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IAS वीक पर CM का भाषण कुछ नरम-कुछ गरम, कहा- एक दूसरे को समझने की जरूरत

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Published on 18 March 2016 12:37 PM GMT

IAS वीक पर CM का भाषण कुछ नरम-कुछ गरम, कहा- एक दूसरे को समझने की जरूरत
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लखनऊ: आईएएस वीक पर शुक्रवार को सीएम अखिलेश यादव का भाषण कुछ नरम और कुछ गरम रहा। उनका कहना था कि सीनियर अधिकारियों पर जनता की कार्रवाई की सराहना की जानी चाहिए लेकिन वो खुद दोनों के प्रति नरम रहना चाहते हैं ।

अखिलेश अपने भाषण में कुछ गरम भी हुए। उन्होंने कहा, सरकार और अधिकारियों दोनों को एक-दूसरे की पोजिशन समझनी चाहिए। ये समझना होगा कि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि सत्तारूढ़ दल का वोट शेयर कम होता है तो दोनों का नुकसान होगा। हालांकि, उन्होंने इस बारे में विस्तार से तो कुछ नहीं कहा लेकिन इसका मतलब ये निकलता है कि सरकार के आखिरी साल में अधिकारियों को मेहनत से काम करना होगा ।

यूपी सीएम ने कहा कुछ अधिकारी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन सभी नहीं। हालांकि वे उम्मीद करते हैं और उनका ये विश्वास भी है कि अच्छा काम नहीं करने वाले अधिकारी भी सरकार के इस आखिरी साल में अपना दायित्व समझेंगे और अच्छा काम कर दिखायेंगे ।

गोरखपुर, हमीरपुर और आगरा के डीएम से नाखुशी

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही में गोरखपुर, हमीरपुर एवं आगरा में गांव-गांव तक चलायी जा रही योजनाओं एवं तैनात अधिकारियों के कामों की जानकारी इकट्ठा कराई गई। इसमें आम जनता ने अधिकारियों के बारे में बहुत कुछ कहा है।

आजमगढ़ और जौनपुर के डीएम की तारीफ

मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ के डीएम सुहास एल वाई व जौनपुर के डीएम भानुचंद गोस्वामी की तारीफ करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर अपने संसाधनों से इन अधिकारियों ने नगर के चौराहों और सड़कों आदि के लिए अच्छा काम किया है।

संजय अग्रवाल के काम से सीएम खुशसीएम ने ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल की तारीफ करते हुए कहा कि हमने जो कहा था उसे इस विभाग ने जमीन पर उतारा। बिजली जब किसी गांव में पहुंचती है तो लोग सरकार से खुश रहते हैं।

दीपक सिंघल की खूब की खिंचाई

सीएम ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के कांफ्रेंस में प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल की खूब खिंचाई की। उन्होंने जैसे ही कहा कि आपके काम को सब जानते हैं, वैसे ही तिलक हाल में खूब ठहाकों से गूंज उठा। सीएम ने कहा कि आपने गोमती तट बनवाया पर नाले छिपा दिए।

अधिकारियों पर कार्रवाई से खुश होती है जनता

सीएम ने कहा कि जब ​अधिकारियों पर कार्रवाई की जाती है तो जनता खुश होती है। यदि हम सख्ती करें तो वोट बढ़ जाएगा। मगर हम ऐसा नहीं कर रहें। अफसर अगर अच्छा काम करेंगे तो सपा की सरकार फिर बनेगी। इसलिए आप लोग खुद काम की पहल करें। सीएम ने कहा कि सपा सरकार में काम के माहौल की तुलना आप पिछली सरकार केंद्र सरकार से भी कर सकते हैं।

सुधार करें अफसर

सीएम ने कहा कि अफसरों को सतर्क किया जा रहा है कि वे खुद अपने कामों का फीडबैक लें और इसमें सुधार करें। वरना ऐसे अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अपने इमेज के प्रति सतर्क रहें अधिकारी

सीएम ने कहा कि अधिकारी की कार्यप्रणाली एवं व्यक्तित्व उसकी तैनाती स्थल पर उसके पहुंचने से पहले पहुंच जाता है। इसलिए अधिकारियों को अपनी इमेज के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

-नौजवानों को सरकारी रोजगार देना एक सीमा तक ही सम्भव।

-उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन एवं यू.पी. स्टार्ट अप पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

-पहले दुग्ध विक्रेता वाराणसी तक उत्पाद पहुंचाने के लिए परेशान रहते थे।

-उन्हें मंडी के जरिए उपलब्ध कराई गई परिवहन व्यवस्था।

-महोबा में भी शुरू की गई इसी प्रकार की योजना।

-‘आई स्पर्श’ की योजना शुरू की जा रही है।

-जरूरत के हिसाब से सड़कों के किनारे शौचालय बनवाने का कार्य अधिकारियों का ही है।

-मुख्यमंत्री के आदेश की प्रतीक्षा करना उचित नहीं है।

-शौचालय की कमी से महिलाओं के साथ घटनाएं हो सकती हैं।

-इसका सरकार की इमेज पर असर पड़ता है।

-नेपाल में आए भीषण भूकम्प के समय अधिकारियों ने संवेदनशीलता का परिचय दिया था।

-उसी संवेदनशीलता की जरूरत बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए भी है।

-आगरा की पुलिस द्वारा किडनैपिंग की घटना पर कार्रवाई के लिए पुलिस कर्मियों की प्रशंसा ।

-पुलिस टीम को 05 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।

आईएएस वीक और सपा सरकार एक समय में आई

अखिलेश ने कहा कि मायावती ने अपने पांच साल के शासन में कभी भी आईएएस वीक मनाने की इजाजत नहीं दी। सपा के 2012 में शासन में आने के बाद ही ये सप्ताह शुरु हो सका। उन्होंने दावा किया कि यूपी देश का पहला राज्य है जहां राजनीतिक लीडरशिप और ब्यूरोक्रेसी एक साथ बैठ अपने विचारों और आइडिया का आदान-प्रदान करते हैं। सरकार के पास यह अवसर होता है कि वो जनता के बीच हो रहे या होने वाले काम के बारे में बताए और अधिकारियों से सुझाव लें।

सर्वे पर सीएम ने कहा

न्यूज ट्रैक और एक खबरिया चैनल के चुनाव को लेकर आए सर्वे पर सीएम ने कहा कि सरकार के पास एक साल का लंबा समय है। सर्वे को लेकर वे ज्यादा आलोचना से भी बचे। उन्होंनें कहा कि आलोचक को हमेशा अपने नजदीक ही रखना चाहिए क्योंकि वो आपकी कमी बताता है जिसे सुधारने में मदद मिलती है। हालांकि यूपी विधानसभा चुनाव के एक साल पहले आए सर्वे को उन्होंनें हास्यास्पद बताया और कहा कि पांच राज्यों में चुनाव दो महीने में होने हैं लेकिन उन राज्यों के सर्वे नहीं आए ।

बुधवार को newztrack.com ने इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर लिखा था कि यदि अभी विधानसभा चुनाव होते हैं तो बसपा सबसे ज्यादा सीटों के साथ बड़ी पार्टी होगी और सपा, बीजेपी के बाद तीसरे नंबर पर होगी। अखिलेश ने बीजेपी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ दलों के पास तो नेता ही नहीं हैं। आखिर पता तो चले कि मुकाबले में कौन है।

नुकसान हुआ तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें अफसर

सीएम ने चुनावी सर्वे का जिक्र करते हुए अफसरों को अपने रवैये में सुधार लाने का सख्त संदेश देते हुए साफ कहा कि यदि चुनाव में नुकसान हुआ तो अफसर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को जितनी स्वतंत्रता और निष्पक्षता से एक ही तैनाती स्थल पर लम्बे कार्यकाल तक कार्य करने का मौका समाजवादी सरकार ने दिया है, इतने सम्मान के साथ कार्य करने का मौका उन्हें किसी भी सरकार में नहीं मिला होगा।

कानून व्यवस्था पर अखिलेश

अखिलेश ने कहा कि यूपी में खराब कानून व्यवस्था का दुष्प्रचार किया जा रहा है । अन्य राज्यों की यूपी से तुलना करें तो वहां हालात बदतर पायेंगे। हालांकि वो किसी भी तरह इसमें सुधार करेंगे। उन्होंनें उम्मीद जताई कि डायल 100 सेवा आगामी जुलाई से शुरु हो जायेगी। इससे यूपी में कानून व्यवस्था के बारे में जो धारणा है वो बदलेगी।

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