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इंडियन ऑयल कारपोरेशन को प्राधिकरण में जमा करने होंगे 56 करोड़ 59 लाख

इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड को उच्च न्यायालय ने एक बड़ा झटका दिया है। अदालत ने कारपोरेशन लिमिटेड को 56 करोड़ 59 लाख 19 हजार 263 रुपए प्राधिकरण के खाते में जमा करने का आदेश दिया है। यह रकम तीस दिन के अंदर प्राधिकरण के खाते में जमा करनी होगी।

Anoop Ojha

Anoop OjhaBy Anoop Ojha

Published on 18 Feb 2019 2:04 PM GMT

इंडियन ऑयल कारपोरेशन को प्राधिकरण में जमा करने होंगे 56 करोड़ 59 लाख
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नोएडा: इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड को उच्च न्यायालय ने एक बड़ा झटका दिया है। अदालत ने कारपोरेशन लिमिटेड को 56 करोड़ 59 लाख 19 हजार 263 रुपए प्राधिकरण के खाते में जमा करने का आदेश दिया है। यह रकम तीस दिन के अंदर प्राधिकरण के खाते में जमा करनी होगी। आदेश के तहत प्राधिकरण ने एक नोटिस तैयार कर इंडियन ऑयल कंपनी को भेज दिया है। यह बकाया प्राधिकरण की परिसंपत्तियों का किराया है। जिस पर कंपनी द्वारा पेट्रोल पंप संचालित किए जा रहे थे। लेकिन कंपनी ने सालों साल किराया जमा नहीं किया। यही नहीं कंपनी ने प्राधिकण की एक मुश्त योजना का लाभ तक नहीं लिया।

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प्राधिकरण ने निजी व्यक्तियों को अनुज्ञा पर परिसंपत्तियों को आवंटित किया है।प्राधिकरण इन आवंटियों से प्रतिमाह की दर से किराया वसूल करता है। इसमें शहर में संचालित हो रहे कई पेट्रोल पंप व आठ बैंक व अन्य कई व्यवसायिक दुकानें शामिल है। जिन पर कई सौ करोड़ रुपए बकाया है। इनसे बकाया वसूलने के लिए प्राधिकरण कई बार नोटिस जारी कर चुका है। यही नहीं साधारण ब्याज के लिए एक मुश्त समाधान योजना भी लाई गई। ऐसे में न तो नोटिस और न ही योजना का असर इन आवंटियों पर दिखा।

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इतना ही नहीं इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड ने अदालत में एक याचिका तक दायर कर दी। दायर याचिका पर उच्च न्यायालय ने प्राधिकरण से जवाब मांगा। ऐसे में प्राधिकरण के जवाब देने के साथ ही उच्च न्यायालय ने इंडियन ऑयल कारपोरेशन लि. को 56 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम प्राधिकरण के खाते में जमा कराने के आदेश दिए। यह आदेश 11 फरवरी को जारी किए। इस आदेश के साथ ही प्राधिकरण ऐसे बकायदार जिनको अनुज्ञा पर परिसंपत्तियों को आवंटित किया है उन पर सख्त रवैया अपनाने जा रहा है।

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एसबीआई को जमीन खाली करने का नोटिस

प्राधिकरण के परिसंपत्तियों पर देय धनराशि वापस नहीं मिलने पर बकायदारों से जमीन वापस लेने की कार्यवाही की जाएगी। इसकी शुरुआत परिसंपत्तियों में सबसे बड़े बकाएदार एसबीआई से की जा रही है। एसबीआई की सेक्टर-02 में शाखा है। यहा कुल 33 हजार स्क्वायर फीट स्थान है। जिस पर शाखा का संचालन किया जा रहा है। जिसमें हजारों उपभोक्ताओं के खाते है। इस परिसंपत्ति का एसबीआई पर 96 करोड़ 66 लाख 70 हजार 24 रुपए बकाया है। प्राधिकरण ने बकाया रकम जमा करने के लिए एसबीआई को कई बार नोटिस जारी किया। साथ ही साधारण ब्याज की दर से एक मुश्त समाधान योजना का विकल्प भी दिया गया।

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लेकिन एसबीआई ने बकाया रकम जमा नहीं की। लिहाजा अब प्राधिकरण एसबीआई को जमीन खाली करने का नोटिस भेज रही है। एसबीआई को स्थान खाली करने के लिए एक नियत समय दिया जाएगा। अन्यथा की स्थिति में नियनानुसार कार्यवाही भी की जाएगी। इससे पहले प्राधिकरण ने सेक्टर-51 स्थित हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कारपोर्रेशन लिमिटेड (पेट्रोल पंप) को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का निर्देश दिया था। पेट्रोल पंप पर प्राधिकरण का 16 करोड़ 10 लाख 79 हजार 906 रुपए बकाया था।

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शहर के बड़े बैंक बकाया राशि के साथ एक नजर में बैंक स्थान बकाया राशि

भारतीय स्टेट बैंक सेक्टर-02 96,66,70,024

कैनरा बैंक प्राधिकरण परिसर सेक्टर-06 12,19,94,956

ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स सेक्टर-20 4,33,14,252

यूको बैंक सेक्टर-03 27,91,57,064

सिंडीकेट बैंक सेक्टर-18 2,48,42,964

ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स फेस-2 62,44,954

विजया बैंक प्राधिकरण परिसर सेक्टर-06 1,67,93,465

पंजाब नेशनल बैंक सेक्टर-18 13,37,93,064

Anoop Ojha

Anoop Ojha

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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