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IPS अमिताभ ने ज्‍वाइन की ड्यूटी, अभी नहीं मिला है कोई विभाग

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NewstrackBy Newstrack

Published on 12 May 2016 10:29 AM GMT

IPS अमिताभ ने ज्‍वाइन की ड्यूटी, अभी नहीं मिला है कोई विभाग
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लखनऊ: आठ महीनों ने सस्पेंड आईपीएस ऑफिसर अमिताभ ठाकुर ने गुरुवार को पुलिस हेड ऑफिस में ड्यूटी ज्वाइन कर ली। वो 12.30 पर ऑफिस पहुंचे और ज्वाइनिंग दी। ठाकुर के अनुसार उन्हें अभी कोई विभाग नहीं दिया गया है। ये आर्डर बाद में आएगा।

ठाकुर ने बताया कि प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा की तरफ से मिले लेटर कहा गया है कि उन्हें 11 अक्टूबर 2015 से पूरे वेतन के साथ बहाल किया जाता है। अपनी बहाली को उन्होंने न्याय की जीत बताया। बहाली आदेश में कहा गया है कि अमिताभ की तैनाती के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें... IPS ऑफिसर अमिताभ ठाकुर बहाल, CM अखिलेश को दी चुनौती भी की पूरी

अखिलेश को दी थी चुनौती

कैट और केंद्र से झटका मिलने के बाद भी राज्य सरकार ने अमिताभ को बहाल नहीं किया। इसके बाद अमिताभ ने सोशल मीडिया पर सीएम अखिलेश यादव को चुनौती दी थी कि वह अपने अधिकारों का जितना चाहे दुरुपयोग कर लें, लेकिन वो उनके मुख्यमंत्री रहते ही बहाल होकर दिखाएंगे।

कैट ने दिया था आदेश

केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की लखनऊ बेंच ने आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को 11 अक्टूबर 2015 से पूरे वेतन के साथ बहाल माने जाने का आदेश दिया था। कैट के इस आदेश से एक तरफ सरकार को झटका लगा था। हाल ही में उनके सस्पेंशन को केंद्र सरकार ने अवैध बताया था।

मुलायम के खिलाफ मोर्चा खोलने पर हुए थे सस्पेंड

-बताते चलें कि बीते साल 11 जुलाई को मुलायम सिंह यादव के खिलाफ थाने में तहरीर देने के 10 घंटे के अंदर ही उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था।

-उसी दिन गोमतीनगर थाने में उनके खिलाफ रेप और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया था।

इस तरह कैट में पहुंचा मामला

-केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 31 मार्च 2016 के आदेश से उनके निलंबन को 11 अक्टूबर 2015 से निरस्त कर चुकी हैं।

-लेकिन इसके बाद भी मंत्रालय ने आदेशों को दरकिनार करते हुए राज्य सरकार द्वारा उसी तारीख से निलंबन को 95 दिन बढ़ा दिया था।

-अमिताभ ने सरकार के इस फैसले को कैट के चुनौती दी।

कुछ इस प्रकार है बहाली का आदेश

प्रमुख सचिव गृह की तरफ से मिले आदेश में बताया गया है कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2016 को अमिताभ का निलंबन निरस्त कर दिया था जिस पर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की लखनऊ बेंच ने 25 अप्रैल 2016 ने भी अपनी मुहर लगाई थी। प्रदेश सरकार के आदेश के अनुसार केंद्र सरकार ने पुनः 26 अप्रैल को अमिताभ की बहाल करने के आदेश दिए, जिसके पालन में आज से उन्हें बहाल किया जाता है।

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