IMPACT: भाई-बहन को मिलाएंगे जनरल वीके सिंह, ऑपरेशन राखी पर की पहल

एक बहन को उसके भाई से मिलाने की newstrack.com की मुहिम ऑपरेशन राखी का केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने संज्ञान लिया है। जनरल वीके सिंह ने ट्विटर के जरिए इस मामले में और जानकारी मांगी थी जिसे उन्हें तत्काल मुहैया करा दी गई। जनरल वी के सिंह ने इस मामले की जानकारी एम्बैसी ऑफ इंडिया, रियाद को साझा करने को कहा इसके बाद एम्बैसी ऑफ इंडिया, रियाद ने भी newstrack.com से संपर्क किया और कहा कि वह इस मामले को देख रहे हैं।

Published by tiwarishalini Published: August 17, 2016 | 10:53 pm
Modified: August 29, 2016 | 3:53 pm

फतेहपुर: एक बहन को उसके भाई से मिलाने की newstrack.com की मुहिम ऑपरेशन राखी का केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने संज्ञान लिया है। जनरल वीके सिंह ने ट्विटर के जरिए इस मामले में और जानकारी मांगी थी, जिसे उन्हें तत्काल मुहैया करा दी गई। जनरल वीके सिंह ने इस मामले की जानकारी एम्बैसी ऑफ इंडिया, रियाद को साझा करने को कहा इसके बाद एम्बैसी ऑफ इंडिया, रियाद  ने भी newstrack.com से संपर्क किया और कहा कि वह इस मामले को देख रहे हैं।

दरअसल यूपी के फतेहपुर के रहने वाले एक परिवार का बेकसूर बेटा धर्मेंद्र कुमार सऊदी अरब की जेल में पिछले चार सालों से बंद है। वह एक पाकिस्तानी ड्राइवर द्वारा किए गए एक्सिडेंट की सजा भुगत रहा है। सजा पूरी होने के बाद भी उसे रिहा नहीं किया जा रहा है। परिवार केंद्रीय मंत्री से लेकर विदेश मंत्रालय तक गुहार लगा चुका है। लेकिन उसे अब भी न्याय का इंतजार है। newstrack.com ने बुधवार को इस खबर को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद जनरल वीके सिंह ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। विक्टिम फैमिली को उम्मीद है कि मौजूदा सरकार उनके बेटे को जल्द ही घर वापस ले कर आएगी।

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गौरतलब है कि केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने पिछले दिनों ऑपरेशन संकटमोचन के तहत साउथ सुडान में फंसे करीब 300 भारतीयों में से 157 लोगों को एयरलिफ्ट किया था।
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https://www.youtube.com/watch?time_continue=1&v=EB5mRdEj1xs

क्या है पूरा मामला ?
-धर्मेंद्र फतेहपुर के थरियाव थाने के महोई गांव का रहने वाला है।
-धर्मेंद्र कुमार साल 2011 में सऊदी अरब नौकरी करने के लिए गया था।
-पर्रिजनों के अनुसार धर्मेंद्र वहां पाकिस्तानी ड्राइवर जावेद के साथ सह चालक के रूप में काम करने लगा।
-साल 2012 में पाकिस्तानी ड्राइवर जावेद से एक एक्सिडेंट हो गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
-जिसके बाद वहां की पुलिस ने जावेद को गिरफ्तार कर लॉकअप में डाल दिया।
-कुछ ही दिनों बाद गुनहगार जावेद को लॉकअप से बाहर निकलवा कर सह चालक धर्मेंद्र को सलाखों के पीछे डाल दिया गया।

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कोई नहीं कर रहा मदद, सिर्फ सब देते हैं आश्वासन
-परिजनों ने बताया कि पकिस्तान के जावेद ने एक्सिडेंट किया था और मेरे बेटे धर्मेंद्र को फंसा दिया गया।
-सऊदी अरब जाने के तीन साल बाद जब बेटे का फोन आया तो हमें इस बात की पूरी जानकारी हुई।
-परिजनों का कहना है कि हम चार साल से अपने बेटे की रिहाई के लिए सबसे से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन हमें सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
-धर्मेंद्र की बहन शिवानी का कहना है कि वह कई सालों से अपने भाई धर्मेंद्र की राह देख रेख रही है।
-वह अपने भाई की कलाई में राखी बांधना चाहती है, जिसके लिए वह सबसे गुहार लगा रही है कि उसके भाई को कोई वापस ला दे।

 

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