फ्रॉड: बेरोजगार नौजवानों को ई-बिज कंपनी ऐसे फंसाती थीं अपने जाल में

नोएडा:  नेटवर्किंग (एमएमसी) ई-बिज कंपनी यानी मनी सकुर्लेशन योजनाओं के माध्ययम से हजारों लोगों के साथ कई हजार करोड़ की धोखाधड़ी मामले में हैदराबाद पुलिस ने कंपनी के एमडी और उनके बेटे की गिरफ्तारी की।

इस गिरफ्तारी ने शहर में हड़कंप मचा दिया। दरअसल, यह कंपनी 2001 में नोएडा से शुरू की गई थी। कंपनी निदेशक पवन मल्हन पहले विदेश में रहकर इस तरह का व्यापार करता था।

इसकी शुरुआत उसने नोएडा से की। यहा लोगों को मैंबर बनाने के नाम पर यह धोखाधड़ी की गई।  बताया गया कि कंपनी में शहर के कई नामी गिनामी व्यापारियों का पैसा लगा है।

ऐसे में जांच के बादल उन पर मंडराने लगे है। अनुमान है कि आरोपी ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने इस मामले में अब तक एमडी व उनके बेटे की गिरफ्तार के साथ उनके खातों में जमा 389 करोड़ रुपए सीज कर दिए है।

साथ ही नोएडा के सेक्टर-63 स्थित कंपनी कार्यालय को भी सीज कर दिया है। कंपनी की स्थापना 2001 में नोएडा में हुई थी। पवन मल्हन कंपनी के एमडी हैं।

उनकी पत्नी अनीता मल्हन निदेशक और उनके बेटे हितिक मल्हन कंपनी के मामलों की देखरेख करते हैं। बताया गया कि कंपनी ने अधिकांश उन लोगों को इस ठगी का शिकार बनाया जो बेरोजगार थे।

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ऐसे होता था धोखाधड़ी का खेल

बताया गया कि एक बार जब कोई नया सदस्य 16,821 रुपये चुकाता है, तो उसे वेबसाइट तक पहुंचने के लिए लॉगिन और पासवर्ड मिलता है। जिसके बाद धोखाधड़ी का खेल होता था।

इससे पहले  भी पवन मल्हन केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क मामले में फंस चुके है। इस मामले में आरोपी को अदालती कार्यवाही के बाद बरी कर दिया गया था।

बहरहाल इस मामले में नोएडा के व्यापारियों में हलचल पैदा कर दी है। बताया गया कि कई नामी गिनामी लोग भी  इस खेल में शामिल थे। जांच के बाद जल्द ही इनके नामों का खुलासा कर गिरफ्तारियां हो सकती है।

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इन प्रदेशों के लोगों के साथ की धोखाधड़ी

कंपनी के जरिए इन लोगों ने हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, जम्मू और कश्मीर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक के लोगों का अपना शिकार बनाया।

जिनको मल्टीमार्केटिंग के नाम पर हजारों रुपए हड़प लिए। शहर में करीब 19 साल तक कंपनी ने अपना व्यापार किया। जिसमे लाखों लोगों को ठगी का शिकार बनाया। फिलहाल पुलिस अब इस सिंडीकेट को खोलने का काम कर रही है।

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