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64 दिनों में की 4500 किमी साइकिलिंग, कहा- नहीं लगा कहीं डर

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AdminBy Admin

Published on 8 March 2016 2:37 PM GMT

64 दिनों में की 4500 किमी साइकिलिंग, कहा- नहीं लगा कहीं डर
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लखनऊ: देश की महिलाओं में कॉन्फिडेंस डेवलप करने के लिए अनहिता श्रीप्रसाद ने लेह से लद्दाख तक अकेले ही साइकिलिंग की। इरादा था यह साबित करने का कि देश सुरक्षित है। देशवासियों में महिलाओं के लिए सम्मान है। इस युवती के साहस के लिए यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने इन्हें रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया।

64 दिनों में 4500 किलोमीटर की दूरी तय की

लखनऊ आई अनहिता श्रीप्रसाद ने बताया कि उन्होंने महिलाओं में आत्मविश्वास जगाने के मकसद से 64 दिनों में 4500 किलोमीटर से भी ज्यादा की दूरी साइकिल से तय की। उनके मुताबिक़ उन्होंने पूरा रास्ता खुद की काबिलियत पर तय किया है।

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सबका मिला सहयोग

अनहिता ने अपने सफर के बारे में बताते हुए कहा कि जब लोग उनके मकसद के बारे में जान जाते तो उनके पीछे आकर उन्हें एनर्जी ड्रिंक, नारियल पानी ऑफर करते थे। अपने सफर के दौरान वे ढाबों पर कई ट्रक ड्राइवर्स से भी मिलीं। अनहिता ने बताया कि इन ट्रक ड्राइवर्स ने उनका हौसला भी बढ़ाया और रास्ता समझने में भी बड़ी मदद की।

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लेह से कन्याकुमारी तक का रास्ता तय किया

21 वर्षीय अनहिता चेन्नई की रहने वाली हैं। अनहिता ने अपने इस अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2015 को शुरू की थी। वे कहती हैं जहां एक तरफ लोगों के मन में अकेली लड़की के इतना लंबा सफर तय करने को लेकर आशंकाएं थीं, उसके उलट रास्ते में उन्हें लोगों का सहयोग मिला। उन्होंने सफर की शुरुआत लेह के पहाड़ी इलाकों से, कारगिल, पत्‍नीटाॅप जैसी जगाहों से होते हुए कन्याकुमारी तक का रास्ता अकेले ही साइकल पर तय किया।

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