इलाहाबाद को प्रयागराज करने को चुनौती याचिका की सुनवाई जारी, रिकार्ड तलब

इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने की सरकारी अधिसूचना की वैधता की चुनौती याचिका की सुनवाई जारी है। अगली सुनवाई चार दिसंबर को होगी। कोर्ट ने नाम बदलने की कार्यवाही को देखने के लिए पत्रावली तलब की है।

Published by Rishi Published: November 30, 2018 | 8:47 pm

प्रयागराज : इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने की सरकारी अधिसूचना की वैधता की चुनौती याचिका की सुनवाई जारी है। अगली सुनवाई चार दिसंबर को होगी। कोर्ट ने नाम बदलने की कार्यवाही को देखने के लिए पत्रावली तलब की है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति वाई.के.श्रीवास्तव की खण्डपीठ ने इलाहाबाद हेरिटेज सोसायटी की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

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याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता शशिनंदन, वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश नारायण शर्मा, एस.एफ.ए.नकवी व वी.सी.श्रीवास्तव, राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल, ए.के.गोयल ने बहस की। याची अधिवक्ता का कहना है कि राजस्व संहिता की धारा 6 (2) के तहत नाम बदलने की अधिसूचना जारी की गयी है। ऐसा करने से पूर्व विहित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

नागरिकों के एक ग्रुप को खुश करने के लिए मनमाने तौर पर शहर का नाम बदल दिया गया। जिससे गंगा यमुनी तहजीब को नुकसान पहुंच रहा है। अपर महाधिवक्ता का कहना है कि धारा 5 के परन्तुक में राज्य सरकार को नाम बदलने का अधिकार है। एरिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में आपत्ति लेने की प्रक्रिया अपनाने की जरूरत नहीं है। प्रयाग के पौराणिक महत्व व जनता की वर्षाें की मांग को देखते हुए कमेटी के प्रस्ताव पर सरकार ने नियमानुसार निर्णय लिया है। याचिका की सुनवाई चार दिसम्बर को होगी।

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कोर्ट के आदेश के विपरीत दबंग रोक रहे सड़क

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झूंसी स्थित हवेलिया में काली मंदिर के सामने गाटा सं.112 से 109 में जाने वाली सड़क को अवरोध करने पर रोकने का आदेश दिया। एसडीएम के निर्देश के बावजूद सड़क को दीवाल बनाकर रोका जा रहा है। झूंसी थाने की पुलिस की आंख के नीचे हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना हो रही है। अधिवक्ता अनिल पाण्डेय सहित गांव के सभी लोगों ने अवैध निर्माण हटाने की एसडीएम से शिकायत की है। एसडीएम ने थाने को अवैध निर्माण न होने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद दबंगों ने दीवाल बनाकर सड़क रोक दी है।