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Gonda News: पीडी बांध की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जा बरकरार, जिम्मेदार मौन
Gonda News: प्रदेश में जहां एक तरफ योगी सरकार ने समस्त सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने के सख्त निर्देश जारी करते हुए इस कार्य के लिए एंटी भू माफिया टास्क फोर्स का भी गठन भी किया है।
Gonda News: प्रदेश में जहां एक तरफ योगी सरकार ने समस्त सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने के सख्त निर्देश जारी करते हुए इस कार्य के लिए एंटी भू माफिया टास्क फोर्स का भी गठन भी किया है, तो वहीं दूसरी ओर सिंचाई विभाग की बेशकीमती करोड़ों रुपए की सरकारी भूमि कर्नलगंज-परसपुर धौरहरा बाँध पर अनेकों दबंग किस्म के व्यक्तियों ने बसस्टाप कर्नलगंज से बाबागंज के बीच तीन किलोमीटर तक बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा कर रखा है। जिसे अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा हटवाया नहीं गया है।
अवैध कब्जेदारों के हौंसले बुलंद
इससे सरकार की बेशकीमती भूमि अवैध कब्जे की शिकार है, वहीं अवैध कब्जेदारों के हौंसले बुलंद हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते दबंग लोग धौरहरा बांध को खत्म करने पर तुले हैं। वहीं सिंचाई विभाग बाढ़ कार्य खंड गोंडा के जिम्मेदार अधिकारियों व स्थानीय प्रशासन द्वारा जानबूझकर अवैध कब्जेदारों को संरक्षण देते हुए अतिक्रमण हटाने के नाम पर महज नोटिस देकर खानापूर्ति की जा रही है और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बेशकीमती जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा जारी
पूरा मामला कर्नलगंज बस स्टॉप से बाबागंज के बीच तीन किलोमीटर तक बंधे की बेशकीमती जमीन का है। इस संबंध में सितंबर माह में उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद बाढ़ कार्य खंड गोंडा के जिलाधिकारी ने अवैध कब्जेदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी कर पंद्रह दिन का समय दिया था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की निरंकुश कार्यशैली के चलते दबंग अवैध कब्जेदारों ने नोटिस की परवाह न करते हुए अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाया है और सिंचाई विभाग की करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा जारी है और अवैध कब्जेदारों के हौसले बुलंद हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से सिंचाई विभाग की करोड़ों रुपए की उक्त बेशकीमती सरकारी जमीन व अवैध कब्जा कर बनाए गए दुकानों व कमरों को दबंग अवैध कब्जेदार किराए पर देकर प्रति फीट के हिसाब से हर माह लाखों रुपए किराया वसूल रहे हैं। जिसे जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों व स्थानीय प्रशासन का अवैध कब्जेदारों को संरक्षण बताया जा रहा है।
अवैध कब्जेदारों को नोटिस भी जारी
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शासन, प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग, आयुक्त देवीपाटन मंडल, जिलाधिकारी गोंडा, उपजिलाधिकारी कर्नलगंज व अन्य उच्चाधिकारियों द्वारा कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को उक्त बांध से समस्त अवैध अतिक्रमण हटाने तथा अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर क्षतिपूर्ति वसूलने की विधिक कार्रवाई करने का निर्देश व निर्देश दिया जा चुका है और विभाग द्वारा कई बार अवैध कब्जेदारों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है, लेकिन जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों व स्थानीय प्रशासन द्वारा अभी तक उक्त परसपुर-धौरहरा बांध से समस्त अवैध अतिक्रमण व निर्माण नहीं हटाया गया है, जिसके कारण दबंग अवैध कब्जेदारों के हौसले बुलंद हैं।
वहीं, योगी सरकार का सरकारी जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने का आदेश भी बेअसर साबित हो रहा है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग व स्थानीय प्रशासन करोड़ों की इस बेशकीमती सरकारी जमीन को दबंगों के अवैध कब्जे से मुक्त करा पाता है या नहीं।