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औरैया: भगवान भरोसे चल रहे सरकारी नलकूप, किसानों को हो रही समस्या

जिले के सरकारी नलकूप भगवान भरोसे चल रहे हैं। 358 नलकूपों की देखरेख का दायित्व 109 आपरेटरों के जिम्मे है।

Ashiki Patel

Ashiki PatelPublished By Ashiki PatelPravesh ChaturvediReport Pravesh Chaturvedi

Published on 6 April 2021 5:17 PM GMT

औरैया: भगवान भरोसे चल रहे सरकारी नलकूप, किसानों को हो रही समस्या
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औरैया: जिले के सरकारी नलकूप भगवान भरोसे चल रहे हैं। 358 नलकूपों की देखरेख का दायित्व 109 आपरेटरों के जिम्मे है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक तीन नलकूप विद्युत व चार यांत्रिक दोष से खराब हैं। जबकि बीहड़ी क्षेत्र में अधिकांश नलकूप खराब हैं। मजबूरी में किसान मंहगी सिंचाई करने को विवश हो रहे हैं।

प्राइवेट नलकूपों से सिंचाई करने को विवश हो रहे किसान

कहने के लिए जिले में 358 नलकूप हैं लेकिन इनकी देखरेख के लिए मात्र 109 नलकूप आपरेटर हैं। ऐसे में एक आपरेटर को चार से पांच तक नलकूप की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सदर ब्लॉक व अजीतमल ब्लॉक क्षेत्र में करीब एक सैकड़ा नलकूपों में 50 फीसदी नलकूप खराब पड़े हैं जो नलकूप ठीक हैं उनमें अधिकांश दबंग किसानों का कब्जा है। इस समय गर्मी में मूंग, ऊर्द, सब्जी आदि की फसलों को पानी की आवश्यकता है। ऐसे में किसान मजबूरी में प्राइवेट नलकूपों से 150 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से फसलों की सिंचाई करने को विवश हो रहे हैं।

सदर ब्लॉक के ग्राम अयाना में छह एजी, 14 एजी, अयाना सुगंधा में सरकारी नलकूप महीनों से खराब पड़े हैं। कमोवेश यही स्थिति त्योरलालपुर, असेवा आदि गांवों में लगे नलकूपों की है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक नलकूप आपरेटरों की लंबे समय से नियुक्ति नहीं हुई है। जो हैं उनमें भी प्रतिवर्ष एक-दो सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसलिए नलकूपों के संचालन में दिक्कतें हो रही हैं। इसके अतिरिक्त किसानों का कहना है कि सरकारी नलकूप तो सिर्फ राजनीति का केंद्र बने हुए हैं। उसमें जो भी अधिकारी आते हैं वह सिर्फ दबंगों को ही चाभी सौंपने का कार्य करते हैं। उनका कहना है अधिकारियों को इसकी जानकारी है मगर वह सिर्फ अपनी जेबों के सिवा किसानों के हितों की कोई भी बात नहीं करते हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग के खिलाफ हम सभी लोग मुख्यमंत्री पोर्टल सहित अन्य उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत करेंगे जिससे कि उनकी फसलों को पानी समय के अनुसार मिल सके।

मंहगी सिंचाई करने को विवश

किसान सुरेंद्र सिंह का कहना है कि इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। सब्जी की फसल में पानी की जरूरत है। सरकारी नलकूप महज शोपीस बने हुए हैं। प्राइवेट नलकूपों से मंहगाई सिंचाई करने को विवश होना पड़ रहा है।


एक माह से खराब पड़ा नलकूप

किसान सत्यदेव का कहना है कि असेवा में दो सरकारी नलकूपों में एक नलकूप करीब एक माह से खराब पड़ा है। जिसकी शिकायत नलकूप विभाग के अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।

महीनों से खराब पड़े दोनो नलकूप

किसान वीरेंद्र सिंह का कहना है कि जुुहीखा के 42 एजी व 132 एजी नलकूप महीनों से खराब पड़े हैं। विभागीय लापरवाही का हाल यह है कि जानकारी देने के बाद भी अधिकारी तो दूर आपरेटर तक ने यहां आने की जेहमत नहीं उठाई है। जिससे हम लोगों की फसलें सूख रही हैं।

क्या कहना है अधिकारी काइस संबंध में नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि आपरेटरों की कमी है इसके बावजूद नलकूपों का संचालन निर्बाध करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बीहड़ी क्षेत्र के खराब नलकूपों के संबंध में वह अधीनस्थों को भेजकर जांच कराएंगे। यदि खराब पाए जाते हैं तो उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा।

Ashiki

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