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बिगड़ती गई नवजात जुड़वां की हालतः हंगामें के बाद हरकत में स्वास्थ्य विभाग

महिला जिला अस्पताल में विमला पत्नी रिंकू दाउदनगर निवासी ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है़। जन्म के बाद दोनों बच्चों का कम वजन होने के चलते उन्हें पुरानी बिल्डिंग के बर्न वार्ड के ऊपर बने बच्चों की बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया था।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 31 Oct 2020 12:36 PM GMT

बिगड़ती गई नवजात जुड़वां की हालतः हंगामें के बाद हरकत में स्वास्थ्य विभाग
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बिगड़ती गई नवजात जुड़वां की हालतः हंगामें के बाद हरकत में स्वास्थ्य विभाग (Photo by social media)
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रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में तीन दिन पूर्व दो नवजात बच्चों का जन्म हुआ। एकाएक नवजात की हालत बिगड़ गई, बच्चों के नाक से खून आना शुरू हो गया। इसके बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया, चीख चिल्लाहट के बाद डाक्टरों ने चुप्पी तोड़ी कि बच्चों को तो तीन दिन पहले ही रेफर किया जा चुका है़।

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महिला जिला अस्पताल में विमला पत्नी रिंकू दाउदनगर निवासी ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है़। जन्म के बाद दोनों बच्चों का कम वजन होने के चलते उन्हें पुरानी बिल्डिंग के बर्न वार्ड के ऊपर बने बच्चों की बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया था। जहां उन्हें लगातार ऑक्सीजन दिया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि उन्हें लगातार प्राइवेट में ले जाने की सलाह दी जा रही थी। आज दोनों बच्चों के नाक से ब्लड आना शुरू हुआ जिसके बाद परिजनों ने हंगामा काटा और रोना-पीटना शुरू किया।

raebareli-matter raebareli-matter (Photo by social media)

3 दिन पहले ही दोनों बच्चों को नई बिल्डिंग अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए रेफर किया गया है

स्टाफ नर्सों ने बताया कि 3 दिन पहले ही दोनों बच्चों को नई बिल्डिंग अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए रेफर किया गया है। वही तीन दिनों तक परिजनों को इसकी जानकारी नहीं दी गई जब आज बच्चों की हालत नाजुक हो गई तो डॉक्टर ने बताया क्यों नहीं लेकर गए 3 दिन पहले रेफर किया जा चुका है। सवाल यह उठता है कि आखिर परिजनों को यह जानकारी क्यों नहीं दी गई? जिसके चलते आज बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है, इससे डॉक्टरों व स्टाफ की लापरवाही साफ उजागर होती है।

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अस्पताल सीएमएस एनके श्रीवास्तव का कहना है कि बच्चों को 3 दिन पहले रेफर कर दिया गया था लेकिन नई बिल्डिंग में मशीन खाली होने की वजह से उन्हें वहां शिफ्ट नहीं किया गया।

नरेन्द्र सिंह, रायबरेली

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