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Mahoba News : मृतक के परिवार के साथ धरने पर बैठे पूर्व कैबिनेट मंत्री, उठाई आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

Mahoba News: केंद्रीय मंत्री और सामाजिक परिवर्तन मिशन के राष्टीय संयोजक मृतक के परिवार के साथ शहर के अम्बेडकर पार्क में धरने पर बैठे हैं ।

Imran Khan

Imran KhanReport Imran KhanMonikaPublished By Monika

Published on 29 Sep 2021 11:46 AM GMT

Former cabinet minister sitting on dharna
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धरने पर बैठे पूर्व कैबिनेट मंत्री 

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Mahoba News: जनपद के ब्रजपुर गांव निवासी दलित युवक (dalit yuvak) की 21 दिन पूर्व हुई संदिग्ध मौत के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री दद्दू प्रसाद (Former cabinet minister Daddu Prasad) के परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए हैं । आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग (aaropiyo ki giraftari ki mang)के साथ-साथ मृतक के परिवार को आर्थिक मदद और सुरक्षा की मांग की जा रही है । पूर्व कैबिनेट मंत्री ने स्थानीय पुलिस पर आरोप लगाते हुए विवेचक बदलने की भी मांग की ।

केंद्रीय मंत्री और सामाजिक परिवर्तन मिशन के राष्ट्रीय संयोजक मृतक के परिवार के साथ शहर के अम्बेडकर पार्क में धरने पर बैठे हैं । यह पूरा मामला चरखारी कोतवाली क्षेत्र के ब्रजपुर गांव से जुड़ा हुआ है, जहां रहने वाला इंद्रपाल 21 दिन पूर्व ट्रैक्टर के टायर लेने के लिए महोबा के कबरई क़स्बे में गया हुआ था । वापस न लौटने पर परिवार के लोगों ने गुमशुदा होने की शिकायत पुलिस से की थी । इससे पहले कि पुलिस उसे तलाश पाती,11 सितंबर को युवक का शव शहर कोतवाली क्षेत्र के किडारी रेलवे क्रॉसिंग के पास खून से लथपथ पड़ा मिला ।

परिजनों ने गांव के ही युवकों पर लगाया गत्या का आरोप

इस मामले में परिजनों ने गांव के ही युवकों राहुल पंडित ,रोहित पंडित, संदीप उर्फ कल्लू पंडित व बबलू पंडित पर हत्या किए जाने का आरोप लगाया और लिखित तहरीर दी थी । इस मामले में पुलिस द्वारा कोई कठोर कार्यवाही न किए जाने और आरोपियों की गिरफ्तारी न किए जाने से परेशान परिवार न्याय की गुहार लगाता घूम रहा है । इस मामले में सामाजिक परिवर्तन मिशन के संस्थापक और पूर्व केबिनेट मंत्री दद्दू प्रसाद परिवार के साथ धरने पर बैठे हैं और मृतक परिवार को न्याय दिलाने के लिए अनशन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है परिवार को आर्थिक मदद और सुरक्षा नहीं मिलती है तब तक धरना चलता रहेगा। उनके द्वारा जाँच अधिकारी को बदलने जाने की भी मांग की गई है।

Monika

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