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शव को कंधा देने के लिए नहीं मिले लोग, गोवर्धन पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार

धर्म नगरी मथुरा में उस समय एक परिवार के सामने धर्म संकट खड़ा हो गया जब बुखार से हुई मौत की वजह से किसी ने भी शव को हाथ लगाने की जहमत तक नहीं उठाई और मृतक के परिवार के तीन लोगों के सामने शव उठाने तक की समस्या खड़ी हो गई।

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NetworkNewstrack Network NetworkMonikaPublished By Monika

Published on 23 April 2021 2:00 PM GMT

शव को कंधा देने के लिए नहीं मिले लोग, गोवर्धन पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
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गोवर्धन पुलिस ने की पीड़िता बेटी की मदद 

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मथुरा: धर्म नगरी मथुरा में उस समय एक परिवार के सामने धर्म संकट खड़ा हो गया जब बुखार से हुई मौत की वजह से किसी ने भी शव को हाथ लगाने की जहमत तक नहीं उठाई और मृतक के परिवार के तीन लोगों के सामने शव उठाने तक की समस्या खड़ी हो गई। ऐसे दौर में मृतक की बेटी ने भी वही किया जो मुसीबत में फंसे होने पर लोग आमतौर पर करते हैं। पीड़िता की बेटी गोवर्धन थाने पहुंची और उसने रोते रोते थाना इंस्पेक्टर प्रदीप यादव को आपबीती बताई ।

पीड़िता के मर्म को सुन थाना प्रभारी ने इस संकट के दौर में वो भूमिका निभाई दो आज के संकट भरे दौर में लोग धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर्स से उम्मीद कर रहे हैं। कुछ भगवान के चोले में जिंदगियों की साँसो को ब्लैक करने में लगे हुए है। पीड़िता की बेटी की बात सुन इंस्पेक्टर गोवर्धन प्रदीप कुमार ने जरा भी देर नहीं लगाई और अपने स्टाफ के साथ पहुंच वह कर दिया जिसकी उम्मीद खुद पीड़िता को नहीं थी । पुलिस के मानवीय चेहरे को देख मृतका के परिजनों के आंसू निकल आए, लेकिन मृतक की मौत और उसके हालात पर नहीं बल्कि पुलिस के उस मानवीय चेहरे के लिए जो आमतौर पर देखने को नहीं मिलते ।

एक परिवार की सहायता करने पहुंची गोवर्धन पुलिस

ये है मामला

दरअसल, करौली राजस्थान के रहने वाले शंकर लाल गर्ग अपनी पत्नी के साथ पिछले कुछ समय से रहकर गोवर्धन में ब्रजवास कर रहे थे । दम्पत्ति की एक बेटी है जिसकी शादी राजस्थान में ही हुई है। वह अपने पति के साथ राजिस्थान में ही रहती है। दम्पत्ति का बेटा न होने के कारण वह गोवर्धन में मथुरा रोड पर स्थित एक कॉलोनी के एक मकान में किराए पर रहकर अपना जीवन व्यतीत कर रहे है।तीन चार दिन से शंकर लाल गर्ग को बुखार आ रहा था । जिसकी दवाई शंकर लाल ले रहे थे । लेकिन शुक्रवार को उनका देहांत हो गया और उनकी पत्नी अकेली रह गई। मकान मालिक के अलावा अंतिम संस्कार के लिए उनकी मदद के लिए कोई आस पास से नहीं आया और अपने अपने घरों में अंदर जाकर बैठ गए। वहीं उनकी बेटी जब हेल्प के लिए गोवर्धन थाने पहुंची और रोते रोते अपनी पीड़ा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार को बताई। थाना प्रभारी द्वारा मानवता दिखाते हुए अपनी टीम के साथ पीड़िता के घर पहुंचे और टीम को साथ लेकर मृतक श्यामसुंदर गर्ग का अंतिम संस्कार कराया। मृतक के बेटी और दामाद ने गोवर्धन पुलिस का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। कहा कि गोवर्धन पुलिस की वजह से हमारे पिता जी का अंतिम संस्कार हुआ है। अगर हमारी हेल्प के लिये गोवर्धन पुलिस नहीं आती तो पता नहीं हमारे पिता जी का कैसे अंतिम संस्कार होता।

Monika

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