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वाह रे 7th PAY COMISSION, इंजीनियर से ज्यादा कर दी क्लर्क की सैलरी

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 15 May 2016 12:04 AM GMT

वाह रे 7th PAY COMISSION, इंजीनियर से ज्यादा कर दी क्लर्क की सैलरी
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लखनऊः सातवें सेंट्रल पे कमीशन की नजर में इंजीनियर से ज्यादा बड़ा क्लर्क है। शायद इसी वजह से कमीशन ने इंजीनियर से ज्यादा क्लर्क की सैलरी फिक्स की है। सीनियर आईएएस संजय भूसरेड्डी ने पे कमीशन से इंजीनियरों की तनख्वाह बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन इसे रिफ्यूज कर दिया गया।

बीए-बीकॉम पास क्लर्क का ग्रेड पे 4600 रुपए

-सातवें पे कमीशन ने क्लर्क का ग्रेड पे 4600 रुपए फिक्स किया है।

-क्लर्क अनुभाग अधिकारी के नीचे सहायक पद पर होता है।

-आम तौर पर बीए-बीकॉम पास क्लर्क बनते हैं।

इंजीनियर को सिर्फ 4200 रुपए का ग्रेड पे

-चार साल की प्रोफेशनल डिग्री वाले इंजीनियर बनते हैं।

-पे कमीशन ने इंजीनियर का ग्रेड पे महज 4200 रुपए रखा है।

-प्रोफेशनल डिग्री की वजह से इंजीनियर क्लर्क से ज्यादा पढ़ा होता है।

-फिर भी उसका ग्रेड पे कमीशन ने क्लर्क से 400 रुपए कम रखा है।

क्या कहना है आईएएस का?

-संजय भूसरेड्डी ने कमीशन से इंजीनियरों का ग्रेड पे बढ़ाने आग्रह किया था।

-कम से कम 4600 रुपए ग्रेड पे करने का आग्रह किया था।

-पे कमीशन ने आईएएस का आग्रह मानने से इनकार किया।

-भूसरेड्डी ने अपनी फेसबुक वॉल पर इसका दुख जताया है।

-आईएएस ने लिखा, 'मैं इस महान देश के इंजीनियरों के लिए दुखी हूं।'

पे कमीशन मामले में कोर्ट नहीं करेगा हस्तक्षेप

-इस मामले में इंजीनियरों के एसोसिएशन कोर्ट जा सकते हैं।

-भूसरेड्डी के अनुसार पे कमीशन मामले में कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करेगा।

-इस वजह से इंजीनियरों को राहत मिलनी मुश्किल है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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