Top

CM अखिलेश का PM पर तंज, कहा-सुना था पानी अमृत होता है अब प्रसाद हो गया

By

Published on 23 May 2016 11:55 AM GMT

CM अखिलेश का PM पर तंज, कहा-सुना था पानी अमृत होता है अब प्रसाद हो गया
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

बरेली: सीएम अखिलेश यादव सोमवार को बरेली के दौरे पर हैं। सीएम ने यहां लाभार्थियों के बीच ई-रिक्शा बांटी। उन्होंने डीएम को राज्य सरकार की ओर से सस्ते दर पर गरीबों के लिए उपलब्ध करवाए जा रहे भोजन की व्यवस्था करवाने को कहा। अपने भाषण में सीएम ने पीएम मोदी की 'मन की बात' पर टिप्पणी चुटकी भी ली।

बरेली में भी खुलेगी गरीबों की कैंटीन

सीएम अखिलेश बरेली में भी गरीबो के लिए सस्ते दर पर भोजन उपलब्ध करवाने वाली कैंटीन खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, राज्य सरकार की ओर से 10 रुपए में गरीबों के लिए भर पेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका लाभ बरेली के लोगों को भी मिलना चाहिए। अखिलेश यादव ने डीएम गौरव दयाल से जिले में ऐसे कैंटीन उपलब्‍ध करवाने के निर्देश दिए। कहा, सरकार इसका सारा खर्च उठाएगी।

माेदी पर ली चुटकी

सीएम अखिलेश यादव ने पीएम मोदी के 'मन की बात' पर तंज कसते हुए कहा 'मैंने तो सुना था पानी अमृत होता है अब पता चला कि प्रसाद है।' केंद्र एक तरफ बड़े-बड़े दावे करती है दूसरी तरफ खाली ट्रेन भेजी, जिसमें पानी था है नहीं। केंद्र में बैठे लोग सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करना जानती है।

ये भी पढ़ें ...CM अखिलेश के तीखे बाण, कहा-अच्छे दिन वाले लौटे नहीं और हाथी बैठे रह गए

413 लाभार्थियों को बांटें ई-रिक्शा

सीएम अखिलेश यादव ने बरेली के रामगंगा तिराहे पर 413 लाभार्थियों को ई-रिक्शा बांटें। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'ई-रिक्शा तो मोदी जी ने भी दिए लेकिन उसमें लोन चुकाना पड़ता है लेकिन हमने जो रिक्शा बांटें हैं उसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी। ई-रिक्शा से रिक्शे वालों की आर्थिक स्थति मजबूत होगी।'

वसीम बरेलवी ने जताया आभार

प्रसिद्ध शायर और समाजवादी पार्टी के एमएलसी वसीम बरेलवी ने अखिलेश यादव की जमकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा, 'मुझे एमएलसी बनाकर आपने मुझ पर ही नहीं बल्कि पूरी बरेली पर अहसान किया है। उन्होंने अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए शेर सुनाया।

'जले तो हाथ मगर हां हवा के हमलों से, किसी चिराग की लौ को बचा लिया मैंने

मैं कतरा होकर भी तूफ़ान से जंग लेता हूं, मुझे बचाना समुद्र की जिम्मेदारी है।'

Next Story