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Chandauli News: डीडीयू मंडल में नियमों की धज्जियां उड़ा कर CHI को बनाया गया है सफाई कर्मियों का मेठ
Chandauli News: मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षकों से मूल कार्य न लेकर केवल टेंडर के माध्यम से साफ सफाई करने वाले कर्मियों के मेठ के रूप में कार्य लिया जा रहा है।
Chandauli News (Image From Social Media)
Chandauli News: चंदौली जनपद के डीडीयू नगर स्थित पूर्व मध्य रेल मंडल में स्वास्थ्य निरीक्षकों को रेलवे बोर्ड के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अधिकारी अपना नियम बनाकर उनकी जिस जिम्मेदारी के तहत भर्ती की गई है उसका दायित्व न सौंप कर सफाई कर्मियों के मेट के रूप में कार्य कराया जा रहा हैं,जबकि हाजीपुर जोन के सोनपुर सहित अन्य मंडलो में इन्हीं स्वास्थ्य निरीक्षकों को रेलवे बोर्ड के अनुरूप जन स्वास्थ्य को देखते हुए खाद्य सामग्रियों की जांच के लिए नियुक्त किए गए स्वास्थ्य निरीक्षकों से पानी की शुद्धता एवं खाद्य सामग्री की शुद्धता की जांच का कार्य कराया जा रहा है।
आपको बता दें कि चंदौली जनपद के डीडीयू नगर स्थित पूर्व मध्य रेल मंडल में भ्रष्टाचार के मामले को लेकर जहां सीबीआई ने बड़ी कार्यवाही करते हुए अधिकारियों सहित कुल 26 लोगों को जेल भेजते हुए,अभी तक जांच की कार्यवाही में जुटी हुई है। वही इस मंडल में अधिकारियों के तानाशाही का एक मामला और संज्ञान में आया है। पूर्व मध्य रेल मंडल में कुल 31 स्वास्थ्य निरीक्षक है जिसमें पांच वरिष्ठ मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक है। पूरे मंडल में इनको कार्य क्षेत्र वितरित किया गया है। लेकिन इसे केवल प्लेटफॉर्म एवं कॉलोनी आदि के साफ सफाई के लिए टेंडर के द्वारा कराये जार रहे सफाई कर्मियों के कार्यों की मॉनिटरिंग मेट के रूप में कराया जा रहा है।
सूत्रों की माने तो मंडल के रेलवे अधिकारियों की तानाशाही की देन है कि रेलवे बोर्ड ने इन्हें ट्रेनों में आने जाने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता तथा पीने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए नियुक्त किया है। लेकिन इसे इनका मूल कार्य न लेकर केवल टेंडर के माध्यम से साफ सफाई करने वाले कर्मियों के मेट के रूप में इनसे कार्य लिया जा रहा है।
हाजीपुर जोन के सोनपुर मंडल में स्वास्थ्य निरीक्षकों से क्षेत्र बांट कर उनसे पीने के पानी एवं खाद्य सामग्रियों के नमूने की जांच आदि का कार्य कराया जाता है। यही नहीं प्रयागराज मंडल में भी स्वास्थ्य निरीक्षकों से उनके मूल्य कार्य कराए जाते हैं लेकिन पूर्व मध्य रेल मंडल में अधिकारियों की इस तरह की तानाशाही पहले से ही चलती आ रही है,जिसका परिणाम है कि स्वास्थ्य निरीक्षक अपनी शिक्षा एवं पद के अनुरूप कार्य नहीं करते है उनसे प्लेटफॉर्म आदि का सफाई करने वाले प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों का ठेकेदार बना कर केवल मेट के रूप में कार्य कराया जा रहा है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से लगभग प्रतिदिन 25000 यात्रियों का आवागमन होता है। यात्रियों के उत्तम खान के लिए यहां आठ प्लेटफार्म पर दो रेस्टोरेंट जन आहार सहित लगभग 50 खानपान के स्टॉल हैं। लेकिन यात्रियों के खान खान-पान की गुणवत्ता का कार्य जिससे कराया जाना चाहिए उनको उससे दूर रखा जा रहा है। आखिर क्या कारण है कि स्वास्थ्य निरीक्षको को उनके मूल कार्य से दूर रखा गया है इसकी भी जांच रेलवे बोर्ड एवं सीबीआई को करनी चाहिए।