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सपा बसपा गठबंधन पर बोले राज बब्बर, कहा- 'स्वार्थ की राजनीति नहीं करते हम'

Charu Khare

Charu KhareBy Charu Khare

Published on 6 March 2018 11:59 AM GMT

सपा बसपा गठबंधन पर बोले राज बब्बर, कहा- स्वार्थ की राजनीति नहीं करते हम
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गोरखपुर: लोकसभा सीट के लिए होने वाले गोरखपुर उप लोकसभा चुनाव में सभी राजनितिक दल अपनी अपनी जीत का दम्भ भर रहे हैं तो वहीँ , कांग्रेस भी कहीं न कहीं अपने वजूद को बचाने में लगी हुई है, जहां बीजेपी के इस गढ़ में सपा घेराबंदी कर इस सीट को छीनने में लगी हुई है। वहीँ, कांग्रेस भी शहर के प्रतिष्ठित डॉ सुरहिता करीम पर दांव खेलकर लड़ाई को और रोचक बना रही है आज अपने प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने आये कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने योगी व सपा - बसपा गठबंधन पर जमकर बरसे और कहा कि, जो यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि हम फूलपुर और गोरखपुर में समर्थन दे रहे हैं ये सब बेबुनियाद है।

एक स्थानीय होटल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि, इस चुनाव को हम एक लक्ष्य के रूप में ले कर चल रहे हैं। ये जीत कांग्रेस के विचार की होनी चाहिए, कांग्रेस का विचार गरीब का उत्थान, समाज का उत्थान हैं। हम यही कहेंगे की गठबंधन जरूर होगा और उनके साथ में होगा जिसका सही लाभ लोगो तक पहुंचना चाहिए, हमारे नेता राहुल गाँधी के हाथो को मजबूत करना, पार्टी के लक्ष्य को पूरा करना होगा।

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उन्होनें आगे कहा- मैं कल ही नहीं बल्कि आज भी ये कहता हूँ कि, गठबंधन तो हमारे साथ ही था, गठबंधन किसी स्वार्थ के साथ नहीं था एक मकसद के लिए था, हमने यह नहीं कहा था कि मुझे राज्यसभा दे दो और उसको विधान परिषद दे दो सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए स्वार्थ कि नहीं एकजुटता की जरूरत थी। इस गठबंधन से मैं नहीं जानता इस को लाभ होगा इस को नुकसान होगा लेकिन जो स्वार्थ के लिए राजनीति करेंगे उनका तो नुकसान ही होगा मैं गोरखपुर में हूं और मैं बहुत ज्यादा डरता हूं क्योंकि मैं उस मंदिर की गरिमा से डरता हूं। इस मंदिर के महंत हैं मैं उन से नहीं डरता मैं उनके गेरुआ वस्त्र से डरता हूं।Image result for raj babbar

त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति दान देने के सवाल पर उन्होनें कहा कि, मूर्ति को तोड़ा जा सकता है, विचारधाराओं को नहीं।महापुरुषों का सम्मान हमेशा से होता रहा है लेकिन जब कुछ लोग ऐसे आ जाते हैं जो उन्हें अपमानित करना चाहते हैं। वह ऐसे कृतियों को करते हैं विचार की कोई मूर्ति नहीं होती विचार दहन से उत्पन्न होता है जोकि दिल में होता है।

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