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ई रिक्शा पर कंट्रोल करके लगाएंगे वसूली पर लगाम: धांधली पर लगेगी लगाम

raghvendra

raghvendraBy raghvendra

Published on 25 Jan 2018 4:57 PM GMT

ई रिक्शा पर कंट्रोल करके लगाएंगे वसूली पर लगाम: धांधली पर लगेगी लगाम
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अमित यादव

लखनऊ: राजधानी में बलगाम चल रहे १९ हजार ई-रिक्शा पर अंकुश लगेगा। तय किया गया है कि 31 प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शा नहीं चलेंगे बल्कि इन्हें सिर्फ कॉलोनियों से मुख्य सडक़ों तक चलने की इजाजत होगी। परिवहन निगम व लखनऊ पुलिस के संयुक्त सहयोग से ई-रिक्शा पर कार्रवाई होने जा रही है। सरकारी महकमों का दावा है कि जब मुख्य मार्गों और बड़े चौराहों तक ई-रिक्शा पहुंच ही नहीं पायेंगे तो इनसे होने वाली अवैध वसूली अपने आप बंद हो जाएगी।

‘अपना भारत’ ने 5 जनवरी २०१८ के अंक में ई-रिक्शा वालों से रोजाना होने वाली अवैध कमाई का मुद्दा उठाया था।

महकमों ने ‘अपना भारत’ की खबर का संज्ञान लेते हुए ई-रिक्शा के नियमन का फैसला किया है। बिना पंजीकरण के चल रहे 5,000 ई-रिक्शा को चिन्हित करने का काम जारी है। राजधानी में 21 व २२ फरवरी को इन्वेस्टर्स मीट में देश-विदेश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों का जमावड़ा होना है और इसी से पहले 31 प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शा का चलन बंद हो जाएगा।

राजधानी में ई-रिक्शा

लखनऊ में करीब 19,000 ई-रिक्शा में चल रहे हैं। इनसे शहर के दो प्रमुख चौराहों पर 30-30 रुपये की वसूली होती है। यानी 60 रुपये रोजाना एक ई-रिक्शा वाहन चालक सडक़ों पर चलने के लिए देता है। यानी एक महीने में 3 करोड़ 42 लाख रुपये कोई वसूल रहा है लेकिन वह कौन है यह किसी को पता नहीं। ई-रिक्शा चालकों में कोई कहता है कि ये दबंग लोगों की वसूली है तो कोई इसे पुलिस व परिवहन विभाग की मिलीभगत बतलाता है। टोकन नहीं कटाने वाले ई-रिक्शा वाहनों का सडक़ों पर चलना मुश्किल है।

ई-रिक्शा की बढ़ती तादाद को देखते हुए 26 दिसंबर को लखनऊ मंडल के कमिश्नर अनिल गर्ग ने बैठक कर निर्णय लिया है कि शाम 6 बजे के बाद ई-रिक्शा राजधानी की सडक़ों पर नहीं चलेंगे। इसके अलावा 31 प्रमुख मार्गों पर इन के चलने पर प्रतिबंध लगाने की कवायद शुरू हो गई है। एसपी ट्रैफिक ने संबंधित फाइल जिलाधिकारी को बढ़ा दी है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में 14, 252 ई-रिक्शा आरटीओ विभाग में पंजीकृत हैं और करीब 5,000 हजार बिना पंजीकरण के ही चल रहे हैं। इन वाहनों के लिए परिवहन की ओर से कोई रूट नहीं निर्धारित है। शाम होने के बाद इनकी लाइटें भी नहीं जलती हैं, जिसके चलते कई बार सडक़ दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ई-रिक्शा को सडक़ों पर उतारा गया। करीब 2 सालों तक बिना पंजीकरण के ही सडक़ों पर ई-रिक्शा चलते रहे।

इसके बाद वर्ष 2015 में इनका पंजीकरण आरटीओ दफ्तर में होना चालू हुआ। वर्ष 2016 में 22 मार्गों पर ई-रिक्शा चलाने के लिए रूट निर्धारित हुए थे। लेकिन कुछ समय बाद ई-रिक्शाओं को परमिट मुक्त कर दिया गया। ई-रिक्शा का चलन छोटे-छोटे इलाकों को मुख्य मार्गों से जोडऩे के लिए आया था। शुरुआत में तो आदेश का पालन हुआ लेकिन आज शहर के कोने-कोने में ई-रिक्शा चल रहे हैं।

इन 31 मार्गों पर प्रतिबंधित होंगे ई-रिक्शा

अमौसी से बाराबिरवा तक, बाराबिरवा से चारबाग, बार्लिंगटन चौराहे से हजरतगंज वाया रायल होटल चौराहा, बाराबिरवा से तेलीबाग चौराहे तक, बंगला बाजर से कुंवर जगदीश चौराहे तक, कुंवर जगदीश चौराहे से करियप्पा चौराहे तक, करियप्पा से बंदरियाबाग चौराहे तक,बंदरिया चौराहे से पॉलीटेक्निक चौराहे तक, बंदरिया चौराहे से हजरतगंज चौराहे तक, हजरतगंज चौराहे से सिकन्दरबाग चौराहे तक, सिकन्दरबाग से गोलमार्केट चौराहे तक, पॉलीटेक्निक चौराहे से इंदिरानगर तक, पॉलीटेक्निक चौराहा से मुंशी पुलिया से र्खुरम नगर से टेड़ी पुलिया से इंजीनियरिंग कॉलेज से आई आई एम चौराहे तक, कमता चौराहे से शहीद पथ मोड़ कानपुर रोड शहीद पथ पर, हजरतगंज से अल्फा मेफेयर परिवर्तन चौक सुभाष चौराहे तक, सुभाष चौराहे से आईटी चौराहा नंबर 8 तक, गोल मार्केट से छन्नीलाल कपूरथला चौराहे तक, बादशाह नगर चौराहे से लेखराज से भूतनाथ होते हुए पॉलीटेक्निक चौराहे तक, बाराबिरवा से पारा व बुद्धेश्वर से दुबग्गा व आईआई एम चौराहे तक, पुरनिया से अलीगंज सेक्टर 8 तिराहे होते हुए राम राम बैंक से इंजीनियरिंग कॉलेज तक, कमला नेहरू से मेडिकल कॉलेज चौराहे से शाहमीना डालीगंज से पन्नालाल आईटी निशातगंज तक, अहिमामऊ से अर्जुनगंज बारार होते हुए लालबत्ती चौराहे तक, चौक से ठाकुरगंज होते हुए दुबग्गा तक, चारबाग से कैसरबाग बस स्टेशन, बॉसमंडी से हैदरगंज तिराहे तक, एवररेड्डी से नेहरू चौराहे तक, पक्का पुल से मडिय़ांव चौराहे तक, 1090 से क्लार्क अवध तिराहे तक, जियामऊ से सिकन्दरबाग-चिरैयाझील तिराहे तक, सप्रू मार्ग से बैंक ऑफ इंडिया तिराहे तक, अमीनाबाद से नक्खास तिराहे तक।

लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार यूनियन के साथ जल्द ही बैठक करने वाले हैं। इसके बाद पता चल जाएगा कि कब तक 31 मार्गों पर ई-रिक्शा बंद हो जाएंगे। लेकिन 20 फरवरी से पहले प्रमुख मार्गों पर ई-रिक्शा बंद होने की उम्मीद है।

प्रभात कुमार दीक्षित

लखनऊ ऑटो रिक्शा थ्री व्हीलर के अध्यक्ष

‘निगम के अफसर ई-रिक्शा को लेकर तैयारी में हैं। उनकी ओर से खाका तैयार हो चुका है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।’

स्वतंत्र देव सिंह

परिवहन मंत्री उत्तर प्रदेश

‘ई-रिक्शा को लेकर सभी सख्त हैं। मार्गों पर प्रतिबंधित करने के संबंध में हमने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दिया है। जैसे ही आदेश आएगा, कार्रवाई की जाएगी।’

रवि शंकर निम

एसपी ट्रैफिक

‘हम जिन ई-रिक्शा को बिना परमिट के पकड़ते हैं उनको तुरंत सीज कर देते हैं। रात्रि में ई-रिक्शा पर पाबंदी लगाने में हम तेजी से काम कर रहे हैं। आदेश लागू है और जल्द ही चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।’

राघवेंद्र सिंह,

एआरटीओ प्रशासन

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राघवेंद्र प्रसाद मिश्र जो पत्रकारिता में डिप्लोमा करने के बाद एक छोटे से संस्थान से अपने कॅरियर की शुरुआत की और बाद में रायपुर से प्रकाशित दैनिक हरिभूमि व भाष्कर जैसे अखबारों में काम करने का मौका मिला। राघवेंद्र को रिपोर्टिंग व एडिटिंग का 10 साल का अनुभव है। इस दौरान इनकी कई स्टोरी व लेख छोटे बड़े अखबार व पोर्टलों में छपी, जिसकी काफी चर्चा भी हुई।

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