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कमलेश के दस्तखत मिलाने से लैब का इनकार, मिल सकती है NSA में राहत

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RishiBy Rishi

Published on 13 July 2016 7:10 PM GMT

कमलेश के दस्तखत मिलाने से लैब का इनकार, मिल सकती है NSA में राहत
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लखनऊः हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने के मामले में बुधवार को यूपी सरकार को जोरदार झटका लगा है। राजधानी के महानगर स्थित फोरेंसिक साइंस लैब ने कमलेश की ओर से कथित तौर पर जारी प्रेस नोट की फोटोस्टेट कॉपी में दस्तखत का कमलेश के दस्तखत से मिलान करने से मना कर दिया है। लैब का कहना है कि फोटोस्टेट कॉपी के दस्तखत से असली दस्तखत नहीं मिलाया जा सकता।

कमलेश को मिल सकती है राहत

-लखनऊ के डीएम ने हाईकोर्ट को बताया कि लैब ने दस्तखतों का मिलान करने से इनकार किया है।

-कमलेश पहले ही कह चुके हैं कि प्रेस नोट उन्होंने जारी नहीं किया था।

-प्रेस नोट में पैगंबर मोहम्मद के बारे में आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं।

-समुदाय विशेष की भावनाएं आहत करने पर कमलेश को एनएसए के तहत जेल भेजा गया था।

-लखनऊ पुलिस कह चुकी है कि मूल प्रेस नोट नष्ट हो चुका है।

-ऐसे में कमलेश को जस्टिस अजय लांबा औऱ जस्टिस आरएन मिश्र द्वितीय की बेंच से राहत मिल सकती है।

दो सिपाहियों को उम्रकैद

-लखनऊ के गाजीपुर में 25 साल पहले युवक की हत्या करने वाले दो सिपाहियों को उम्रकैद।

-एडिशनल सेशन जज रमेश कुमार यादव ने सिपाहियों पर 50-50 हजार का जुर्माना बी लगाया।

-कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा देने वाले अगर ऐसा करें तो कोई नरमी नहीं बरती जा सकती।

-12 फरवरी 1991 को महादेव नाम के युवक की सरकारी रायफल से गोली चलाकर की थी हत्या।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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