना के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार, ढोल नगाड़ों के साथ स्याना के शरीर गौकश गैंगस्टर बदमाश महबूब अली पुत्र अब्दूल मारुफ निवासी मौ0 चौधरियान कस्बा व थाना स्याना जनपद बुलन्दशहर की संपत्ति कुर्क करने पहुंचे। बाकायदा सार्वजनिक मुनादी कर गैंगस्टर बदमाश महबूब अली की 38.40 लाख रुपये कीमत के 2 प्लाट कुर्क कर लिए। सीओ ने बताया कि गौकशी जैसे जघन्य अपराध कारित कर अर्जित संपत्ति को कुर्क किया गया है। गैंगस्टर बदमाश महबूब के खिलाफ स्याना हिंसा सहित 10 मामले दर्ज है, जिनमे से अधिकांश गौकशी के है।
जानिए क्या था स्याना हिंसा काण्ड
बता दें कि 3 दिसंबर 2018 को बुलंदशहर जनपद की स्याना कोतवाली क्षेत्र में गोवंश अवशेष मिलने के बाद हिंदूवादी संगठन भड़क गए थे और स्याना में गोकशी की वारदात के बाद हिंसा भड़क गई। जिसमें दंगाइयों ने चिंगरावठी पुलिस चौकी को फूंक डाला था, पुलिस चौकी पर खड़े दर्जनों वाहनों को आग लगा दी थी। बलवे के दौरान दंगाइयों की गोली लगने से इंस्पेक्टर सुबोध कुमार और एक युवक सुमित की मौत हो गई थी।
दंगाई इतने उग्र थे कि पुलिस कर्मियों ने बामुश्किल भाग कर जान बचाई थी, तो कुछ पुलिसकर्मियों ने खुद को पुलिस चौकी के अंदर बंद कर अपनी जान बचाई थी। हालांकि पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुछ को न्यायालय से जमानत मिल गई, जब कि कई आरोपी जेल में बंद है। स्याना हिंसा काण्ड का मामला न्यायालय में विचाराधीन है।