×

ये यूपी है जनाब ! कामचोर कर्मचारियों ने निकाल लिया बायोमेट्रिक अटेंडेंस का तोड़

यूपी की योगी सरकार ने काम चोरी रोकने के लिए कर्मचारियों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस की शुरुआत की। जिससे सरकारी दफ्तरों में कार्य और स्कूलों में पढ़ाई समय से चल सके।

tiwarishalini

tiwarishaliniBy tiwarishalini

Published on 29 Sep 2017 7:04 PM GMT

ये यूपी है जनाब ! कामचोर कर्मचारियों ने निकाल लिया बायोमेट्रिक अटेंडेंस का तोड़
X
ये यूपी है जनाब ! कामचोर कर्मचारियों ने निकाल लिया बायोमेट्रिक अटेंडेंस का तोड़
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

मुरादाबाद : यूपी की योगी सरकार ने काम चोरी रोकने के लिए कर्मचारियों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस की शुरुआत की। जिससे सरकारी दफ्तरों में कार्य और स्कूलों में पढ़ाई समय से चल सके। सरकार के इस कदम के बाद जनता को लगा कि इससे अब शायद सरकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सकारात्मक सुधार आएगा। लेकिन, जनाब यहां तो कामचोरों की कमी नहीं है। सरकार ने एक कदम आगे चलने की कोशिश की, तो यहां के कामचोर दो कदम आगे बढ़कर कुछ ऐसा तूफानी काम कर जाते हैं जिससे सरकार के दावों की फजीहत तो होती ही है साथ ही जनता को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।

कुछ ऐसा ही मामला यूपी के मुरादाबाद में देखने को मिला है। जहां कामचोर सरकारी कर्मचारियों ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस का भी तोड़ निकाल लिया है। बड़े पैमाने पर सरकारी कर्मचारी फिंगर प्रिंट स्कैन कर के बायोमेट्रिक मोहर बनवा रहे हैं। यही मोहर बायोमेट्रिक हाजिरी मशीन का तोड़ है। मार्केट में बायोमेट्रिक मोहर महज आधे घंटे में बन जाती है।

यह भी पढ़ें .... शिक्षकों ने जताया ‘बायोमेट्रिक अटेन्डेंस’ पर विरोध, कहा- नहीं बनेंगे अंगूठा छाप

इसके लिए मात्र दो सौ से तीन सौ रुपए ही खर्च करने पड़ते हैं। जिसके बाद कोई भी इस मोहर को बायोमेट्रिक मशीन पर लगाकर किसी की भी अटेंडेंस लगा सकता है। बायोमेट्रिक मशीन पर ये मोहर ठीक वैसे ही काम करेगी जैसा की अंगूठा कार्य करता है। इस बायोमेट्रिक मोहर के जरिए कर्मचारी घर बैठे ही अटेंडेंस लगा सकते हैं।

यह भी पढ़ें .... PM मोदी के संसदीय क्षेत्र में नगर निगम की बायोमेट्रिक मशीनें खराब, समय पर आने वाले कर्मचारी हो रहे परेशान

सिर्फ मुरादाबाद शहर के अंदर ही बायोमेट्रिक मोहर बनाने की दुकानें एक दर्जन से ज्यादा हैं। नाम न बताने पर एक दुकानदार ने बताया कि सबसे ज्यादा यह मोहरें सरकारी कर्मचारी बनवा रहे हैं। वह अब तक करीब दो हजार से ज्यादा मोहर बना चुका है। उसने यह भी बताया कि इस तरह की सबसे ज्यादा मोहर अब तक आधार कार्ड बनाने वालों ने बनवाई हैं।

बता दें कि अब ज्यादातर सभी सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन लग चुकी है। सरकारी दफ्तरों में रजिस्टर की जगह बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन पर फिगर स्कैन करके ही अटेंडेंस लगती है। बायोमेट्रिक मशीन लग जाने के बाद से सरकार का दावा था की अब सभी सरकारी दफ्तरों में कामचोरी रुक जाएगी और कर्मचारी घर बैठ कर अपनी अटेंडेंस नहीं लगा पाएंगे।

tiwarishalini

tiwarishalini

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

Next Story