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हाथरस पीड़िता का सच: सामने आई दो मेडिकल रिपोर्ट, रेप पर हुआ ये बड़ा खुलासा

अलीगढ़ के अस्पताल की ओर से पीड़िता के मेडिको-लीगल निरीक्षण में प्राइवेट पार्ट में ‘कम्पलीट पेनिट्रेशन’, ‘गला दबाने’ और ‘मुंह बांधने’ का जिक्र था।

Shivani

ShivaniBy Shivani

Published on 5 Oct 2020 3:41 AM GMT

हाथरस पीड़िता का सच: सामने आई दो मेडिकल रिपोर्ट, रेप पर हुआ ये बड़ा खुलासा
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ये फोटो शनिवार की है जब राहुल और प्रियंका के साथ कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल युवती के परिवार से मिलने के अपने दूसरे प्रयास में हाथरस गया था।
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हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की दलित लड़की की मौत के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता की जांच रिपोर्ट में रेप की बात से इनकार किया गया तो लोगों को इसपर विश्वास नहीं हुआ। हालाँकि अब मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पीड़िता की दो मेडिकल रिपोर्ट सामने आ रही हैं। ख़ास बात ये हैं कि एक में पीड़िता के साथ रेप न होने तो दूसरे में रेप होने की बात कही गयी। ऐसे में दोनों में से सही रिपोर्ट कौन सी है, इसे लेकर भी शंका है।

पीड़िता के बयान वाला वीडियो हुआ वायरल

दरअसल, गैंग रेप के बाद पीड़िता की भयानक मौत को लेकर जब बवाल उठना शुरू हुआ तो पुलिस ने रेप की बात को नकार दिया। यहां तक की भाजपा नेता भी इस तरह की बयानबाजी देते नजर आये की रेप तो हुआ ही नहीं। जबकि पीड़िता की मौत से पहले तक जख्मी हालत में एक वीडियो सामने आया है, जिसमे वह कह रही है कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ। पीड़िता के बयान के आधार पर चार संदिग्धों को आरोपी बनाया गया।

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मेडिको-लीगल निरीक्षण में कहा गया प्राइवेट पार्ट में चोटे

बाद में अलीगढ़ के अस्पताल की ओर से पीड़िता के मेडिको-लीगल निरीक्षण में प्राइवेट पार्ट में ‘कम्पलीट पेनिट्रेशन’, ‘गला दबाने’ और ‘मुंह बांधने’ का जिक्र था। हालंकि एएमयू के ही जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) ने अपनी फाइनल ओपिनियन रिपोर्ट में फॉरेंसिक विश्लेषण का हवाला देते हुए इंटरकोर्स (संभोग) की संभावना को खारिज कर दिया।

ये भी पढ़ेंः BJP नेता को मारी गोलीः हत्या के बाद बंद का एलान, CM से लेकर DGP तक तलब

पीड़िता की दो मेडिकल रिपोर्ट्स में अलग अलग दावे

बता दें कि एएमयू की मेडिको लीगल केस रिपोर्ट 22 सितम्बर को आई, जिसमे यूपी पुलिस के उन दावों का भी खंडन कर दिया गया कि फॉरेंसिक जांच में रेप के कोई सबूत नहीं मिले। इसके पहले से यूपी एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा था कि पीड़िता के सैम्पल्स पर शुक्राणु/वीर्य नहीं पाए गए।

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फाइनल ओपिनियन रिपोर्ट में रेप की संभावना खारिज

वहीं जब एएमयू के जवाहर लाल मेडिकल कॉलेज के फॉरेन्सिक मेडिसिन डिपार्टमेंट ने अपनी रिपोर्ट दी तो कहा कि हमले के समय पीड़िता अपने होश में नहीं थी। उसकी मौत को लेकर कहा गया कि पीड़िता का दुपट्टे से गला दबाया गया था। कहा गया कि हत्या के इरादे से हमला किया गया था। JNMC की रिपोर्ट में वैजाइनल एरिया को दर्शाने वाले डायग्राम में कोई चोट की रिपोर्ट नहीं है।

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