मिर्जापुर: न्यायालय से फाइल गायब होने पर तहसील में हंगामा

स्थानीय तहसील के एसडीएम न्यायालय में तारीख लेने आया मुअक्किल का हस्ताक्षर कराते समय फाइल से प्रार्थना पत्र गायब देख अधिवक्ता भड़क गया। न्यायालय के बाहर हंगामा पर साथियों ने किसी तरह मामला शांत कराया।

मिर्जापुर शहर की फ़ाइल फोटो

मिर्जापुर: स्थानीय तहसील के एसडीएम न्यायालय में तारीख लेने आया मुअक्किल का हस्ताक्षर कराते समय फाइल से प्रार्थना पत्र गायब देख अधिवक्ता भड़क गया। न्यायालय के बाहर हंगामा पर साथियों ने किसी तरह मामला शांत कराया। बताया जाता है कि सिंचाई विभाग की जमीन पर कुछ लोग अनाधिकार कब्जा का प्रयास कर रहे हैं। जिसका मामला एसडीएम न्यायालय में लम्बित है।

शुक्रवार को वादी के साथ अधिवक्ता उपजिलाधिकारी के कोर्ट में पहुँचा तो मजिस्ट्रेट नहीं थे। सुनवाई के लिए पेशकार अगली तारीख दे रहा था। फाईल से महत्वपूर्ण कागजात गायब देख हंगामा होने लगा। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि विपक्षियों की मिलीभगत से कर्मचारी कागजात गायब कर दे रहे हैं।

हंगामा बढ़ते देख कर्मचारियों ने फाइल में कागजात लगा दिया।तब मामला शांत हुआ।बताया जाता है कि सिचाई बिभाग के कब्जे की कीमती नौ बिस्वा पथरीली जमीन राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से पटेवर गांव निवासी कुमारी देवी के नाम से कृषि आवंटन कर दिया गया। फिर भूमाफियाओं को ऊंचे रेट में बेच दिया गया।

सिचाई विभाग के विरोध पर न्यायालय में पट्टा तो खारिज कर दिया गया।किन्तु लोग हेराफेरी से बाज नही आ रहे।अधिवक्ता देवराज ने बताया कि उपजिलाधिकारी सुरेंद्र बहादुर सिंह को दूरभाष पर सूचित कर दिया गया।अधिवक्ताओं ने कहा कि एसडीएम न्यायालय मे पेशकार सुशील कुमार गुप्ता के कार्यकाल में फाईल गायब होने का यह पहला मामला नही है।

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