कुंभ मेला में डीडीटी के प्रयोग का मामला: आईआईटी प्रोफेसर से जांच रिपोर्ट तलब

कुम्भ मेले में डीडीटी के छिड़काव से घातक संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका को लेकर दाखिल याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है और आईआईटी कानपुर के केमिकल विभाग के इंजीनियर प्रोफेसर से डीडीटी के दुष्प्रभाव की जांच कराने तथा दो माह में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

  

प्रयागराज: विश्व के कई देशों में प्रतिबंधित कीटनाशक दवा डीडीटी का प्रयाग कुम्भ मेले में छिड़काव से घातक संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका को लेकर दाखिल याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है और आईआईटी कानपुर के केमिकल विभाग के इंजीनियर प्रोफेसर से डीडीटी के दुष्प्रभाव की जांच कराने तथा दो माह में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

याची का कहना है कि इस कीटनाशक से कैंसर, हृदयरोग, विकलांगता जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी हो सकती है। यह मिट्टी जल व वायु को जहरीला बना सकती है। यह आदेश न्यायमूर्ति पी.के.एस.बघेल तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खण्डपीठ ने दिलीप गौतम की जनहित याचिका पर दिया है।

याचिका पर अधिवक्ता के.के.राय व चार्लीप्रकाश ने बहस की। कोर्ट ने केमिकल इंजीनियर को डीडीटी के मानव व पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव की जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। याचिका की अगली सुनवाई मई 19 को होगी।

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