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Jhansi News: हेल्थ एण्ड वेलनेस केन्द्रों को पंचायती राज संस्थाओं से जोड़ा जाए: मुख्य सचिव

Jhansi News: मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज के लिए रिक्रूटमेन्ट एवं उपकरण की आपूर्ति की भी समानान्तर कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये।

B.K Kushwaha

B.K KushwahaWritten By B.K KushwahaPallavi SrivastavaPublished By Pallavi Srivastava

Published on 29 July 2021 1:18 AM GMT

Progress review meeting held
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प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित pic(social media)

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Jhansi News: भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा चल रही योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए सरकार सक्रिय है। इसी क्रम में प्रगति समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जिन क्लस्टर्स में आच्छादन औसत से कम है, उनको चिन्हित कर वहां पर विशेष कैम्प लगवाकर शत-प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनवाये जायें।

साथ ही मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज के लिए रिक्रूटमेन्ट एवं उपकरण की आपूर्ति की भी समानान्तर कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक में आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड व वेलनेस सेन्टर, उ.प्र. इंस्टीट्यूट ऑफ फारेंसिक साइन्स की स्थापना, नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना, रायबरेली एवं गोरखपुर में एम्स की स्थापना, लखनऊ में अटल बिहारी बाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना, गोरखपुर में आयूष विश्वविद्यालय की स्थापना तथा आजमगढ़, अलीगढ़ एवं सहारनपुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की अद्यावधिक प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि कैम्प लगवाकर शत-प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनवाए जाएँ pic(social media)

आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड व वेलनेस सेन्टर

आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड की प्रगति समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि जिन क्लस्टर्स में आच्छादन औसत से कम है, उनको चिन्हित कर वहां पर विशेष कैम्प लगवाकर शत-प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनवाये जायें। उन्होंने कहा कि इस कार्य में ग्राम प्रधानों का भी सहयोग प्राप्त किया जाये तथा कैम्प आयोजन से पूर्व पर्याप्त प्रचार-प्रसार कराकर जन सामान्य को इससे होने वाले फायदों के बारे में बताया जाये। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि अब तक एक करोड़ 42 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके हैं तथा 26 जुलाई, 2021 से प्रारंभ अभियान के पहले दिन 26 हजार से अधिक कार्ड बनवाये गये हैं, जिन्हें आगामी दिवसों में बढ़ाकर 50 हजार कार्ड प्रतिदिन बनाये जाने का प्लान है।

हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर (आरोग्य केन्द्र)

जन सामान्य को उनके घर के समीप स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य उप केन्द्रों, पीएचसी एवं अर्बन पीएचसी के स्तर पर हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर की स्थापना की गई है, जिनमें प्रशिक्षित स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा स्वास्थ्य सेवायें प्रदान की जा रही हैं। वर्तमान में इन केन्द्रों द्वारा 07 प्रकार की सेवायें प्रदान की जा रही हैं। इन केन्द्रों में विभिन्न प्रकार की जांचे एवं औषधियों का प्रावधान किया गया है। हेल्थ एण्ड वेलनेस केन्द्रों के माध्यम से स्वास्थ्य प्रोत्साहन सम्बन्धित विभिन्न गतिविधियों की भी जानकारी दी जाती है।

मुख्य सचिव ने इन केन्द्रों को पंचायती राज संस्थाओं से जोड़ने के निर्देश दिये ताकि जन सामान्य इनका अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि वर्तमान में 6641 स्वास्थ्य उपकेन्द्र, 1653 पीएचसी एवं 433 अर्बन पीएचसी को हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के रूप में उच्चीकृत किया गया है तथा चालू वित्तीय वर्ष में करीब 15624 हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर स्थापित किये जाने का लक्ष्य है।

उप्र स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फारेंसिक साइंसेज की स्थापना

समीक्षा में बताया गया कि उ.प्र. स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज की स्थापना लखनऊ में की जा रही है जिसके लिए करीब 207 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं। उक्त का शिलान्यास आगामी 01 अगस्त, 2021 को प्रस्तावित है। मुख्य सचिव ने शिलान्यास के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एवं तैयारियां समय से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इंस्टीट्यूट के भवन निर्माण के लिए माहवार भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के लक्ष्य निर्धारित किये जायें ताकि टाइम लाइन के अनुसार समस्त कार्य निष्पादित किये जा सकें।

नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना

समीक्षा में बताया गया कि फेज-1 में स्वीकृत सभी 05 मेडिकल कॉलेज क्रियाशील हैं। अयोध्या, फिरोजबाद, बस्ती, बहराइच एवं शाहजहांपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा चुकी है तथा एमबीबीएस पाठ्यक्रम प्रारंभ हो चुका है। उक्त सभी कॉलेज पूर्ण रूप से संचालित है।

इन जगहों पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा चुकी है (सांकेतिक फोटो) pic(social media)

फेज-2 में कुल 09 मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हैं, जिनके भवन बनकर तैयार हो गये हैं। हरदोई, फतेहपुर, मिरजापुर, गाजीपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, एटा, प्रतापगढ़ एवं जौनपुर में जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज के रूप में स्थापित किया गया है। मुख्य सचिव ने इन मेडिकल कॉलेज के लिए रिक्रूटमेन्ट एवं उपकरण की आपूर्ति की भी समानान्तर कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये।

बैठक में बताया गया कि करीब 55 प्रतिशत रिक्रूटमेन्ट किया जा चुका है तथा रिक्रूटमेन्ट का कार्य तेजी से चल रहा है। फेज-3 में कुल 14 बुलन्दशहर, औरेय्या, सोनभद्र, ललितपुर, चन्दौली, सुल्तानपुर, गोण्डा, लखीमपुर खीरी, अमेठी, कुशीनगर, कानपुर देहात, कौशाम्बी, बिजनौर एवं पीलीभीत में नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर निर्माण कार्य हेतु प्रत्येक मेडिकल कॉलेज हेतु 20-20 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

उक्त 14 में से 13 मेडिकल कॉलेज का कार्य प्रारंभ हो गया है, अमेठी में भी कार्य जल्द प्रारंभ हो जायेगा। मुख्य सचिव ने निर्धारित समयावधि 18 माह में कार्य पूरा करने के लिए माहवार भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिये।

बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, अपर मुख्य सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सचिव मुख्यमंत्री सहित सम्बन्धित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे। उक्त बैठक में जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने कैंप कार्यालय से वर्चुअल प्रतिभाग किया।

Pallavi Srivastava

Pallavi Srivastava

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