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Gorakhpur News: चुनाव में कच्ची शराब की बढ़ी खपत, आबकारी विभाग की छापेमारी का असर नहीं

Gorakhpur News: वहीं झंगहा के पुलिस चौकी के सामने कटहरिया में कच्ची शराब का बड़ा ठिकाना बताया जा है। यहां जब छापेमारी हो रही है। तब शराब मिलती है।

Purnima Srivastava
Published on: 20 May 2024 4:31 PM GMT
Consumption of raw liquor increased in elections, Excise department raids have no effect
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चुनाव में कच्ची शराब की बढ़ी खपत, आबकारी विभाग की छापेमारी का असर नहीं: Photo- Newstrack

Gorakhpur News: पिछले एक महीने में गोरखपुर जिले के आबकारी विभाग ने अलग-अलग मामलों में 20 से अधिक केस दर्ज किया है, लेकिन कहीं अंकुश नहीं लग रहा है। इतना ही नहीं आबकारी विभाग कच्ची शराब पर अंकुश के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी से लेकर भट्ठा मालिकों का सहयोग ले रहा है। प्रशासन की तरफ से प्रधानों को संदेश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में कच्ची के ठिकानों को लेकर खुफिया जानकारी दें।

इसी के साथ ईंट-भट्ठा मालिकों को निर्देश है कि भट्ठे पर कच्ची शराब बनती दिखी तो भट्ठा मालिक पर मुकदमा दर्ज होगा। चौरीचौरी के इब्राहिमपुर ढोलहा में कच्ची कई डिस्टलरी है। वहीं झंगहा के पुलिस चौकी के सामने कटहरिया में कच्ची शराब का बड़ा ठिकाना बताया जा है। यहां जब छापेमारी हो रही है। तब शराब मिलती है। एक कारोबारी का कहना है कि कच्ची का एक पाऊच 20 रुपये में मिल जाता है। जबकि देशी शराब की एक शीशी 50 रुपये में मिल रही है।

लगातार छापेमारी कर सफलता हासिल करने वाले आबकारी विभाग के जिम्मेदार कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं। कच्ची शराब की अवैध डिस्टलरियों से आबकारी विभाग को हर साल करोड़ों रुपये का झटका लग रहा है। आबकारी विभाग इस क्षति को पूरा करने के लिए लाइसेंसी ठेकेदारों से 25 डिग्री की शराब के बजाए 36 डिग्री की तीव्रता वाली शराब की बिक्री के लिए प्रेरित कर रहा है।

जहां छापेमारी वहीं बरामदगी

चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद 12 अप्रैल को आबकारी की संयुक्त टीम ने हाबर्ट बंधा के पास छापा मारा। 45 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। एक गिरफ्तारी के बाद केस दर्ज हुआ। वहीं 8 मई को फिर राजघाट के अरुतानी में छापा मार कर 65 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। 40 कुंतल लहन नष्ट हुई। तीन अभियोग दर्ज हुआ। आबकारी की टीम ने 12 अप्रैल को हाबर्ट बंधा के पास छापेमारी की तो चंद मीटर दूर अमरुतानी में 8 मई को छापेमारी हुई। चुनाव जितना नजदीक है, बरामद हुई कच्ची शराब की मात्रा बढ़ गई है। दर्ज हुए केस में अभियुक्तों की संख्या भी बढ़ गई। चुनाव में कच्ची शराब पर प्रभावी अंकुश के लिए आबकारी की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

पिछले 30 दिन में आबकारी की टीम ने 40 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। हर बार उसे सफलता मिल रही है। पुलिस और आबकारी विभाग की अलग-अलग सख्ती के बाद भी शराब की भट्ठियां लगातार धधक रही हैं। ईंट-भट्ठे से लेकर नदी किनारे का रेता कच्ची शराब की मिनी डिस्टलरी का मुफीद ठिकाना बना हुआ है।

Shashi kant gautam

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