रामपुर के उर्दू गेट के ध्वस्तीकरण पर जवाब तलब, 25 को होगी सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट उर्दू गेट व अन्य निर्माणों के ध्वस्तीकरण कार्यवाही के खिलाफ याचिका पर राज्य सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है।

फ़ाइल फोटो

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प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट उर्दू गेट व अन्य निर्माणों के ध्वस्तीकरण कार्यवाही के खिलाफ याचिका पर राज्य सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 29 मार्च को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति पी.के.एस.बघेल तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खण्डपीठ ने विक्की कुमार की जनहित याचिका पर दिया है।

याची अधिवक्ता इमरानुल्ला खान का कहना है कि सरकारी योजना के तहत कार्यदायी संस्थाओं द्वारा निर्माण कराया गया था। बिना नोटिस दिये उसे ढहा दिया गया। किस कानून के तहत कार्यवाही की गयी इसकी भी जानकारी नहीं दी गयी है। उर्दू गेट व अन्य सरकारी निर्माणों को ढहाने से सरकारी धन की बर्बादी की गयी है।

इसकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। दूसरी तरफ पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला व पत्नी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग में दाखिल याचिका की सुनवाई नहीं हो सकी, अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी। याचिका न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खण्डपीठ के समक्ष लगी थी। समयाभाव के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। इसकी जानकारी याची के अधिवक्ता इमरानुल्ला खां ने दी है।

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