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Etah News: जलेसर की दरगाह की प्रबन्धक कमेटी पर करोड़ों के घोटाले की रिपोर्ट दर्ज, कार्यवाही जारी

Etah: एटा जनपद के जलेसर कस्बे में स्थित सुप्रसिद्ध दरगाह छोटे मिया बडे़ मिया /शनि जात वाली इस अनोंखी प्रसिद्ध दरगाह में श्रद्धालुओं के चढ़ावे के पैसे का करोड़ों का गोलमाल करने का कमेटी पर आरोप है।

Sunil Mishra
Report Sunil MishraPublished By Vidushi Mishra
Published on: 12 April 2022 3:36 AM GMT
Chhote Miyan Bade Miyan Dargah
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छोटे मियां बड़े मियां दरगाह (फोटो-सोशल मीडिया)

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Etah: उत्तरप्रदेश के एटा जनपद के जलेसर कस्बे स्थित छोटे मियां बड़े मियां दरगाह (Chhote Miyan Bade Miyan Dargah) पर चढ़ावे को लेकर मैनेजमेंट कमेटी काफी विवाद में रही है। जिस प्रकरण में मामला कोर्ट कचहरी तक जा पहुंचा और दरगाह पर चढ़ने वाली रकम को लेकर दरगाह की कमेटी के अध्यक्ष सचिव सहित नौ पदाधिकारी के विरुद्ध प्रशासन ने मुकदमा दर्ज करा दरगाह का संचालन तहसील दार जलेसर को रिसीवर नियुक्त करके किया गया है।

आपको बताते चलें कि जांच के दौरान उक्त दरगाह पर जलेसर में शनि जात के पहले दिन 82 हजार नकद रुपये चढ़ावे के लिए रखे दान पात्रों में आये थे जिसकी कमेटी के अध्यक्ष मौहम्मद अकबर सहित कमेटी के नौ पदाधिकारी के विरुद्ध एस डीएम अलंकार अग्निहोत्री के आदेश पर दर्ज की गई है।

आपको बताते चलें कि एटा जनपद के जलेसर कस्बे में स्थित सुप्रसिद्ध दरगाह छोटे मिया बडे़ मिया /शनि जात वाली इस अनोंखी प्रसिद्ध दरगाह में श्रद्धालुओं के चढ़ावे के पैसे का करोड़ों का गोलमाल करने का कमेटी पर आरोप है।

दरगाह पर चढ़ने वाली चढ़ौनी को कमेटी द्वारा दरगाह के हित के स्थान पर निजी मामलों पर करीब 99 करोड़ रुपया खर्च करना भी जांच में पाया गया है। यह पैसा कमेटी ने किसी बैंक या अन्य स्थान पर नहीं रखा गया।

जलेसर देहात के प्रधान शैलेंद्र सिंह राजपूत ने14 मार्च 2022 को इस घोटाले की तहरीर दी थी तथा कमेटी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जांचकर कार्यवाही की मांग की गई थी। उसके बाद जिला प्रशासन की ओर से दरगाह कमेटी को नोटिस दिया गया था जिसमें जबाब देने के लिए समिति के प्रबंधक मोहम्मद अकबर सहित सभी पदाधिकारियों को बुलाया गया था। नोटिस के बाद भी जब कोई न आया और किसी ने भी नोटिस का जवाब भी नहीं दिया।

जिसमें प्रशासन द्वारा दिये गये नोटिस में 23 बिंदुओं पर प्रबंध समिति से जवाब मांगा गया था। प्रबंध समिति ने नोटिस पढ़ने के बाद वापस कर दिया गया तो प्रशासन ने इस नोटिस को प्रबंध समिति की सूचना हेतु दरगाह पर भी चस्पा किया गया ।

इसे भी दरगाह कमेटी के पदाधिकारियों ने फाड़कर आदेशों की अवहेलना की। सैकड़ों वर्ष पुरानी इस दरगाह पर एक षड्यंत्र के तहत कब्जा करने के उद्देश्य से इस कमेटी का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2018 में कराया गया था, तब से ही यह कमेटी घोटाले करने में जुटी थी।

शिकायत के बाद प्रशासन की जांच में उक्त दरगाह /शनि जात पर प्रतिवर्ष करीब साढ़े चार से साढ़े पांच करोड़ के हिसाब से पैसा चढ़ौनी के रुप में आने की पुष्टि हुई। जांच में वर्ष 2000 से 2018 के बीच शनि की जात पर अनुमानित 83 से 99 करोड़ रुपया अवैध रूप से संगठित गिरोह बनाकर अर्जित किया गया।

शनि जात के दौरान धन का असामाजिक गतिविधियों आदि में इस्तेमाल जैसे जघन्य अपराध एवं दुरुपयोग किया गया है। जिसे अध्यक्ष एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने आपस में बांटकर किसी बैंक आदि में जमा न करके व्यक्तिगत उपयोग में खर्च किया गया है और श्रद्धालुओं के चढ़ाए गए इस धन का गबन किया है।

तहरीर में कहा गया है कि इन लोगों ने दरगाह के नाम पर कई संपत्तियों पर कब्जा कर उसे बेचकर अनुचित लाभ उठाकर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। जिसमें 50 करोड़ की जलेसर व अलीगढ़ में अकूत संपत्ति भी अर्जित की है। पुरानी तहसील की भूमि पर भी अवैध रूप से कब्जा कर बेनामे किए हैं।

एसडीएम अलंकार अग्निहोत्री की ओर से मिले आदेश के बाद सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हो गया है साथ ही पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

◾️जलेसर में शनि जात/बड़े मियां की दरगाह पर तीन महीने बाद हुए दर्शन में जमकर चढ़ावा आया शनिवार को हुई जात के बाद शाम को जब गिनती हुई तो 82 हजार रुपये नकद चढ़ावा गिना गया मंदिर में प्रशासन की ओर से दानपात्र रखे गए थे इन दानपात्रों पर तहसील प्रशासन का ताला लगा हुआ है । शाम को दानपात्र खोलकर रुपयों की गितनी कराई गई तो 82 हजार 200 रुपये दानपात्रों में मिले। इसके अलावा काफी गेहूं भी चढ़ावे में आए हैं। यह अलग-अलग स्थानों पर चढ़ाए गए थे।

बताते चले कि जिला प्रशासन की ओर से जलेसर तहसीलदार को इसका रिसीवर नियुक्ति किया गया था। इसमें चार लोगों की कमेटी बनाई गई है। इसमें दो लोग हिंदू तथा दो लोग मुस्लिम वर्ग से लिए गए हैं। यह लोग दरगाह की जिम्मेदारी प्रशासन के साथ मिलकर संभाल रहे हैं।

आपको बताते चलें कि इस पूरे घोटाले में जलेसर विधायक की मुहिम भी रंग लाई है ..जलेसर विधायक संजीव दिवाकर द्वारा जलेसर स्थित छोटे-बड़े मियां दरगाह को लेकर काफी लंबे अर्से से की जा रही पहल अब रंग लाती दिख रही है।

जिसमे ग्राम प्रधान की शिकायत पर एटा डीएम अंकित कुमार अग्रवाल के निर्देश पर कमेटी को भंग कर दरगाह कमेटी के सदस्यों पर 99 करोड़ रुपये की चढ़ोनी का घोटाला करने पर थाना जलेसर में एफआईआर दर्ज कराकर जिला प्रशाशन ने छोटे मियां-बड़े मियां की मजार को अपने कब्जे में लेकर पुलिस बल तैनात कर दिया है।

वही अब दरगाह की देखरेख जिला प्रशासन द्वारा गठित 4 सदस्यीय कमेटी द्वारा की जाएगी अब धर्म के नाम पर करोड़ों की चढ़ोनी में घोटाला करने वाले लोगों में हड़कम्प मचा हुआ है इस पूरे मामले की जलेसर विधायक संजीव दिवाकर की पहल को सार्थक होते देख क्षेत्रीय लोगों ने क्षेत्रीय विधायक व प्रशासन की सोशल मीडिया पर भी इस पहल की काफी प्रशंसा की जा रही है।

क्षैत्राधिकारी जलेसर इरफान नासिर खान ने बताया कि घोटाले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Vidushi Mishra

Vidushi Mishra

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