अब हाउसिंग बोर्ड भी अवैध निर्माण पर चलाएगा बुलडोजर

आवास एवं विकास परिषद एलडीए के तर्ज पर अवैध निर्माण को सील करने की कार्यवाही कर सकेगा, परिषद् की इंदिरानगर, राजाजीपुरम सहित परिषद की विभिन्न योजनाओं में अनाधिकृत निर्माण पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर लिया है।

लखनऊ: आवास एवं विकास परिषद एलडीए के तर्ज पर अवैध निर्माण को सील करने की कार्यवाही कर सकेगा, परिषद् की इंदिरानगर, राजाजीपुरम सहित परिषद की विभिन्न योजनाओं में अनाधिकृत निर्माण पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर लिया है।

बुधवार को बोर्ड बैठक में धारा 82 में संशोधन कर अनुमति प्रदान क र दी है। अभी तक एलडीए की पावर ट्रांसफर से अफसर कार्रवाई करते थे, लेकिन अब स्वयं परिषद अवैध और बिना परिषद की अनुमति से बन रहे निर्माण पर बुल्डोजर चला सकेगा।

बुधवार को उप्र आवास एवं विकास परिषद की बोर्ड बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष दीपक कुमार ने की। बोर्ड बैठक में आवास विकास परिषद ने जनता को परिषद की प्रत्येक योजनाओं में आवासीय एवं अनावासीय संपत्तियों की धनराशि एकमुश्त जमा करने पर 5 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया गया है।

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बोर्ड बैठक में लिया गया ये फैसला

बोर्ड बैठक के निर्णयों को प्रेस कांफ्रेंस में अपर आवास आयुक्त एवं सचिव विशाल भारद्वाज ने बताया कि आवास एंव विकास परिषद ने तोहफा देते हुए परिषद की योजनाओं में आवासीय भवन लेने के दौरान एकमुश्त धनराशि दो महीनें में जमा करने पर 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

अभी तक यह छूट परिषद द्वारा 2 प्रतिशत ही दी जा रही थी। गाजियाबाद मेें पीपीपी माडल पर स्पोट्र्स क युनिटी फैसिल्टी को विकसित किया जाएगा। वहीं अवैध निर्माण पर परिषद को एलडीए की शक्तियों की जरूरत नहीं पडग़ी। परिषद को अधिनियम में संशोधन कर कार्रवाई के अधिकार को अनुमति मिलेगी।

विशाल भारद्वाज ने बताया कि यह फैसला एलडीए को देखते हुए किया गया है। परिषद ने भी 60 दिनों में आवंटी द्वारा संपूर्ण धनराशि जमा करने पर 5 प्रतिशत की छूट का लाभ उठा सकेगा।

अभी तक परिषद द्वारा मात्र 2 प्रतिशत की छूट दिया जा रहा था। यही नहीं अवध विहार और वृंदावन योजना को जोडऩे वाली रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण की अनुमति दे दी है। बोर्ड की इस निर्णय से दोनों योजनाओं में रहने वाले हजारों आवंटियों को सुविधा होगी।

वहीं गाजियाबाद के सेक्टर 7 मेें वसुंधरा योजना में पीपीपी मांडल एवं क यूनिटी फैसिल्टी के निर्माण की सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी गयी है। यह इस क्षेत्र में लोगों की सुविधा देखते हुए बनाया जा रहा है, जिससे योजना के आवंटियों को भरपूर लाभ मिल सके।

वहीं बोर्ड बैठक में वृंदावन योजना सं या 1, 2, 3 और 4 में नियोजित समिति द्वारा अर्जन की गयी भूमि का प्रथम आवंटन दर से असुधार शुल्क लेने का निर्णय लिया गया है।

कर्मचारियों का मिलेगा बढ़ा भत्ता

परिषद के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दिए जा रहे स्थानीय भत्ता की धनराशि को बढ़ाया गया है। अब भत्ता 30 से बढ़ाकर 50 कर दिया गया है। यही नहीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों और कर्मचारियों को चिकित्सा खर्च प्रतिपूर्ति को अनुमति दी है। अब इन्हें इसकी सुविधा परिषद देगा, जो काफी अरसे से सेवानिवृत कर्मचारी मांग कर रहे थे।

इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

परिषद पायलेट प्रोजेक्ट की तरह लैंडपुलिंग स्कीम से जमीनें लेगा। शासनादेश 20 फरवरी 2019 के तहत निर्धारित नीति को स्वीकार्य करने का निर्णय लिया है।
वृंदावन योजना सं या 4 में ग्राम कल्ली पश्चिम में सिंचाई विभाग की भूमि को लिए जाने का प्रस्ताव को स्वीकार्य किया गया।

उत्तराखंड में संपत्तियों के निस्तारण पर रोक लगाए जाने के बाद दोनों राज्यों के मु य सचिव के बीच बैठक हुई सहमति में प्रस्ताव को अनुमति मिली।

गाजियाबाद की सिद्धार्थ विहार योजना के काश्तकारों की अधिग्रहीत भूमि को परिषद आवंटित 6 प्रतिशत विकसित भूखंडों में मिश्रित भू उपयोग के लिए विकास शुल्क लिए जाने का नि र्णय लिय है। मिश्रित उपयोग के लिए मानचित्र स्वीकृत करने क अनुमति दी गयी।

सेवानिवृत जेई को तैनात कर कर्मचारियों की कमी करेगा पूरा

परिषद में इंजीनियर्स और कर्मियों की कमी को पूरा करने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों और इंजीनियरों को रखकर पूरा किया जाएगा। इसके लिए कर्मियों को रखने की अनुमति परिषद ने दे दी है।

लिपिक, लेखा को 20-20 हजार और जेई को 25 हजार रुपए का मानदेय तय किया गया है। आवेदन करने वालों को परिषद की अगुवाई में बनाई जाने वाली कमेटी द्वारा किया जाएगा।

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