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विधानसभा में छाया रहा बिजली स्वास्थ्य और महिला कल्याण का मुद्दा

विधानसभा में आज बिजली स्वास्थ्य और महिला कल्याण का मुद्दा छाया रहा। इस दौरान विपक्ष ने सरकार पर योजनाओं के क्रियान्वयन न होने का आरोप लगाया तो वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी योजनाओं को सफल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोडी।

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RishiBy Rishi

Published on 18 Feb 2019 1:47 PM GMT

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लखनऊ : विधानसभा में आज बिजली स्वास्थ्य और महिला कल्याण का मुद्दा छाया रहा। इस दौरान विपक्ष ने सरकार पर योजनाओं के क्रियान्वयन न होने का आरोप लगाया तो वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी योजनाओं को सफल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोडी।

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प्रश्नकाल में समाजवादी पार्टी के सदस्य मनोज कुमार पाण्डे ने सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को बिल भेजे जाने का मामला उठाते हुए सरकार से जानना चाहा इस समस्या का निस्तारण के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। इस पर उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सदन को अवगत कराते हुए कहा कि उपभोक्ता के आवेदन पर त्रुटिपूर्ण बिल को ठीक किया जाना विभाग की नियमित प्रकिया है। त्रुटिपूर्ण बिलों का संशोधन विभाग द्वारा प्राथमिकता पर लिया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की फील्ड इकाईयों द्वारा विशेष शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। 1912 हेल्पलाइन नंम्बर पर भी त्रुटिपूर्ण बिलों की शिकायत दर्ज होती है। श्रीशर्मा ने बताया कि 12 अप्रैल 2017 से 11 फरवरी 2019 तक 97 प्रतिशत प्रकरणों का समाधान किया जा चुका हैं। जहां तक बिल संशोधन की बात है तो 6 बिलिंग एजेंसियां शिकायतों के निस्तारण के लिए गत जनवरी माह से काम कर रही है।

बहुजन समाज पार्टी विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा तथा समाजवादी पार्टी के सदस्य नरेन्द्र पाल वर्मा ने अनुपूरक प्रश्न उठाते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों का मामला उठाया। जिस पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अब तक एक लाख 93 हजार शिकायतें आई जिन पर एक लाख 47 हजार 564 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। जहां तक ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं का मामला है तो सरचार्ज माफी का काम 25 मार्च 2019 तक चलेगा। इस दौरान बिल में आई कमियों को ठीक किया जाएगा।

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शर्मा ने बताया कि पिछले 6 महीनें में 60 लाख बिजली कनेक्शन देने का काम किया गया है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के सदस्य संजय गर्ग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पीएचसी और सीएचसी तथा अन्य सरकारी अस्पतालों की बिगड़ती हालत का मामला उठाते हुए कहा कि चिकित्सकों विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती तथा एक्सरे मशीन, खून की जांच, डायलिसिस मशीन आदि की व्यवस्था देने के लिए सरकार की क्या कार्य योजना है।

स्वास्थ्य मंत्री सिद्वार्थ नाथ सिंह ने बताया कि पीएमएचएस संवर्ग में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों को उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप चिकित्सालयों में समुचित चिकित्सा एवं उपचार की व्यवस्था जनसामान्य को उपलब्ध कराने के लिए न्यूनतम आधारभूत इकाई की व्यवस्था के अनुसार तैनाती की जा रही है। उन्होंने बताया कि लोक सेवा आयोग से चयन के बाद 2206 नये चिकित्साधिकारियों की तैनाती की गयी। इसके अलावा पीएमएचएस संवर्ग के चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की गयी। यही नहीं 1000 चिकित्सकों के पदों को वाक-इन-इन्टरव्यू के माध्यम से भरे जाने का निर्णय लिया गया।

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मंत्री सिंह ने बताया कि कई जनपदों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से चिकित्सकों की तैनाती करायी गयी हैं। यूपीएचएसएसपी के माध्यम से चिकित्सकों की तैनाती अस्पतालों में की गयी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की पीएचसी में आयुष चिकित्सक तैनात किये गये हैं। प्रधानमंत्री डायलिसिस कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालयों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से पीपीपी मोड के तहत 12 मण्डल स्तरीय जिला चिकित्सालयों एवं 10 चिकित्सालयों में डायलिसिस सेवाएं प्रारम्भ की जा चुकी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से ही पीपीपी मोड पर सेवा प्रदाता के माध्यम से 49 जिला चिकित्सालयों में गंभीर रोगियों को निःशुल्क सीटी स्कैन की सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं बाकी जनपदों में सेवाएं प्रारम्भ करने का कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि मण्डलीय जिला चिकित्सालयों में पीपीपी मोड पर सेवा प्रदाता के माध्यम से एमआरआई सेवाएं भी उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चिकित्सालयों में मरीजों को एक्सरे, अल्ट्रासाउन्ड एवं पैथालॉजी जॉच की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करायी जा रही है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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