धर्मनगरी चित्रकूट में शिक्षा व्यवस्था धड़ाम, बिना शिक्षकों के कैसे संवरेगा छात्रों का कल

समूचे प्रदेश में ग्रामीण अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने हेतु सरकार द्वारा सूबे में कुल 166 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज खोले गए। ऐसे ही धर्मनगरी चित्रकूट में मानिकपुर विकासखण्ड के ऊँचाडीह गांव में खोला गया दीनदयाल राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज में स्थितियां काफी खराब हैं।

अनुज हनुमत

चित्रकूट: केंद्र में मोदी और सूबे में योगी सरकार ने सत्ता सम्भालते ही सबसे देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात कही। लेकिन अब तक शिक्षा में सुधार न के बराबर ही दिख रहा है। आप किसी भी योजना की गुणवत्ता मापने के पैमाना ग्रामीण इलाका मान सकते हैं। अगर इसी इलाके में व्यवस्थाएं लचर हों और सिस्टम हांफ रहा हो तो अन्दाजा लगाइए देश का भविष्य कैसा होगा।

समूचे प्रदेश में ग्रामीण अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने हेतु सरकार द्वारा सूबे में कुल 166 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज खोले गए। ऐसे ही धर्मनगरी चित्रकूट में मानिकपुर विकासखण्ड के ऊँचाडीह गांव में खोला गया दीनदयाल राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज में स्थितियां काफी खराब हैं।

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इस विद्यालय में शिक्षकों की संख्या न के बराबर हैं और विद्यालय में पेयजल का भारी संकट है। ऐसे में सोंचिये कैसे होगा देश के भविष्य का निर्माण। बेसिक शिक्षा विभाग से इस विद्यालय में सम्बद्ध किये गए उत्तम सिंह मौजूदा समय मे विद्यालय संभाल रहे हैं।

उत्तम सिंह ने बातचीत में बताया कि इस कॉलेज में प्रवक्ता के कुल 10 और एलटी ग्रेड के 07 पद हैं जिसमे सभी खाली हैं । हमारे यहां न तो कोई सफाई कर्मचारी है और न ही कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं और न ही कोई चौकीदार है। कालेज में आयोग द्वारा भेजे गए एक कनिष्ठ सहायक फूलचन्द्र हैं।

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उत्तम सिंह ने बताया इस समय विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक मे कुल 262 विद्यार्थी हैं जिनका भविष्य संकट में है। उन्होंने बताया कि छात्रों का भविष्य न खराब हो इसलिए हमने रेगुलर बेसिस पर कुल पांच अध्यापक रखे हैं जो छात्रों को पढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा इस बाबत उच्चाधिकारियों को कई पत्र लिखे गए हैं लेकिन आज तक कोई भी रिक्त पद नही भरा गया।

इस सम्बंध में जब जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमने इस बाबत शासन को कई पत्र लिखे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस उत्तर नहीं मिला। उन्होंने बताया कि बिना शिक्षकों के छात्रों का भविष्य तो खराब हो ही रहा है ऐसे में किसी तरह व्यबस्थाये करके विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। उम्मीद है शासन से जल्द ही शिक्षक भेजे जाएंगे।

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