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भूख के आगे बिकता बचपन: नशे का कारोबार करने को मजबूर हैं ये मासूम

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Published on 31 July 2016 2:01 PM GMT

भूख के आगे बिकता बचपन: नशे का कारोबार करने को मजबूर हैं ये मासूम
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Rahul Yadav Rahul Yadav

बहराइच: कहते हैं भूख से बड़ा कोई धर्म नहीं होता शायद इसी कारण अपना पेट भरने के लिए जिन मासूमों के हाथों में किताबें और खिलोने होने चाहिए उनकी जगह नशे का कारोबार है। इन बच्चों की मां ने भी अपने लाल के पेट की आग को बुझाने के लिए साधन न होने के कारण बच्चों को इस नशे के कारोबार के दलदल में जाने से रोकने के बजाए उन्हें इजाजत दे दी।

जी हां, हम बात कर रहे हैं रुपईडीहा के नेपालगंज रोड स्टेशन से बहराइच जाने वाली पैसेंजर ट्रेन की बोगियों में छापामारी के दौरान पकडे गए नौ बच्चों की। गौरतलब है कि शनिवार को भारत-नेपाल सीमा पर शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चल रहे पुलिस अभियान के तहत इन बच्चों को पकड़ा गया था। इनके पास से नेपाल की कई शराब की बोतलें बरामद हुई थीं।

इन मासूमों की उम्र महज 8 से 14 साल है। इन मासूमों ने ना तो कभी स्कूल का वो काला ब्लैकबोर्ड देखा और ना ही बस्ते में रखा पेंसिल बॉक्स और किताबें ही देखीं। जिस उम्र में आम घरों में रहने वाले बच्चे बाजार निकलने पर चॉकलेट और आइस्क्रीम की बात करते हैं, वहीं इन मासूमों के लिए ये सारी चीजें किसी सपने से कम नहीं हैं। पढने-लिखने, खेलने-कूदने और अठखेलियां करने की उम्र में पेट की आग ने इन मासूमों को नशीले पदार्थों का तस्कर बना दिया।

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मां ने कभी हमसे पढ़ने के लिए कहा ही नही

इन मासूमों में 6 साल का शनि कहता है कि हम पढ़ने कैसे जाएं। हमारी मां ने कभी हमसे पढ़ने के लिए कहा ही नही। शनि ने बताया कि उसके माता-पिता दोनों मजदूरी करते हैं, लेकिन रोज काम न मिलने के कारण हमें कभी-कभी भूखे रहना पड़ता है।

साल भर पहले और बच्चों के साथ मैं भी शराब लेकर नानपारा तक आया। जिसमें मेरी बीस रुपए की कमाई हुई। जिसमें से 15 रुपए ले जाकर जब मैंने अपनी मां को दिए तो वह बहुत खुश हो गई। उस दिन मां और पिता दोनों को ही मजदूरी का काम नहीं मिला था इसीलिए मेरे ही पैसे से कुछ खाने का इंतजाम किया गया।

आधा पैसा मां को देते हैं और आधे पैसे की पकौड़ी मटर खाकर पेट भरते हैं

नेपाल से शराब की तस्करी के मामले में पकड़े गए इन बच्चों का यह भी कहना है कि रेलवे पुलिस उनसे एक रुपए शराब की शीशी के हिसाब से रोजाना पैसे वसूलती है। Newztrack ने जब इन बच्चों से पूछा कि तुम बीस रुपए कमाते हो तो उसका क्या करते हो ? इस सवाल के जवाब में बच्चों का कहना है कि वह दस रुपए अपनी मां को दे देते हैं और बाकी दस रुपए की पकौड़ी मटर खाकर अपना पेट भर लेते हैं।

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