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जेल में बंद 11 कैदी निकले HIV पॉजिटिव, एक महिला भी शामिल, मचा हड़कंप

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AdminBy Admin

Published on 22 April 2016 11:26 AM GMT

जेल में बंद 11 कैदी निकले HIV पॉजिटिव, एक महिला भी शामिल, मचा हड़कंप
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बहराइच: डिस्ट्रिक जेल में बंद 1,185 कैदियों की जांच में 11 एचआईवी पॉजिटिव निकले। इनमें एक महिला भी शामिल है। इसका खुलासा उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और स्वास्थ्य विभाग ने किया है। रिपोर्ट आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट शासन को भेजते हुए संक्रमित कैदियों का इलाज शुरू कर दिया है।

क्‍या है मामला

-शासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार डिस्ट्रक जेल में एचआई टेस्टिंग के लिए कैंप आयोजित किया।

-इससे पहले कैदी लक्षण के आधार पर ही एचआईवी की जांच के लिए भेजे जाते थे।

-चार दिनों तक लगातार चले इस कैंप के जरिए जेल में बंद 1185 कैदियों की एचआईवी जांच कराई गई।

-कैदियों के ब्लड सैंपल लिए गए।और फिर रिपोर्ट सामने आई।

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-जेल प्रशासन के मुताबिक सभी कैदियों का फाइनल टेस्ट पूरा कर लिया गया है।

-इनमें 11 कैदियों का टेस्ट पॉजिटिव आया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है।

-स्वास्थ्य विभाग ने इसकी रिपोर्ट जेल प्रशासन को सौंपकर शासन को भी जानकारी दे दी है।

-वहीं जेल में इतनी बड़ी संख्या में एड्स के मरीजों की पहचान होने से प्रशासन की नींद उड़ गई है।

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चार नशे के आदी कैदी भी एचआईवी पॉजिटिव

-जेल में विभिन्न अपराधों में बंद करीब 35 कैदी नशे के आदी हैं।

-इनमें चार कैदियों में एचआईवी पॉजिटिव मिला है।

-इसका खुलासा उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और ओपियाड सब्सीट्यूशंस थेरेपी सेंटर की जांच से हो चुका है।

जेल प्रशासन ने तत्‍कालीन सीएमएस से मांगी थी मदद

-जेल प्रशासन ने इन नशेड़ी कैदियों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए जिला हॉस्पिटल के तत्कालीन सीएमएस डॉ माहेश्वरी पांडेय से मदद मांगी थी।

-सोसायटी के प्रोग्राम अफसर व थेरेपी सेंटर के नोडल अधिकारी ने टीम के साथ कारागार का भ्रमण किया था।

-स्मैक व इंजेक्शन के जरिए नशा करने वाले कैदियों के इलाज की सहमति भी बनी थी, लेकिन बाद में यह कवायद परवान नहीं चढ़ सकी।

सीएमएस डॉक्‍टर ओपी पांडेय ने बताया

-कैंप के माध्यम से प्राथमिक तौर पर करीब 11 कैदियों के एचआईवी पॉजिटिव होने की बात सामने आई है।

-इन कैदियों की इलाज की व्यवस्था कर दी गई है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और एंटी रेट्रो वायल थेरेपी सेंटर को लेटर भेजा जा चुका है।

-शासन को भी अवगत कराया जा चुका है।

बरती जा रही सावधानी, इलाज शुरु

-जेल अधीक्षक ललित मोहन पांडेय ने बताया कि महिला समेत 11 कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं।

-इसके अलावा चार ऐसे कैदी हैं, जो नशेड़ी थे, उनमेंं भी एचआईवी पॉजिटिव हैं।

-इनका इलाज कराया जा रहा है।

ब्रिटिश काल में बनी थी जेल

-डिस्ट्रक जेल बहराइच ब्रिटिश काल के दौरान बनाई गई थी।

-यहां की बैरकों में 540 कैदियों को रखने की व्यवस्था है।

-लेकिन वर्तमान में यहां सजायाफ्ता व विचाराधीन कैदियों को मिलाकर करीब 15 सौ पुरुष व महिला बंद हैं।

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