हाईकोर्ट ने पूछा, प्रदेश में क्यों नहीं है जीएसटी अधिकरण

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व जीएसटी काउंसिल से पूछा है कि अधिनियम के तहत प्रदेश में जीएसटी अधिकरण गठित करने के संबंध में क्या कदम उठाये गये है? कोर्ट ने 28 फरवरी को राज्य के किसी जिम्मेदार अधिकारी व जीएसटी काउंसिल को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है।

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व जीएसटी काउंसिल से पूछा है कि अधिनियम के तहत प्रदेश में जीएसटी अधिकरण गठित करने के संबंध में क्या कदम उठाये गये है? कोर्ट ने 28 फरवरी को राज्य के किसी जिम्मेदार अधिकारी व जीएसटी काउंसिल को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति भारती सप्रू तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खण्डपीठ ने मे.ठोर्क फार्मास्यूटिकल प्रो.लि. कंपनी की याचिका पर दिया है। याची अधिवक्ता निशान्त मिश्र का कहना है कि कानून के तहत राज्य सरकार की धारा 109 के तहत संस्तुति पर केन्द्र सरकार प्रदेश की जीएसटी अधिकरण का गठन करेगी किन्तु अभी तक प्रदेश का अधिकरण गठित नहीं किया जा सका है।

कोर्ट ने काउंसिल व राज्य सरकार के अधिवकता से जानना चाहा कि इस संबंध में क्या कार्यवाही की की गयी है जिसकी कोई जानकारी न मिल पाने पर कोर्ट ने अधिकारियों को तलब किया है। कोर्ट आदेश का पालन कराने के लिए काउंसिल के अधिवक्ता ओम प्रकाश श्रीवास्तव व राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता निमाई दास को आदेश की प्रति दी गयी है। याचिका की सुनवाई 28 फरवरी को होगी।

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