×

आशुतोष टंडन बोले- बायोमेडिकल सिस्टम का पालन करें लोग, तो देश हो सकता है स्वच्छ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान में बायोमेडिकल वेस्ट मैनजमेंट सिस्टम का अहम रोल हो सकता है। बायोमेडिकल का प्रयोग कर देश और प्रदेश को स्वच्छ करने का प्रयास यूपी के छात्रों ने भी शुरू कर दिया है। पीएम मोदी के देश को स्वच्छ करने के सपने को सच करने का कार्य राजधानी के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) कर रहा है।

priyankajoshi

priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 21 Sep 2017 1:22 PM GMT

आशुतोष टंडन बोले- बायोमेडिकल सिस्टम का पालन करें लोग, तो देश हो सकता है स्वच्छ
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान में बायोमेडिकल वेस्ट मैनजमेंट सिस्टम का अहम रोल हो सकता है। बायोमेडिकल का प्रयोग कर देश और प्रदेश को स्वच्छ करने का प्रयास यूपी के छात्रों ने भी शुरू कर दिया है। पीएम मोदी के देश को स्वच्छ करने के सपने को सच करने का कार्य राजधानी के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) कर रहा है।

एक सितंबर से केजीएमयू में चल रहे स्वच्छता पखवाड़े का गुरुवार (21 सितंबर) को समापना हो गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि केजीएमयू का बायोमेडिकल वेस्ट सिस्टम मैनजमेंट एक रोल मॉडल है जिसका अनुकरण देश और प्रदेश के अन्य संस्थानों को भी करना चाहिए।

इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन को इस तरह के प्रोग्राम होने से काफी लाभ मिलता है। प्रतिभावान छात्रों की कला के बारे में जानकर लोगों के बीच उनका प्रयोग करने की भागीदारी भी हो जाती है।

बायोमेडिकल वेस्ट मैनजमेंट सिस्टम को जानें

भारत सरकार ने वर्ष 1998 में बायोमेडिकल वेस्ट नियम को पारित किया है। इसके मद्देनजर कूड़े को खुले में फेंकने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है। कूड़े को आधुनिक मशीनों का प्रयोग करने पर बल दिया गया है।

स्वच्छता के मुद्दे पर छात्रों के बीच हुई प्रतियोगिता

एक सितबंर से केजीएमयू में चल रहे स्वच्छता पखवाड़े में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम होने के साथ प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। केजीएमयू के पर्यावरण इकाई के द्वारा संस्थान के कई विभागों, वार्डों और छात्रावासों में स्वच्छता को लेकर कई कार्यक्रम हुए। स्वच्छता विषय को लेकर स्लोगन और निबंध की प्रतियोगिओं में जीतने वाले छात्रों को पुरस्कार दिया गया।

रहन-सहन में करें सुधार

केजीएमयू के कुलपति प्रो एम एलबी भट्ट ने कहा कि हमें अगर रोगों से दूर रहना है तो इसके लिए अपनी रहन-सहन में सुधार करने की जरूरत है। स्वच्छता को हमें पूरी तरह अपनाना होगा। उन्होंने छात्रों को बताया कि स्वच्छता का अनुसरण करने से जीवन में हर कार्य में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। क्योंकि स्वच्छ शरीर में ही तेज दिमाग कार्य करता है।

priyankajoshi

priyankajoshi

इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

Next Story