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मौत है चाइनीज मांझा, ले चुका है इतनों की जान, घायल हैं तमाम

गणतंत्र दिवस पर इस तो लेकर नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान यानी चिड़ियाघर में एक जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। क्योंकि छुट्टी का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों के चिडि़याघर का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचने का अनुमान है।  

राम केवी

राम केवीBy राम केवी

Published on 25 Jan 2020 1:35 PM GMT

मौत है चाइनीज मांझा, ले चुका है इतनों की जान, घायल हैं तमाम
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लखनऊ। पतंग के चाइनीज मांझा से हो रहे हादसों को लेकर हादसे को लेकर उसे सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी पतंग का ये मांझा कितने बेजुबानों की जान ले चुका है। कितने इससे घायल हो चुके हैं। और इनमें कितने दुर्लभ प्रजाति के थे।

गणतंत्र दिवस पर इस तो लेकर नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान यानी चिड़ियाघर में एक जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। क्योंकि छुट्टी का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों के चिडि़याघर का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचने का अनुमान है।

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नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के उप निदेशक, डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि कल गणतंत्र दिवस (26 जनवरी, 2020) के अवसर पर शान फाउण्डेशन के सचिव, आदित्य तिवारी एवं उनकी टीम द्वारा प्राणि उद्यान के अन्दर पक्षियों की सुरक्षा हेतु एक जागरूकता अभियान चलाया

जायेगा। इस अभियान के अन्तर्गत उनके द्वारा आसमान में उड़ने वाली पतंगों के चाइनीज और अन्य मांझों से भारी संख्या में घायल हो रहे पक्षियों के बारे में लोगों को जागरूक किया जायेगा।

इतने तो पिछले माह ही मर गए

डॉ. शुक्ला ने बताया कि पतंग के चाइनीज मांझे से घायल होने वाले पक्षियों में दुर्लभ प्रजाति के पक्षी भी सम्मिलित हैं। उन्होंने बताया कि पिछले माह में चार गिद्ध, कई दुर्लभ उल्लू एवं पेन्टेड स्टार्क पक्षियों के पंख चाईनीज मांझे से कटे हुए पाये गये हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कई पक्षियों की मृत्यु तक हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि प्राणि उद्यान के कर्मचारियों द्वारा प्राणि उद्यान के अन्दर पेड़ों से लगातार पतंग का मांझा हटाया जा रहा है। जिससे पक्षियों को घायल होने से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि अभी तक प्राणि उद्यान के कर्मचारियों द्वारा 100 मीटर मांझा हटाया जा चुका है और यह कार्य अभी भी

लगातार किया जा रहा है।

गौरतलब है चाइनीज मांझा मेट्रो ट्रेनों के आवागमन, सड़क यातायात और चिड़ियाघर के बेजुबानों की जान पर भारी पड़ रहा है। हमें चाइनीज मांझे के बहिष्कार का संकल्प लेना होगा।

राम केवी

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