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एक साथ खेलते कूदते हुए थे बड़े, एक साथ ही लगी पांचों की चिता में आग

Sanjay Bhatnagar

Sanjay BhatnagarBy Sanjay Bhatnagar

Published on 23 Jun 2016 2:29 PM GMT

एक साथ खेलते कूदते हुए थे बड़े, एक साथ ही लगी पांचों की चिता में आग
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[nextpage title="next" ]कानपुर:एक साथ उठे छह जनाजों से पूरे मोहल्ले में मातम बरपा हो गया। एक साथ खेल कूद कर बड़े हुए एक ही मोहल्ले के ये लड़के एक साथ चिता में समा गए। बुधवार को गंगा बैराज के दर्दनाक हादसे में इनकी मौत हो गई थी।

परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस ने जरा भी सक्रियता दिखायी होती, तो इनमें से कई की जान बचाई जा सकती थीl

आगे की स्लाइड में जानिये क्यों हुआ हादसा

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ganga tragedy-seven friends die पीछे छोड़ गए आंसुओं की नदी

छोटी चूक, बड़ा हादसा

-गंगा हादसे में 10 लड़कों में से 7 की डूब कर मौत हो गई थी।

-हादसे में बचे अर्जुन श्रीराम सैनी ने newztrack को घटना की जानकारी दी।

-सैनी ने बताया कि सभी गंगा बैराज पर खड़े थे, तभी सत्यम का पैर फिसल गया। वह पानी में गिर कर डूबने लगाl

आगे की स्लाइड में जानिये कैसे डूबे एक के बाद एक

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ganga tragedy-seven friends die कौन किसे दे तसल्ली ?

-सत्यम को बचाने के लिए शिवम ने भी गंगा में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी डूबने लगा।

-उन्हें डूबता देख बारी बारी अर्जुन, फिर सचिन, संदीप, गोलू और रोहित भी कूद गएl

-पास ही मौजूद एक नाविक ने अर्जुन को बचा लियाl

आगे की स्लाइड में जानिये क्या किया दोस्तों ने

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ganga tragedy-seven friends die रोहित, सत्यम और शिवम के घर

पुलिस की लापरवाही

-साथियों को डूबता देख श्रीराम और पंकज तिवारी ने भाग कर गंगा बैराज चौकी इंचार्ज को छह लोगों के डूबने की जानकारी दी।

-इंचार्ज ने बारिश में मोबाइल खराब होने की बात कह कर इनकार किया और गोताखोर ढूंढने की सलाह दी।

-चौकी इंचार्ज आधे घंटे बाद पहुंचे, उन्होंने 4 गोताखोर बुलाए जिनके आने में ढाई घंटे लग गएl

आगे की स्लाइड में जानिये पुलिस ने क्या किया

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ganga tragedy-seven friends die सत्यम और शिवम के पिता और परिजन

-बाद में एसपी पश्चिम और एडीएम सिटी के पहुंचने पर एक दर्जन गोताखोरों की टीम उतारी गई और शव निकाले गए।

-आरोप है कि गंगा से निकाले गए शिवम, सचिन, और संदीप की सांसें चल रही थीं, लेकिन एम्बुलेंस न होने से उन्हें नहीं बचाया जा सका।

-बाद में पुलिस जीप की सीट गंदी न हो, इसे लेकर भी पुलिस ने युवकों को ले जाने में हीलाहवाली की, और देरी के कारण लड़कों की मौत हो गई।

आगे की स्लाइड में जानिये क्या चाहते हैं पीड़ित परिवार

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ganga tragedy-seven friends die बच गए, कि सुना सकें मौत की दास्तान

...ताकि अब न हो हादसा

-इस दर्दनाक हादसे में सत्यम और शिवम दो सगे भाइयों की मौत हो गई।

-सत्यम, शिवम के पिता राजकुमार ने प्रशासन से प्रार्थना की है कि बैराज पर ऐसी व्यवस्था हो कि अब किसी का परिवार बर्बाद न हो।

-मृतक रोहित की शादी इसी साल 2 मार्च को हुई थी।

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Sanjay Bhatnagar

Sanjay Bhatnagar

Writer is a bi-lingual journalist with experience of about three decades in print media before switching over to digital media. He is a political commentator and covered many political events in India and abroad.

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