CM योगी की अपील का असर: श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बाद गोरखनाथ मंदिर में लाउडस्पीकर की आवाज हुई धीमी

यह पहल मुख्यमंत्री के उस निर्देश के बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने धार्मिक आयोजनों और धार्मिक स्थलों में शांति बनाए रखने के लिए बिना अनुमति कोई धार्मिक जुलूस नहीं निकाला जाना चाहिए।

Rahul Singh Rajpoot
Written By Rahul Singh RajpootPublished By aman
Published on: 21 April 2022 1:55 PM GMT
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गोरखनाथ मंदिर

Effect of CM Yogi Appeal: देश के कई राज्यों में लाउडस्पीकर (Loudspeaker) को लेकर मचे बवाल के बीच उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द की एक मिसाल पेश की है। सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अपील पर सबसे पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janmabhoomi) से लाउडस्पीकर हटाया गया। उसके बाद अब गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Temple) परिसर के लाउडस्पीकर की आवाज को भी धीमी कर दिया गया है।

बता दें कि, यह पहल मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के उस निर्देश के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने सभी धार्मिक आयोजनों और धार्मिक स्थलों में शांति बनाए रखने के लिए बिना अनुमति कोई भी धार्मिक जुलूस नहीं निकाला जाना चाहिए। सीएम योगी ने कहा था, कि ऐसे आयोजन से बचना चाहिए, जिससे प्रमुख स्थलों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से दूसरों को असुविधा हो।

क्या कहा सीएम योगी ने?

गौरतलब है, कि कुछ राज्यों में त्योहारों के दौरान हिंसा की घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह निर्देश काफी महत्वपूर्ण है। जिसमें कहा गया है, कि सभी लोगों को अपनी धार्मिक विचारधारा के अनुसार अपनी उपासना पद्धति को मानने की स्वतंत्रता है। जिसके लिए माइक और साउंड सिस्टम का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस प्रकार की आवाज उस धार्मिक परिसर से बाहर न जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश का हो रहा पालन

यूपी के मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में मंदिर, मस्जिद सहित अन्य धार्मिक स्थलों में इस निर्देश का अनुपालन किया जा रहा है। बता दें, कि आने वाले दिनों में कई पर्व और धार्मिक आयोजन होने हैं। इस परिप्रेक्ष्य में राज्य पुलिस को अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है। ताजा निर्देश जारी होने के बाद कई जिलों में धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों ने स्वयं ही लाउड्स्पीकर या तो हटा लिए हैं या उनकी आवाज धीमी कर ली है।

श्रीकृष्ण जन्म स्थान मंदिर ने बंद किया लाउडस्पीकर

इसी क्रम में एक बड़ा प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्म स्थान मंदिर प्रबंधन ने जन्मस्थान पर लगे लाउडस्पीकर बंद कर दिए हैं। इस मंदिर परिसर में स्थित भागवत भवन के शिखर पर लाउडस्पीकर लगे हैं। यहां हर दिन करीब एक से डेढ़ घंटे तक मंगलाचरण और विष्णु सहस्त्रनाम बजाए जाते थे। इससे ही दिन की शुरुआत होती थी। अब इसे रोक दिया गया है।

गोरखनाथ मंदिर में भी आवाज होगी धीमी

गोरखनाथ मंदिर में भी मंदिर परिसर में लगे लाउड्स्पीकर की आवाज धीमी कर दी गई है। साथ ही, उन्हें बाजार, सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की ओर से हटा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, कानपुर, लखनऊ, नोएडा व अन्य शहरों में भी धार्मिक स्थलों पर लगे लाउड्स्पीकर या तो हटा लिए गए हैं, या उनकी आवाज इतनी धीमी कर दी है। ताकि वह परिसर के बाहर सुनाई न दे।

आयोजक से लें शपथ पत्र

मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट करके यह स्पष्ट कहा था कि 'कोई शोभायात्रा/धार्मिक जुलूस बिना विधिवत अनुमति के न निकाली जाए। अनुमति से पूर्व आयोजक से शांति-सौहार्द कायम रखने के संबंध में शपथ पत्र लिया जाए। अनुमति केवल उन्हीं धार्मिक जुलूसों को दिया जाए, जो पारंपरिक हों, नए आयोजनों को अनावश्यक अनुमति न दी जाए।'

निर्देश का सबने किया स्वागत

इस निर्देश का सभी धर्मों और आस्था का पालन करने वाले लोगों ने स्वागत किया है। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पर लगातार बना हुआ नियंत्रण प्रदेश सरकार की बड़ी उपलब्धि है। इस दिशा में मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की "ज़ीरो टोलेरन्स" की नीति के अनुसार, शांति व्यवस्था को भंग करने के किसी भी प्रकार के प्रयास करने वालों पर कड़ी कार्यवाई की जाती है। मुख्य मंत्री की ओर से संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि गाइडलाइन का पालन न करवाने पर दोषी अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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अमन कुमार - बिहार से हूं। दिल्ली में पत्रकारिता की पढ़ाई और आकशवाणी से शुरू हुआ सफर जारी है। राजनीति, अर्थव्यवस्था और कोर्ट की ख़बरों में बेहद रुचि। दिल्ली के रास्ते लखनऊ में कदम आज भी बढ़ रहे। बिहार, यूपी, दिल्ली, हरियाणा सहित कई राज्यों के लिए डेस्क का अनुभव। प्रिंट, रेडियो, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया चारों प्लेटफॉर्म पर काम। फिल्म और फीचर लेखन के साथ फोटोग्राफी का शौक।

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