भारतीय बाजार में बढ़ी कंसेप्ट और इलेक्ट्रानिक कारों की भागीदारी

कंपनी ने मिशन ग्रीन मिलियन की थीम पर अपने पहली इलेक्ट्रिक-कार फ्यूचरो-ई की झलक दिखाई तो टाटा ने अपनी सिएरा ईवी कन्सेप्ट एसयूवी पेश की। इसके बाद रेनो, टाटा मोटर्स, किया, महिंद्रा, मसीर्डीज, ह्युंडेई, फॉक्सवैगन और पहली बार आए एमजी मोटर्स अपने नए वर्जन और एडवांस टेक्नोलॉजी दिखा रहे हैं।

नोएडा: भारतीय कार बाजार में आने वाला समय कांसेप्ट और इलेक्ट्रानिक कारों का होगा। इसकी शुरुआत आधी से भी ज्यादा भागीदारी रखने वाली कंपनी मारुति ने की। कंपनी ने मिशन ग्रीन मिलियन की थीम पर अपने पहली इलेक्ट्रिक-कार फ्यूचरो-ई की झलक दिखाई तो टाटा ने अपनी सिएरा ईवी कन्सेप्ट एसयूवी पेश की। इसके बाद रेनो, टाटा मोटर्स, किया, महिंद्रा, मसीर्डीज, ह्युंडेई, फॉक्सवैगन और पहली बार आए एमजी मोटर्स अपने नए वर्जन और एडवांस टेक्नोलॉजी दिखा रहे हैं। कंपनियों का पूरा जोर इलेक्ट्रिक व्हीकल और एसयूवी सेगमेंट पर नजर आ रहा है।

मारूती ने लांच की पहली इलेक्ट्रिक कार फ्यूचरो-ई

वहीं कंसेप्ट कारों में टाटा ने 20 साल पुरानी अपनी पॉपुलर सिएरा ब्रांड को रतन टाटा को ट्रिब्यूट के साथ कंसेप्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल के रूप में पेश किया है। इसमें चार नहीं बल्कि सिर्फ तीन डोर होंगे। कम्पनी मैनेजमेंट का दावा है कि यह पूरी तरह से इंडियन मार्केट के हिसाब से डेवलप की जा रही इलेक्ट्रिक कार है। इसके फर्स्ट लुक को देखकर समझ आ रहा है कि यह लैंड रोवर डिफेंडर से मिलती जुलती कार है। कंपनी ने 1991 में पहली बार सिएरा लॉन्च की थी और 2000 में इसका प्रॉडक्शन बंद कर दिया था। इसके साथ ही टाटा ने एक्सपो में कंपनी की सबसे छोटी एसयूवी पेश की। इसका नाम हॉर्नबिल दिया गया है।

यह अभी कन्सेप्ट माइक्रो एसयूवी है और कंपनी इसे ज्यादा एडवासं और सुरक्षित बनाने में जुटी हुई है। इसका लुक बेहद आकर्षक है और कहा जा रहा है कि यह सुजुकी की एस्प्रेसो और महिंद्रा की केयूवी 100 को टक्कर देगी। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने एक्सपो में अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी कार को लॉन्च कर दिया है। इसकी कीमत 8.25 लाख रुपए है। कार सिंगल चार्ज में 150 किमी तक चलाई जा सकेगी।

ई-केयूवी100 के कॉन्सेप्ट को साल 2018 के ऑटो एक्सपो में पेश किया गया था। इसके अलावा सुजकी ने इलेक्ट्रिक एसयूवी टाइप कूपे वाली पहली कार पेश की। वह उम्मीद करते हैं कि इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के डिजाइन में एक नया बदलाव आएगा। जल्द ही कंपनी देश में स्मार्ट हाइब्रिड, सीएनजी और ईलेक्ट्रिक व्हीकल ला रहे हैं ताकि कार्बन इमिशन कम किया जा सके।

कोरोनोवायरस का डर, मास्क लगाए दिखे बिजनेस क्लास के लोग

कोरोनावायरस के डर के चलते एक्सपो में चीन से कम लोग आए हैं। सुरक्षा के चलते इवेंट आर्गनाइजर सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफेक्चरर्स (सियाम) ने चीन से नए डेलिगेशन के आने पर रोक लगा दी है। इवेंट में पहले से मौजूद चीनी कर्मचारी भी मास्क लगाए दिख रहे थे। इस बार एक्सपो में फोर्ड, बीएमडब्ल्यू, टोयोटा, ऑडी, जीप, वॉल्वो, लेक्सस और होंडा जैसी 9 बड़ी कंपनियां नहीं पहुंची। यहा एक डेस्क बनाई गई है साथ ही पूरे एक्सपो में कोरोना वायरस से बचाव के पोस्टर लगाए गए है। हेल्प डेस्क पर लोगों को मास्क बांटे जा रहे हैं। ताकि किसी भी तरह के इंफेक्शन से वह बचे। हालांकि आयोजकों की तरफ से कोरोना वायरस को लेकर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।

कंसेप्ट कारों के बीच दिखा 19वीं सदी का डायल फोन

ऑटो एक्सपो 2020 जहा कंसेप्ट और इलेक्ट्रानिक कार व बाइक की भागीदारी देखने को मिली इन्हीं के बीच यहा हॉल नंबर 5 में लगाया गया एक टेलीफोन बूथ भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। लाल रंग के इस टेलीफोन बूथ में 19वीं सदी का फोन रखा गया है। यह फोन डायल कंसेप्ट को याद दिलाता है। बिजनेस क्लास के लोगों ने इस फोन में काफी दिलचस्पी ली। यह फोन आजादी के समय की उन यादों को ताजा करता है जो आज मोबाइल वर्जन के रूप में बदल चुका है। इसी तर्ज पर यहा कारों का कंसेप्ट भी दिखाया गया। जिसमे इलेक्ट्रानिक से लेकर हाइब्रिड कारों की झलक देखने को मिली।

1958 में सबसे ज्यादा बिकने वाली स्पोर्टस कार

एक्सपो में पहली बार शिरकत करने वाली एमजी कंपनी ने 1958 की एमजीए कार को शो केस किया। 1600 सीसी इंजन की यह कार स्पोर्ट्स कार है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि यह अपने समय में सर्वाधिक बिकने वाली स्पोर्ट्स कार थी। इसके अलावा विंटेज कारों को भी एक्सपो में प्रदर्शित किया गया। यहा 1903 से लेकर 1952 तक चलने वाली विभिन्न कंपनियों की गाड़ियों को रखा गया। वहीं, दूसरी तरफ बाइक निर्माता कंपनियों ने भविष्य की बाइकों को प्रदर्शित किया।