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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों का किया मार्ग दर्शन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों से चर्चा कर गांवों के विकास के लिए उनका मार्ग दर्शन किया।

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NetworkNewstrack NetworkRaghvendra Prasad MishraPublished By Raghvendra Prasad Mishra

Published on 28 May 2021 5:47 PM GMT

CM Yogi Adityanath
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सीएम योगी आदित्यनाथ की फाइल तस्वीर (फोटो साथार— सोशल मीडिया)

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों से चर्चा कर गांवों के विकास के लिए उनका मार्ग दर्शन किया। इस दौरान उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में जनता-जनार्दन का आशीर्वाद लेकर चुने गए ग्राम प्रधानों को बधाई। उन्होंने आपका दायित्व बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में जबकि कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई निर्णायक चरण में पहुंच रही है, तब आपकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

पंचायती राज व्यवस्था हमारे लोकतांत्रिक प्रणाली की अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। यह हमारे लोकतंत्र की मजबूती के आधार है। आप सभी इस पद की गरिमा के अनुरूप इसके उद्देश्य को निश्चित ही सफल करेंगे। उन्होंने कहा, मुझे प्रसन्नता है कि बहुत से ग्राम प्रधानों ने बगैर शपथ ग्रहण की औपचारिकता की प्रतीक्षा किये परिणाम के तत्काल बाद निगरानी समितियों के साथ मिलकर काम शुरू कर दिया। पिछले दिनों मैं सहारनपुर गया था, वहां मैंने देखा कि एक महिला प्रधान, कोरोना मरीजों को अपने घर से भोजन उपलब्ध करा रहीं थीं। उनके रहने के लिए ग्राम पंचायत भवन का उपयोग किया। ऐसे अनेक प्रेरणास्पद कार्य पूरे प्रदेश में हो रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और जनता के सहयोग के कारण ही आज यह स्थिति है कि जिस प्रदेश के बारे में विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि मई में यहां हर दिन एक लाख केस आएंगे, वहां आज कुल मरीजों की संख्या 52000 है। बीते 24 घंटों में यहां मात्र 2402 नए कोरोना मरीज पाए गए। हमारी रिकवरी रेट बहुत अच्छी है तो पॉजिटिविटी दर 01 से नीचे आ गई है।

हम कोरोना की दूसरी लहर से लड़ते हुए आज उस स्थिति में हैं, जहां से सजगता, सतर्कता, सावधानी बहुत आवश्यक है। ग्राम प्रधान के रूप में आप सभी अपने-अपने गांवों की निगरानी समितियों के अध्यक्ष हैं। हमारी निगरानी समितियों ने अब तक बहुत ही अच्छा कार्य किया है। एक-एक घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की, जरूरत के अनुसार उन्हें मेडिकल किट दिया। लोगों के टेस्ट कराए, क्वारन्टीन किया। निगरानी समितियों के पास इन्फ्रारेड थर्मामीटर है, सैनेटाइज़र है। अब आप की देखरेख में यह कार्य तेजी से और आगे बढ़ेगा।

गांव में बाहर से कोई भी आये उस पर नजर रखें। पूरी सजगता बरतें। 'मेरा गांव कोरोना मुक्त गांव' के संदेश को हर ग्रामवासी का लक्ष्य बनाने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए पंचायतों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का भाव होना चाहिए। ग्राम प्रधान बंधुओं! यह कोरोना बहरूपिया है और धूर्त भी है। खुद भी सजग रहें और अपने ग्रामवासियों को भी जागरूक करें। यह सुखद है कि हमारे सर्वेक्षण में 68 फीसदी गांवों में शून्य संक्रमण होना पाया गया, लेकिन यह स्थिति बनी रहे, इसके लिए सावधानी जरूरी है। बहुत सी ग्राम पंचायतों के गठन का कार्य अभी होना शेष है। सदस्यों का चयन कर इस प्रक्रिया को भी तेजी से पूरा कराएं।

उन्होंने कहा कि कोरोना का हम सभी पर बहुत असर पड़ा है। हमारी प्राथमिकता जीवन और जीविका दोनों को बचाना है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार सभी के भरण-पोषण की व्यवस्था कर रही है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से जून और जुलाई में निःशुल्क राशन दिया जा रहा है तो राज्य सरकार जून, जुलाई और अगस्त में राशन वितरण करेगी। ग्राम प्रधान यह सुनिश्चित कराएं कि एक भी पात्र व्यक्ति राशन से वंचित न रहे। कहीं भी घटतौली न हो। सभी दुकानों पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन हो।

पिछले वर्ष स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं ने मास्क तैयार करने का अभिनव काम किया था। इस वर्ष भी उन्हें प्रोत्साहित करें। यह उनके आय का साधन भी बनेगी। गांवों में सभी को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें। कहीं भी भीड़भाड़ न होने दें। सर्दी-खांसी के मरीजों पर नजर रखें। उन्हें निगरानी समिति के माध्यम से तत्काल मेडिसिन किट उपलब्ध कराएं। 24 घंटे के भीतर उनका एंटीजन टेस्ट कराएं। उन्हें क्वारन्टीन कराएं। अगर पॉजिटिव न आएं और फिर भी संदिग्ध लगें तो आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए सैम्पल भिजवाएं।

उन्होंने कहा, बरसात का मौसम प्रारंभ होने वाला है। यह बीमारियों का वाहक भी है। इंसेफेलाइटिस चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया जैसी जलजनित अथवा विषाणु जनित बीमारियों से अपने गांव को सुरक्षित रखें। इसके लिए सबसे जरूरी है दिन में स्वच्छता, दोपहर में सैनेटाइजेशन और शाम होते ही फॉगिंग। हर रोज न सही पर दो दिन के अंतराल पर यह कार्य जरूर हो। नालियों में बहाव हो। जलजमाव न हो। यह ध्यान रखें स्वास्थ्य विभाग गांव में बाद में पहुंचेगा, इन सबकी पहली जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की ही है। सरकार शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए वृहद कार्यक्रम चला रही है। आप सभी लोगों को बताएं कि शुद्ग पेयजल न हो और हैंडपंप हो तो पानी गरम कर पियें। छानकर पियें। इससे मलेरिया जैसी बीमारियां नहीं होंगी।

सभी ग्राम प्रधान अपने गांव को 'स्मार्ट विलेज बनाने की सभी जरूरी कोशिश करें। एक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। विद्यालय हो, खेल का मैदान हो। चिकित्सालय हो। सड़क हो। स्वच्छता हो। धन की कोई कमी नहीं है। हर ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय का निर्माण तेजी से पूरा कराएं। वहां इंटरनेट हो। बैंकिंग सखी की बैठने की व्यवस्था हो। पब्लिक एड्रेस सिस्टम हो। यह सब कराएं। कोई आवश्यकता हो तो शासन से सब मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करें, ताकि लोग टेस्ट कराएं। अब कोविड टीकाकरण शुरू हो चुका है। कॉमन सर्विस सेंटर पर लोगों को ले जाएं, उनका पंजीयन कराएं, वहीं वैक्सीन लगाने की भी व्यवस्था की जा रही है।

सीएम योगी ने कहा, अब आप ग्राम प्रधान हैं। जिसने वोट दिया उसके भी, जिसने नहीं दिया उसके भी। सभी को एक बराबर मानें। हर पात्र व्यक्ति को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाएं। शौचालय नहीं तो शौचालय बनवाएं, आवास नहीं तो प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाएं, पेंशन योजनाओं से जोड़ें। गरीब हैं तो 5 लाख तक की चिकित्सकीय सुविधा वाला आयुष्मान कार्ड बनवाएं। यह सब आपकी ही जिम्मेदारी है।

Raghvendra Prasad Mishra

Raghvendra Prasad Mishra

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