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बैंक रिटायरीज का मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन व हस्ताक्षर अभियान

लखनऊ। सैकड़ों बैंकों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों ने आल इंडिया बैंक रिटायरीज़ फेडरेशन के आह्वान पर फेडरेशन ऑफ़ बैंक रिटायरीज एसोसिएशन, यूपी के झंडे के नीचे अपनी लंबित मांगों को लेकर सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया हजरतगंज के समक्ष मानव श्रृंखला का निर्माण कर प्रदर्शन किया।

राम केवी

राम केवीBy राम केवी

Published on 13 Jan 2020 1:47 PM GMT

बैंक रिटायरीज का मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन व हस्ताक्षर अभियान
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लखनऊ। सैकड़ों बैंकों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों ने आल इंडिया बैंक रिटायरीज़ फेडरेशन के आह्वान पर फेडरेशन ऑफ़ बैंक रिटायरीज एसोसिएशन, यूपी के झंडे के नीचे अपनी लंबित मांगों को लेकर सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया हजरतगंज के समक्ष मानव श्रृंखला का निर्माण कर प्रदर्शन किया। इस दौरान बैंक के ग्राहकों एवं आम जनता के बीच अपनी मांगों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।

यह जानकारी फेडरेशन ऑफ़ बैंक रिटायरीज एसोसिएशन, यूपी के अध्यक्ष आरके अग्रवाल ने दी। आंदोलन आल इंडिया बैंक रिटायरीज़ फेडरेशन के आह्वान पर देश भर के पैमाने पर चल रहा है जिसमें अपनी मांगों के प्रति जन समर्थन जुटाया जा रहा है।

गुजारा होना मुश्किल है

बैंक रिटायरीज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने कहा कि बैंक कर्मचारियों में वर्ष 1995 में पेंशन योजना केंद्रीय सरकार एवं भारतीय रिज़र्व बैंक के कर्मचारियों के अनुरूप प्रारम्भ हुई, परन्तु जहाँ केंद्रीय सरकार एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों के पेंशन में वृद्धि प्रत्येक 10 वर्ष पर केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा की जाती है, पिछले वर्ष रिज़र्व बैंक में भी यह वृद्धि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की गयी, वहीं बैंकों में पिछले 25 वर्षों में यह वृद्धि एक बार भी नहीं दी गयी, जबकि प्रत्येक 5 वर्ष पश्चात् बैंक कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षण होता आया है। यही नहीं फॅमिली पेंशन भी बैंकों में मात्र 15 फीसद है जबकि केंद्र सरकार में यह 40 फीसद है, परिणाम स्वरुप बैंक के फॅमिली पेंशनर्स को बहुत ही कम पेंशन मिलती है जिससे उनका गुज़ारा होने मुश्किल है।

बैंक के सेवा निवृत्त कर्मचारियों के स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम पिछले 5 वर्षों में बढ़ते बढ़ते 5 गुना हो गया है जिसके कारण 60 फीसद लोगों को बीमा छोड़ने पर मज़बूर होना पड़ा, बढ़ती हुई उम्र में स्वास्थ्य के ऊपर सबसे ज्यादा व्यय होने के बावजूद भी न तो सरकार ने और न ही बैंकों ने इन वरिष्ठ नागरिकों पर कोई ध्यान दिया है।

गिरती ब्याज दर से बढ़ी मुश्किल

बैंक रिटायरीज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने कहा कि बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों की जमा राशि पर ब्याज की दर निरंतर गिरती जा रही है जिसके कारण ब्याज की रकम पर जीवन यापन करने वालों के लिए कठिनाई बढ़ती जा रही है, इनके लिए फेडरेशन ने न्यूनतम नौ फीसद ब्याज दर किये जाने की मांग की है एवं बैंक में जमाराशि का रु दस लाख तक बीमा किये जाने की मांग की है ताकि बैंक डूबने की दशा में वरिष्ठ नागरिकों की जमाराशि सुरक्षित रह सके।

इस प्रदर्शन में प्रमुख रूप से आरके अग्रवाल, अध्यक्ष, आर एम टंडन, महामंत्री, अनूप शरण सिंह, उप महामंत्री के अतिरिक्त आर के धवन, के पी गुप्ता, धर्मवीर श्रीवास्तव, आर के सिंह, आर डी स्वर्णकार, आर एन मेहरोत्रा, बी एन दीक्षित, ओ पी गौतम, एस आर मिश्रा, धीरेन्द्र कुमार, राकेश चौधऱी, आई इस स्याल, एपी सिंह, वी एन सिंह, एम् एम् बाजपेई, ए पी केसवानी, वी एन गुप्ता, एच के अग्रवाल, टी आर मौर्य, आलोक मिश्रा, राजकुमार इत्यादि मौजूद थे। यह हस्ताक्षर अभियान 30 जनवरी तक शहर के अलग अलग भागों में चलता रहेगा। इसका समापन 31 जनवरी को इलाहाबाद बैंक हज़रतगंज के प्रांगण में एक विशाल धरना कार्यक्रम के साथ होगा।

राम केवी

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