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Etawah News: सीट के नीचे कोबरा देख याद आ गए यमराज, घबराकर कमरे से बाहर भागे कर्मचारी

Etawah News: राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया जब अचानक से एक कोबरा सांप निकल आया। इस मामले की जानकारी वन्य जीव विशेषज्ञ आशीष त्रिपाठी को दी गई जिसके बाद सांप को पकड़ने का काम किया गया।

Ashraf Ansari
Published on: 4 April 2025 4:08 PM IST
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Etawah News: इटावा जिले में बने राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज के ऑफिस में कर्मचारियों संग एक खतरनाक 5 फीट लम्बा कोबरा सांप भी उनके ऑफिस में ही टेबिल के नीचे आकर बैठा था इस बात से बिलकुल अंजान कर्मचारी जितेंद्र पटेल अपनी सीट पर बैठे काम कर रहे थे तभी अचानक से उस 5 फीट लम्बे खतरनाक कोबरा सर्प पर उनकी नजर पड़ी तो उसे देखकर उनके होश ही उड़ गए और वे तुरंत ही कमरे से बाहर भागे तभी वह कोबरा कमरे में रखी अलमारी के पीछे जाकर छुप गया। ऑफिस में कोबरा की खबर सुनकर सभी कर्मचारियों और शिक्षको के होश ही फाख्ता हो गए, कमरे से बाहर आकर उन्होंने अपने संस्थान के प्रभारी प्रिंसिपल योगेंद्र सिंह को ऑफिस में खतरनाक कोबरा सांप के छिपे होने की सूचना दी।

सीट के नीचे छिपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा

योगेंद्र सिंह ने कोबरा रेस्क्यू के लिए वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी से सम्पर्क किया जिसके बाद डॉ आशीष ने तुरन्त ही मौके पर पहुंचकर उस खतरनाक स्पेक्टिकल कोबरा को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर उसके प्राकृतवास में ले जाकर छोड़ दिया, रेस्क्यू के बाद सभी लोगों ने राहत की सांस ली, शिक्षकों ने डॉ आशीष को सभी के जीवन को सुरक्षित करने के लिए विशेष आभार भी व्यक्त किया।

पिछले कई दिनों से बेहद दहशत में थे संस्थान के सभी कर्मचारी

राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज,इटावा के प्रभारी प्रिंसिपल योगेंद्र सिंह ने बताया कि यह कोबरा सांप पिछले 3 से 4 दिनों से परिसर में इधर उधर दिखाई दे रहा था और अचानक से गायब भी हो जाता था जिसे देखकर हम सभी लोग बेहद ही दहशत में रहकर यहां काम कर रहे थे संस्थान में कई सैकड़ा बच्चे भी अध्धयनरत है अतः हम सभी को बहुत ज्यादा डर भी लग रहा था कि कहीं कोई दुर्घटना घटित न हो जाए लेकिन अब कोबरा सांप के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद से हम सभी लोग भयमुक्त और सुरक्षित हो गए है।

डॉ आशीष ने दी सभी को सर्पदंश उपचार की महत्वपूर्ण जानकारी

नगर पालिका परिषद के पर्यावरण एवम वन्यजीव संरक्षण के ब्रांड एंबेसडर सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी ने सभी लोगों को मौके पर सर्पदंश के बाद के सुरक्षित प्राथमिक उपचार की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक 5 फीट लम्बा नर स्पेक्टिकल कोबरा था जिसका जन्तु वैज्ञानिक नाम नाजा नाज़ा है इसमें बेहद ही खतरनाक न्यूरोटॉक्सिक वेनम भी मौजूद होता है जिसके दंश के बाद सही समय पर उपचार न मिलने पर रोगी की मृत्यु भी हो जाती है।


उन्होंने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों से अपील की कि कभी भी किसी भी जहरीले सर्प (कोबरा या करैत) के काटने के बाद बिलकुल भी घबराना नही है बस हल्का सा बंध लगाकर जल्द ही जिला अस्पताल (मोतीझील) के इमरजेंसी वार्ड कमरा नम्बर 3 में जाकर एंटीवेनम ही लगवाना चाहिए लेकिन कोबरा या करैत के दंश के बाद कभी भी किसी झाड़ फूंक या अंध विश्वास में आकर रोगी का कीमती समय बिल्कुल भी बर्बाद नहीं करना चाहिए।

आने वाले भविष्य में इटावा बनेगा पूर्ण सर्पदंश मुक्त जनपद इटावा

जनपद में पिछले 7 वर्षों से संस्था ओशन के मध्यम से विशेष सर्पदंश जागरूकता अभियान चला रहे वन्यजीव एवम सर्पदंश विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी का एक बड़ा सपना है कि,आने वाले भविष्य मैं जनपद इटावा उत्तर प्रदेश में पूर्ण रूप से सर्पदंश मुक्त जनपद के नाम से भी पहचाना जाए इसी क्रम में डॉ आशीष जनपद इटावा की जनता की बहुमूल्य जान बचाने के साथ साथ अब तक हजारों वन्यजीवों को भी उनके प्राकृतवास में सुरक्षित रिलीज कर उन्हें जीवन दान दे चुके है।

डॉ आशीष के जागरूकता के अथक प्रयासों के उपरान्त अब जनपद इटावा की जनता सर्पदंश से भयमुक्त हो चुकी है साथ ही उनकी संस्था ओशन द्वारा चलाए जा रहे विशेष सर्पदंश जागरूकता अभियान से प्रेरित और जागरूक होकर लोगो ने अब किसी भी प्रकार के वन्यजीवों को मारना भी छोड़ दिया है।

सर्पदंश जागरूकता अभियान और स्नेकबाइट हेल्पडेस्क से आया बड़ा बदलाव

इटावा जनपद में सर्पदंश जागरूकता अभियान चलाए जाने के बाद से अब एक बहुत ही बड़ा बदलाव भी आ चुका है कि,अब लोग सांप काटने के बाद झाड़ फूंक न करवाकर सीधे जिला अस्पताल जाकर इलाज कराने लगे है यह एक बहुत बड़ा सामाजिक बदलाव भी है।

साथ ही पूरे जनपद में कहीं भी सर्पदंश के बाद लोग डॉ आशीष को उनके स्नेकबाइट हेल्पलाइन नम्बर 7017204213 पर सूचना देने लगे है जिसके बाद सर्पदंश की सही पहचान कर रोगी को जल्द से जल्द तत्काल अस्पताल पहुंचने में लगातार मदद की जा रही है जिससे राज्य सरकार द्वारा घोषित राज्य आपदा को जनपद में कम करने में महत्वपूर्ण मदद भी मिल रही है और इस हेल्पलाइन से लोगों का अमूल्य जीवन बचाने के साथ साथ सरकार का 4 लाख रुपए का बड़ा राजस्व भी बच रहा है।

Shashi kant gautam

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