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परिवार नियोजन में सहायक बनी अंतरा और छाया

परिवार नियोजन के लिए अंतरा इंजेक्शन की उपयोगिता निर्विवाद है। इसी तरह छाया नामक गर्भनिरोधक गोलियां भी बेहद कारगर हैं। जनपद में इसका प्रसार-प्रचार जोरों पर है। अच्छी बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनका सही से इस्तेमाल शुरू हो गया है। तमाम महिलाएं गर्भ रोकने के लिए इनका प्रयोग कर रही हैं। इसमें आशा कार्यकर्ता की अहम भूमिका निभा रही हैं।

Anoop Ojha

Anoop OjhaBy Anoop Ojha

Published on 29 Jan 2019 1:37 PM GMT

परिवार नियोजन में सहायक बनी अंतरा और छाया
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सहारनपुर: परिवार नियोजन के लिए अंतरा इंजेक्शन की उपयोगिता निर्विवाद है। इसी तरह छाया नामक गर्भनिरोधक गोलियां भी बेहद कारगर हैं। जनपद में इसका प्रसार-प्रचार जोरों पर है। अच्छी बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनका सही से इस्तेमाल शुरू हो गया है। तमाम महिलाएं गर्भ रोकने के लिए इनका प्रयोग कर रही हैं। इसमें आशा कार्यकर्ता की अहम भूमिका निभा रही हैं।

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फरवरी 2018 में हुई शुरुआत- जनपद में त्रैमासिक इंजेक्शन अंतरा की शुरुआत जिला महिला चिकित्सालय में फरवरी 2018 में की गयी थी, ताकि दंपत्तियों को इसका लाभ मिल सके। डॉक्टरों का कहना है कि अंतरा इंजेक्शन बहुत ही प्रभावी गर्भनिरोधक है, लेकिन यह इंजेक्शन लेने से कभी-कभी मासिक धर्म में परिवर्तन हो सकता है। इन समस्याओं के कारण लाभार्थी घबरा जाती हैं और अगला इंजेक्शन नहीं लगवातीं। इस कारण उन्हें अनचाहा गर्भ ठहरने की आशंका फिर से बढ़ जाती है। यदि ऐसी स्थिति में महिला को उचित परामर्श मिलता है तो वह इन बदलाव के बावजूद अंतरा लगवाना जारी रखेंगी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए अंतरा केयर लाइन का संचालन किया गया है। उल्लेखनीय है कि अंतरा और छाया की सुविधा जनपद में कुल 11 सीएचसी व जिला महिला अस्पताल में दी जा रही है।

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महिला को मिलते हैं सौ रुपये -

गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा लगवाने वाली महिला को सौ रुपये भी दिए जाते हैं। इस इंजेक्शन को लगवाने के लिए प्रेरित करने वाली आशा कार्यकर्ता को भी सौ रुपये दिये जा रहे हैं।

छाया का नहीं है कोई साइड इफेक्ट- स्टीरॉयड न होने की वजह से छाया नान हर्मोनल गर्भनिरोधक गोली है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। मासिक चक्र के दीर्घकरण के अलावा छाया का कोई दुष्प्रभाव नहीं पाया गया है। हार्मोनल गोलियों की तुलना में छाया के सेवन से मोटापा मतली होना उल्टी या चक्कर आना रक्तस्त्राव और मुहांसे जैसे कोई दुष्प्रभाव नहीं होते। इस कारण यह अधिक सुरक्षित है।

सहेली के नाम से बाजार में उपलब्ध-

स्वास्थ्य विभाग की छाया गर्भनिरोधक गोलियों में सेटक्रोमैन दवा है। वर्ष 1991 में यह दवा भारतीय बाजार में लांच हुई थी। सहेली नाम से यह दवा वर्षों से बाजार में मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध है। आठ गोलियों की एक स्ट्रिप की कीमत 25 रुपये है। जबकि सरकार निशुल्क उपलब्ध कराती है।

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ऐसे करें सेवन -

छाया का सेवन आरंभ करने के लिए मासिक धर्म शुरू होने वाले दिन पहली गोली लेनी होगी। इसके बाद चौथे दिन दूसरी गोली। उदाहरण के तौर पर यदि किसी का मासिक धर्म रविवार को शुरू हुआ तो पहली गोली रविवार को व दूसरी चौथे दिन यानि बुधवार को लेनी होगी। इसके बाद तीन माह तक हर सप्ताह रविवार और बुधवार को यह गोली लेनी है।

सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मिलेती है छाया- छाया टेबलेट जिला महिला अस्पताल के अलावा 11 सीएचसी पर मिलती है यहां अंतरा इंजेक्शन भी लगाये जाते हैं। अब तक प्रथम राउंड में 1629 महिलाओं द्वितीय राउंड में 701 व तृतीय राउंड में में 311 महिलाओं को अंतरा इंजेशन लगाये जा चुके हैं। साथ ही इसके लिए महिलाओं को जागरूक भी किया जा रहा है।

अभी टोल फ्री नंबर की सुविधा सहारनपुर में उपलब्ध नहीं है। लेकिन जल्द ही इसके शुरू होने की संभावना है।

Anoop Ojha

Anoop Ojha

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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