खनन घोटाले में अखिलेश तक भी पहुंच सकती है सीबीआइ जांच की आंच

खनन घोटाले में आइएएस अधिकारी बी.चंद्रकला के बाद सूबे के पांच और आइएएस अफसरों के नाम भी सीबीआइ जांच के दायरे में आ गये है। अब सीबीआइ जिस तेजी से खनन घोटाले की जांच को अंजाम दे रही है, उससे सपा मुखिया अखिलेश यादव तक इसकी आंच आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेन्स की नीति को आगे बढ़ाते हुये सीबीआइ ने चीनी मिल घोटाले में छापेमारी के बाद अब समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुए खनन घोटाले में अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर लंबे समय से खनन घोटाले की जांच में जुटी सीबीआइ ने सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति पर शिकंजा कसा है।

खनन घोटाले में आइएएस अधिकारी बी.चंद्रकला के बाद सूबे के पांच और आइएएस अफसरों के नाम भी सीबीआइ जांच के दायरे में आ गये है। अब सीबीआइ जिस तेजी से खनन घोटाले की जांच को अंजाम दे रही है, उससे सपा मुखिया अखिलेश यादव तक इसकी आंच आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी ही सरकार में ई-टेंडर की नीति लागू कराई थी

सीबीआइ ने खनन घोटाले की जांच में इसी साल दो जनवरी को आइएएस अधिकारी बी.चंद्रकला व सपा एमएलसी रमेश मिश्रा समेत 11 नामजद आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद बी.चद्रकला समेत अन्य आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। छापेमारी में हाथ लगे दस्तावेजों की छानबीन में सामने आया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी ही सरकार में ई-टेंडर की नीति लागू कराई थी।

इस मामले में जांच एजेंसी की पड़ताल में यह भी सामने आया था कि अखिलेश यादव ने खुद खनन मंत्री के रूप में 14 पट्टों के आवंटन को स्वीकृति दी थी, जिनमें 13 पट्टों का आवंटन एक ही दिन में हुआ था। अखिलेश यादव के बाद खनन मंत्री बने गायत्री प्रसाद प्रजापति ने आठ पट्टों के आवंटन को मंजूरी दी थी।

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अब सीबीआइ ने खनन घोटाले की जांच में दो और केस दर्ज किये हैं, जिनमें पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के अलावा आइएसस अधिकारी अभय सिंह, संतोष कुमार, विवेक, देवी शरण उपाध्याय व जीवेश नंदन भी नामजद आरोपित हैं। सीबीआइ ने सपा सरकार के शुरुआती दौर में खनन विभाग के सचिव रहे जीवेश नंदन से पूछताछ भी की थी। जांच में नियमों की अनदेखी कर किये गये खेल की परते खुलती जा रही है।