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कोरोना महामारी : खुशहाल जीवन जीता ग्रामीण अंचल

इस लॉक डाउन में शहर और महानगर के वासी इस बीमारी में एक-दूसरे को छूने से कतराते नजर आ रहे है क्योंकि बीमारी ने संक्रमित लोगो को छूने से बड़ा रूप ले लिया है। इस कारण लोग घरों में कैद नजर आ रहे है लेकिन ग्रामीण इस महामारी में स्वछंद होकर जीवन बिता रहे है। 

राम केवी

राम केवीBy राम केवी

Published on 11 May 2020 7:51 AM GMT

कोरोना महामारी : खुशहाल जीवन जीता ग्रामीण अंचल
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प्रवेश चतुर्वेदी

औरैया। पहले गांव में काफी समस्याएं थीं, जिसके चलते लोग गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन कर गए थे। मगर अब दोबारा फिर से शहरी जीवन जीने वाले लोग ग्रामीण क्षेत्रों की ओर आशा भरी निगाह से देखने लगे हैं।

इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि समय के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खाने कमाने के तमाम साधनों का मुहैया हो जाना, दूसरे यहां के लोगों मैं आंतरिक शक्ति कूट-कूट कर भरी होना। इसलिए यहां के लोगों को कोरोनावायरस जैसी बीमारी से कतई भी डर नहीं लग रहा है और शहरों से पलायन करने वाले भी गांव की ओर उम्मीद से आ रहे हैं।

आधुनिकता के इस दौर में लोग पैसे कमाने के लिये शहरों की तरफ पलायन तो कर गए लेकिन शहरों की चकाचौंध में जीवन कब खतरे में पड़ जायेगा यह लोगो ने कभी सोचा भी न था। शहरों में रहते-रहते जहरीली हवा, बढ़ते प्रदूषण व महामारी में गांव का जीवन भी काम आएगा यह आज लोगो के जहन में उतरता नजर आ रहा है।

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गांव का जीवन इतना सरल है कि आज भी लोग परंपरागत और प्राकृतिक तरीका अपनाकर खुशहाल जीवन जीकर इस महामारी से अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि भागम भाग जिंदगी में शहरवासियों ने कभी गांव की तरफ आने का रुख ही नही किया। जिससे शहरों में फैले संक्रमण ने कभी गांववासियों को अपनी चपेट में नही लिया।

आज ग्रामीणों ने इस महामारी से सुरक्षित रहने के लिये शहर वासियों से नाता तोड़ दिया है। जिससे वह अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे है। फिलहाल गांव का जीवन आज दुनिया मे एक मिसाल की तरह नजर आ रहा है और लोगो को प्राकृतिक जीवन जीने की सलाह भी दे रहा है।

स्वच्छंद गांव

इस लॉक डाउन में शहर और महानगर के वासी इस बीमारी में एक-दूसरे को छूने से कतराते नजर आ रहे है क्योंकि बीमारी ने संक्रमित लोगो को छूने से बड़ा रूप ले लिया है। इस कारण लोग घरों में कैद नजर आ रहे है लेकिन ग्रामीण इस महामारी में स्वछंद होकर जीवन बिता रहे है।

ग्रामीणों ने बताया कि कोरोना संक्रमण सिर्फ उन्हीं लोगों को प्रभावित कर रहा है जिनमें इम्युनिटी पावर कम होती है। मगर गांव के लोग सुबह उठकर अपने खेतों पर काम करते हैं, हल चलाते हैं और शुद्ध ताजी हवा व शुद्ध भोजन करते हैं जिससे उनके अंदर किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होती है।

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इसके अलावा क्षेत्र के ग्राम मढापुर के लोगों ने अपने गांव की सीमाएं सील करते हुए उनमें स्लोगन लिखकर लोगों को उत्साहित करने का काम किया है।

मढ़ापुर के ग्राम प्रधान पति गजेंद्र सिंह बताते हैं कि जब से यह संक्रमण फैला है तो उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कई अभियान चलाए और उनसे अपील की कि वह घर में रहें सुरक्षित रहें। कहा कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए गांव में पूरी तरह से रोक है।

राम केवी

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