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सपा जिलाध्यक्ष को दुराचार मामले में बरी किए जाने के खिलाफ याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राजाराम पांडेय को दुराचार के आरोप से मुक्त करने के सत्र न्यायालय के आदेश को वैध करार दिया है और अपर सत्र न्यायाधीश मथुरा के 24 जनवरी 19 के आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 7 Jun 2019 4:38 PM GMT

सपा जिलाध्यक्ष को दुराचार मामले में बरी किए जाने के खिलाफ याचिका खारिज
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राजाराम पांडेय को दुराचार के आरोप से मुक्त करने के सत्र न्यायालय के आदेश को वैध करार दिया है और अपर सत्र न्यायाधीश मथुरा के 24 जनवरी 19 के आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति एस के सिंह ने राजाराम पांडेय की याचिका पर दिया है। याची के खिलाफ मथुरा के बलदेव थाने में 28 जून 14 की घटना की 2 अगस्त 14 को एफआईआर दर्ज कराई गई। याची के अलावा रिंकू उर्फ रोहित व राहुल सारस्वत पर दुराचार करने व वीडियो क्लिपिंग से ब्लैकमेल करने तथा जान से मारने की कोशिश करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

याची के राजनीतिक रसूख के चलते पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। कोर्ट के रुख के बाद मुकदमा कायम हुआ तो डिस्चार्ज अर्जी दाखिल कर आरोप मुक्त करने की मांग की गयी जिसे सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया। जिसे चुनौती दी गयी थी।

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए आरोपां व साक्ष्यों को देखते हुए हस्तक्षेप से इंकार कर दिया। याची ने घटना के दिन लखनऊ के होटल में ठहरने का बहाना लिया किन्तु सत्र न्यायालय ने इसे नहीं माना जिसे हाई कोर्ट ने भी सही माना है।

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