कोआपरेटिव बैंक अध्यक्ष की गुंडई, सचिव से मारपीट कर आवास में लगाया ताला

जनपद मुख्यालय स्थित थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के जिला कोआपरेटिव बैंक परिसर में अध्यक्ष और बैंक के सचिव के बीच कहा सुनी के बाद अध्यक्ष द्वारा सचिव से मारपीट कर उसके बैंक स्थित सरकारी आवास में ताला डाल कर आवास से बाहर निकाल दिया गया और चाबी अपने साथ ले गए।

एटा: जनपद मुख्यालय स्थित थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के जिला कोआपरेटिव बैंक परिसर में अध्यक्ष और बैंक के सचिव के बीच कहा सुनी के बाद अध्यक्ष द्वारा सचिव से मारपीट कर उसके बैंक स्थित सरकारी आवास में ताला डाल कर आवास से बाहर निकाल दिया गया और चाबी अपने साथ ले गए।

घटना की सूचना पर कोतवाली नगर पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी।

अध्यक्ष ने बताया…

कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष ठाकुर भूपेंद्र सिंह ने बताया बैंक के सचिव चौधरी विनय कुमार बैंक के कार्यों में रुचि नहीं ले रहे थे और प्रदेश सरकार के चल रहे सहकारी बैंक सप्ताह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे थे जब मैंने उन्हें सरकारी कार्यों के क्रियान्वयन न करने पर डाटा तो वह मुझ से अभद्रता करने लगे।

उन्होंने बैंक के कार्यों को करने से स्पष्ट मना कर दिया। और कहा मैं शासन के किसी भी आदेश को नहीं मानता मैंने उनके आवास में ताला नहीं लगाया किसी कर्मचारी ने लगा दिया होगा, मैं अभी जनपद से बाहर हूं।

बैंक के सचिव चौधरी विनयकुमार ने बताया कि अध्यक्ष महोदय बैंक के कार्यों में कोई रुचि नहीं ले रही थे तथा उनके द्वारा विभिन्न तरह से बैंक को घाटा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा था।

इसके साथ ही उन्होंने अध्यक्ष पर अवैध वसूली करने का भी आरोप लगाया सचिन ने कहा की बैंक की सरकारी गाड़ी अभी तक 13 किलोमीटर प्रति लीटर का एवरेज देती थी किंतु अब मात्र 6 किलोमीटर का एवरेज देती है।

जिसको लेकर मैंने आपत्ति जताई गाड़ी का दुरुपयोग करने की बात करते हुए जब मैंने उनसे कहा कि आपकी गाड़ी का लॉक बुक भी नहीं भरा जाता है और मरम्मत के नाम पर फर्जी बिल दिये जा रहे हैं। आप के लोग जनरेटर का भी डीजल निकाल लेते हैं।

इस बात पर वह बौखला गये और अभद्रता करते हुए मुझसे मारपीट कर मुझे मेरे निजी आवास बाहर निकालकर उसमें ताला लगा दिया और आवाज की चाबी लेकर चले गए साथ ही उन्होंने सरकार दारा सहकारी बैंक सप्ताह में प्रत्येक सेंटर से पांच हजार रुपये अवैध वसूली का आरोप भी लगाया।

सचिव ने कहा…

सचिव ने कहा जब हम अपने घर में ही सुरक्षित नहीं है तो ऑफिस में या अन्य स्थानों पर क्या सुरक्षित होगे घटना की सूचना उन्होंने कॉपरेटिव के वरिष्ठ अधिकारियों व जिलाधिकारी सुखलाल भारती व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह को फोन पर दी तो उनके द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक घटनास्थल पर भेज कर मेरी आवाज की चाबी मुझे वापस दिलाई साथ ही मुझे सुरक्षा का भरोसा भी दिया है।

सचिव ने अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह से अपनी जान व माल को खतरा बताया है उन्होंने बैंक में भारी घोटाले किए जाने के संकेत भी दिए हैं। घोटालों में सहयोग न करने के कारण अध्यक्ष मुझसे नाराज चल रहे थे इसी पर रोक लगाने का प्रयास न करता तो शायद मेरे साथ ये घटना न घटती। समाचार लिखे जाने तक किसी भी ओर से कोई तहरीर पुलिस को नहीं मिली थी।