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Chandauli News: ब्लॉक प्रमुख पर फिर लटकी तलवार,न्यायालय ने दिया यह निर्देश
Chandauli News: चहनिया ब्लॉक प्रमुख पर फिर एक बार तलवार लटकने लगी है।प्रमुख के कुर्सी को लेकर उच्च न्यायालय से जिलाधिकारी के लिए 15 दिन में नोटिस जारी कर बैठक के बाद अविश्वास प्रस्ताव कराने का निर्देश दिया गया है।
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Chandauli News: चंदौली जनपद के चहनिया ब्लॉक प्रमुख पर फिर एक बार तलवार लटकने लगी है।प्रमुख के कुर्सी को लेकर उच्च न्यायालय से जिलाधिकारी के लिए 15 दिन में नोटिस जारी कर बैठक के बाद अविश्वास प्रस्ताव कराने का निर्देश दिया गया है।चहनिया विकास खंड के क्षेत्र पंचायत सदस्यों की एक पांच सदस्यीय टीम बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर हाईकोर्ट के आदेश को देते हुए चहनिया ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ विश्वास प्रस्ताव कराने की मांग किया है।
आपको बता दें कि चंदौली जनपद के भाजपा ब्लाक प्रमुख अरुण जायसवाल के ऊपर फिर तलवार लटकने लगी है। उच्च न्यायालय ने 15 दिनों के भीतर नोटिस जारी करते हुए बैठक करा कर अविश्वास प्रस्ताव कराने का निर्देश दिया है।इस संबंध में चहनिया विकास खंड के क्षेत्र पंचायत सदस्यों की पांच सदस्यीय टीम उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे ।जहां कार्यालय में मौजूद उप जिलाधिकारी विराग पांडे को इसकी प्रति उपलब्ध कराते हुए प्रार्थना पत्र भी दिया गया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार चहनिया ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास की कार्यवाही की जाय
इस संबंध में चहनिया क्षेत्र पंचायत ब्लाक अध्यक्ष के प्रतिनिधि लाल बहादुर सिंह ने बताया कि आज चहनिया विकास खंड के ही नहीं बल्कि पूरे जिले के क्षेत्र पंचायत सदस्यों की जीत हुई है। सत्ता पक्ष के दबाव में जो अविश्वास प्रस्ताव को रोका जा रहा था, उसे उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी से 15 दिन के अंदर नोटिस जारी करते हुए अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही कराने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सच झुकता एवं परेशान नहीं होता है। लाख सत्ता का दबाव हो लेकिन न्यायालय का आदेश हम सभी पीड़ित क्षेत्र पंचायत सदस्यों के पक्ष में आया है। 72 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में लगभग आधे क्षेत्र पंचायत सदस्य भाजपा के मूल है। संघ से जुड़े हुए हैं पार्टी के कई दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को अनसुना कर केवल सत्ता के लोभ में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर हम लोगों की बातों को नहीं सुना गया है।हम लोगों को पूरा विश्वास है की अब न्यायालय के निर्देश के बाद दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।