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बच्चों ने बनाए पोस्टर, बताया बतौर स्मार्ट सिटी कैसा हो मोदी का काशी

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 18 May 2016 10:27 PM GMT

बच्चों ने बनाए पोस्टर, बताया बतौर स्मार्ट सिटी कैसा हो मोदी का काशी
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वाराणसीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बच्चों ने पोस्टरों के जरिए दिखाया है कि शहर को स्मार्ट कैसे बनाया जा सकता है। पोस्टर प्रतियोगिता नगर निगम ने कराई थी। चुनिंदा पोस्टरों को शहर में होर्डिंग के तौर पर लगाने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि स्मार्ट सिटी के लिए शहरों के बीच हुई पहली रेस में वाराणसी को नहीं चुना गया था।

vns-poster-2 एक बच्चे ने मोदी के स्केच वाला बनाया है पोस्टर

होर्डिंगों में दिखाए जाएंगे 10 पोस्टर

-नगर आयुक्त सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि 60 में से 10 बच्चों के पोस्टरों को चुना गया है।

-इन पोस्टरों में बच्चों ने स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को उतारा है।

-इन पोस्टरों की होर्डिंग बनाकर शहर में जगह-जगह लगवाई जाएगी।

-नगर निगम में पोस्टरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

vns-poster-3 इस पोस्टर को भी नगर निगम ने चुना है

पोस्टरों में क्या दिखाया गया?

-पोस्टरों में दिखाया गया है कि स्मार्ट सिटी के तौर पर वाराणसी कैसा होना चाहिए।

-इनमें बच्चों ने सड़कों को चौड़ी करने, बिजली व्यवस्था और प्रदूषण नियंत्रण का तरीका बताया है।

-ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के बारे में कुछ पोस्टरों में दिखाया गया है।

vns-poster-4 इस पोस्टर में वाराणसी को स्मार्ट सिटी के तौर पर दिखाया गया है

क्यों कराई गई पोस्टर प्रतियोगिता?

-स्मार्ट सिटी की दौड़ में वाराणसी पहले दौर में बाहर हो गया था।

-नगर निगम लोगों का सहयोग लेने के लिए प्रचार-प्रसार करना चाहता था।

-पोस्टरों का होर्डिंग बनवाकर शहर में लगवाने से लोग इस बारे में जागरूक होंगे।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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