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उत्तर प्रदेश : मनमर्जी से बांट दिये पुलिस महानिदेशक ‘प्रशंसा चिन्ह’

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NewstrackBy Newstrack

Published on 25 Jan 2018 3:55 PM GMT

उत्तर प्रदेश : मनमर्जी से बांट दिये पुलिस महानिदेशक ‘प्रशंसा चिन्ह’
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शारिब जाफरी

लखनऊ: नौकरशाही किस तरह मुख्यमंत्री को गफलत में डाल सकती है, इस का अंदाजा पुलिस महानिदेशक के प्रशंसा चिन्ह के बंटे पुरस्कारों की लिस्ट को देख कर लगाया जा सकता है। यह अवार्ड पुलिस विभाग में बेहतर काम करने वाले पुलिस अफसरों व कर्मियों को दिया जाता है। अपनी जान पर खेल कर काम करने वाले आईपीएस अफसर एसएसपी आजमगढ़ और एसएसपी वाराणसी राम कृष्ण भारद्वाज का नाम ही इस सूची में नहीं है। सीएम के कहने पर यह कह कर पल्ला झाड़ लिया गया कि सूची जिलों को भेज दी गई है। ऐसे में अब बदलाव करना संभव नहीं है। पुलिस महानिदेशक के प्रशंसा चिन्ह तमाम ऐसे अफसरों को भी दिया गया है। जो लम्बे वक्त से फील्ड से बाहर हैं। हद तो यह है कि प्रशस्ति पत्र देने वाली समिति ने भी ‘आपा आपा देवे’ की कहावत पर अमल किया है। पुलिस महानिदेशक के प्रशंसा चिन्ह पाने वाले आईपीएस अफसरों में एडीजी जोन मेरठ प्रशान्त कुमार, एडीजी जोन कानपुर अविनाश चंद्रा, एडीजी ज़ोन आगरा अजय आनन्द, एडीजी क्राइम चंद्र प्रकाश, आईजी वीमेन पावर लाइन नवनीत सिकेरा भी शामिल हैं। लिस्ट को लेकर सीएम ने सख्त नाराजगी जाहिर की है जिसके बाद कुछ और अफसरों के नाम इस सूची में जोड़े जाने की संभावना है।

यूपी में 651 पुलिस अफसरों व पुलिस कर्मियों को उत्कृष्ट, सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह एवं प्रशंसा चिन्ह से सम्मानित कर पुलिस महकमे की हौसला अफजाई की जो कोशिश की गई वह सरकार की मंशा पर पलीता लगाती है। प्रशंसा चिन्ह पाने वाले आईपीएस अफसरों की लिस्ट से एसएसपी आजमगढ़ अजय साहनी नाम गायब है। लिस्ट को देख कर अंदाज़ा लगाया जा सकता है, कि प्रशंसा चिन्ह किस चश्मे से देख कर वितरित किये गए। यही नहीं प्रदेश में एडीजी जोन मेरठ प्रशान्त कुमार ने अपने जोन में सब से बेहतर काम किया है। अकेले मेरठ जोन में ही 23 बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। इसी कैटागरी में एडीजी जोन कानपुर अविनाश चंद्रा को प्रशंसा चिन्ह दे कर सम्मानित किया जा रहा है, जबकि कानपुर जोन में सरकार भी नहीं मानती कि कोई उल्लेखनीय काम हुआ हो। प्रशंसा चिन्ह पाने वाले अफसरों में आईजी वेटिंग डी.के. ठाकुर का नाम भी शामिल है, जो 13 दिसम्बर से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आने के बाद से वेटिंग में हैं।

यूपी पुलिस मुखिया के पद से 31 दिसम्बर को रिटायर हुए सुलखान सिंह ने रिटायर होने से पहले आईपीएस अफसरों आईजी एसटीएफ अमिताभ यश, आईजी रेंज लखनऊ जय नारायण सिंह, आईजी कार्मिक पद्मजा चौहान, आईजी रेलवे लखनऊ विनोद कुमार सिंह, डीआईजी रेंज मुरादाबाद ओंकार सिंह, एसएसपी गाजियाबाद हरिनारायण सिंह, एसपी गोण्डा उमेश कुमार सिंह, एसपी सिक्योरिटी गौरव सिंह, एसपी कुम्भ मेला कवीन्द्र प्रताप सिंह और एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह को पुलिस महानिदेशक के प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर व गोल्ड) (Commendation Disc Gold & Silver) से सम्मानित करने का रास्ता साफ कर दिया था। इससे पहले 15 अगस्त के मौके पर आईजी कानपुर रेंज आलोक सिंह और तत्कालीन एसपी बलिया सुजाता सिंह को सम्मानित किया जा चुका है।

समिति ने खुद रख लिया पुलिस महानिदेशक का प्रशंसा चिन्ह

पुलिस महानिदेशक के प्रशंसा चिन्ह के लिए पुलिस मुखिया की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया था। समिति में अपर पुलिस महानिदेशक कार्मिक नीरा रावत, आईजी कार्मिक पद्मजा चौहान, आईजी पीएसी ए. सतीश गणेश, आईजी स्थापना एस.बी. शिरोडकर (अब एडीजी) को शामिल किया गया था। 30 दिसम्बर को हुई इस बैठक में एडीजी कार्मिक नीरा रावत की गैर मौजूदगी में एडीजी क्राइम चंद्रप्रकाश बैठक में शामिल हुए। बैठक में शामिल कमेटी के सदस्यों ने खुद ही मेडल की बन्दर बाँट कर ली और एडीजी क्राइम चंद्र प्रकाश, आईजी स्थापना एस बी शिरोडकर, आईजी पीएसी ए सतीश गणेश, आईजी कार्मिक पद्मजा चौहान को ‘प्रशंसा चिन्ह’ से सम्मानित करने का निर्णय कर लिया।

नामों के चयन के बाद इस बोर्ड का अध्यक्ष उसी दिन डीजी फायर सर्विस प्रवीण सिंह को बना दिया गया। लेकिन प्रवीण सिंह ने इस लिस्ट पर अपनी सहमति देने से मना कर दिया। तबसे यह फाइल नए डीजीपी के इंतज़ार में थी, और अब डीजीपी ओपी सिंह ने इस लिस्ट अपनी सहमति जता दी।

लिस्ट देख कर सीएम ने जताई नाराजगी

पुलिस महानिदेशक के प्रशंसा चिन्ह के लिये जिस तरह नामों का चयन हुआ है उससे सीएम योगी आदित्यनाथ बेहद नाराज बताये जाते हैं। डीजीपी ओपी सिंह ने सीएम से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और बताया कि इस लिस्ट पर पहले से काम हो रहा था। नीचे से जो अनुमोदन हुआ था उस पर उन्होंने निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की नाराजगी एसएसपी आजमगढ़ अजय साहनी और एसएसपी वाराणसी राम कृष्ण भारद्वाज का नाम लिस्ट में नहीं होने से है। दरअसल यूपी में सब से ज़्यादा इनकाउंटर आजमगढ़ और शामली में हुए हैं। शामली में एक लाख के इनामी साबिर और 60 हज़ार के इनामी बदमाश नौशाद समेत पांच बदमाशों को मार गिराया गया है। एसएसपी आजमगढ़ अजय साहनी की टीम ने भी पांच इनामी बदमाशों को मार गिराया है।

इन अफसरों को पुलिस महानिदेशक के प्रशंसा चिन्ह गोल्ड

> डीजी विजिलेंस हितेश चंद्र अवस्थी

> एडीजी पुलिस मुख्यालय बीपी जोगदण्ड

> एडीजी पीएसी राज कुमार विश्वकर्मा

> आईजी वीमेन पावर लाइन 1090 नवनीत सिकेरा

> आईजी भर्ती बोर्ड वितुल कुमार (अब एडीजी)

> आईजी रेंज इलाहाबद रमित शर्मा

> पुलिस महानिदेशक के सहायक संजय सिंघल (अब एडीजी)

> आईजी कानून व्यस्था हरिराम शर्मा (अब एडीजी)

> आईजी स्थापना एस बी शिरोडकर (अब एडीजी)

> आईजी पीके मिश्रा

> आईजी डी के ठाकुर (प्रतीक्षारत)

> डीआईजी आजमगढ़ विजय भूषण

> डीआईजी सहारनपुर के एस इमैनुअल

> एसएसपी मेरठ मंजिल सैनी

> एसएसपी गाजियाबाद हरिनारायण सिंह

> एसएसपी आगरा अमित पाठक

> एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार

> एसपी गोंडा उमेश कुमार सिंह

> एसपी फतेहपुर श्रीपर्णा गांगुली

प्रशंसा चिन्ह सिल्वर से यह अफसर होंगे सम्मानित

> डीजी इंटेलिजेंस भावेश कुमार सिंह

> एडीजी सिक्योरिटी विजय कुमार

> एडीजी विजिलेंस बृजभूषण

> एडीजी क्राइम चंद्र प्रकाश

> एडीजी ज़ोन मेरठ प्रशांत कुमार

> एडीजी ज़ोन कानपुर अविनाश चंद्रा

> एडीजी ज़ोन आगरा अजय आनन्द

> आईजी रेलवे विनोद कुमार सिंह

> आईजी रेंज लखनऊ जय नारायण सिंह

> आईजी पीएसी ए सतीश गणेश

> आईजी एसटीएफ अमिताभ यश

> आईजी कार्मिक पद्मजा चौहान

> डीआईजी चित्रकूट ज्ञानेश्वर तिवारी

> डीआईजी पीएसी सेक्टर लखनऊ प्रवीण कुमा

> एसएसपी मुजफ़्फरनगर अनन्त देव तिवारी

> एसएसपी मथुरा स्वनिल ममगाई

> एसपी औरैया संजीव त्यागी

> एसपी कन्नौज हरीश चंद्र

> एसएसपी झांसी जे के शुक्ला

> एसएसपी एसटीएफ लखनऊ अभिषेक सिंह

> एसपी कुम्भ मेला कवीन्द्र प्रताप सिंह

> एसपी बलिया अनिल कुमार सिंह

> एसपी कोआपरेटिव सेल अशोक कुमार त्रिपाठी

> एसपी सिक्योरिटी गौरव सिंह

> एसपी रायबरेली शिव हरी मीणा

> एसपी यूपी 100 मोहम्मद इमरान

> एसपी मिर्जापुर आशीष तिवारी

> एसपी विजिलेंस राम किशुन

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