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Chitrakoot: धर्मनगरी में फैला मिलावटी शराब का कारोबार, पाठा क्षेत्र के गांवों में सस्ते रेट पर बिक रही एमपी की दारू
Chitrakoot News: आबकारी अधिकारी राजेन्द्र यादव का कहना है कि 'अभी इस तरह का मामला उनके संज्ञान में अभी तक नहीं आया है। वैसे उनकी टीमें रूटीन चेकिंग करती है। टीमें लगाकर चेकिंग कराया जाएगा और कमी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।'
प्रतीकात्मक चित्र (Social Media)
Chitrakoot News: चित्रकूट जिले में महुआ की कच्ची शराब के साथ ही मिलावटी शराब का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। कारोबारी जिम्मेदारों के रहमोकरम से सरकारी ठेकों के जरिए ही इसकी सप्लाई कर रहे है। पाठा क्षेत्र में तो सीमा से सटे एमपी की सस्ती मिलावटी शराब बिक रही है। जिस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
कुटीर उद्योग के रूप में फैला मिलावटी शराब का कारोबार
महुआ की कच्ची शराब के कारोबार रोकने के लिए आए दिन अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन कुटीर उद्योग की तरह फैले मिलावटी शराब का कारोबार पूरी तरह से फैल चुका है। शराब की सरकारी दुकानो से यह मिलावटी शराब शहर से लेकर गांव तक बेधड़क बिक रही है। मुख्यालय में अंग्रेजी शराब की एक दुकान में मिलावटी शराब देने पर ग्राहक ने हंगामा काटा तो सेल्समैन ने दी गई बोतल वापस ले लिया और बदलकर दूसरी दी।
अंग्रेजी शराब दुकान में भी मिलावटी का जोर
यहां मिलावटी शराब काफी दिनों से बेचे जाने की शिकायत मिल रही थी। इसी तरह जिले की अन्य कई दुकानों से भी मिलावटी शराब का कारोबार चल रहा है। कुछ माह पहले रामनगर की अंग्रेजी शराब दुकान में आबकारी टीम ने मिलावटी शराब बरामद होने पर कार्रवाई किया था। इसके पहले भी कई बार मिलावटी शराब का कारोबार सामने आ चुका है।
एमपी से लाया जा रहा मिलावटी शराब
इसी तरह पाठा क्षेत्र में बडे पैमाने पर सीमा से सटे मध्य प्रदेश की मिलावटी शराब लाकर बेची जा रही है। मानिकपुर का पाठा क्षेत्र बीहड़ में बसा है। यहां पर सस्ते रेट पर एमपी की शराब बेची जा रही है। इससे यूपी का राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। समय-समय पर आबकारी व पुलिस टीमें संयुक्त रूप से अभियान भी चलाती है। लेकिन मिलावटी शराब के कारोबार में कमी नहीं आ रही है। कई सरकारी दुकानों में निर्धारित रेट से अधिक दाम लेकर शराब बेचे जाने की शिकायतें है। ऐसा शिवरामपुर कस्बे में हो रहा है।
क्या कहते हैं आबकारी अधिकारी?
आबकारी अधिकारी राजेन्द्र यादव का कहना है कि 'अभी इस तरह का मामला उनके संज्ञान में अभी तक नहीं आया है। वैसे उनकी टीमें रूटीन चेकिंग करती है। टीमें लगाकर चेकिंग कराया जाएगा और कमी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।'